प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के आवाम में बाइस सालों के नवोदित राज्य में कई मुख्यमंत्री देखे जिनमें कुछ मुख्यमंत्रियों ने अपने कार्यकाल में अहंकार की राजनीति की और आवाम के दिलों में बसने का उन्होंने एक भी ऐसा काम नहीं किया जिससे राज्य की जनता उन्हें बेहतर मुख्यमंत्री के रूप में याद रख सके। उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचार व घोटालों का शोर हमेशा देश की जनता सुनती आ रही है और उन्हें इस बात को लेकर एक हैरानी रही कि आखिरकार क्या कारण है कि उत्तराखण्ड में कांग्रेस व भाजपा की पूर्व सरकारों में भ्रष्टाचार और घोटालों का तांडव होता रहा और राज्य की जनता इसमें पिसती चली गई। उत्तराखण्ड में जबसे युवा मुख्यमंत्री ने सत्ता संभाली है तो उन्होंने अपने आपको राज्य का मुखिया न समझकर सेवक मानकर सत्ता चलाने के लिए अपने कदम आगे बढाये हैं उससे राज्य की जनता के मन में एक आस जाग चुकी है कि युवा मुख्यमंत्री उन्हें बाइस सालों का वो दर्द भुला देंगे जो वह भ्रष्टाचार के कारण सहते आ रहे थे? मुख्यमंत्री की सादगी उत्तराखण्ड की जनता को भा रही है क्योंकि युवा मुख्यमंत्री कहीं पर भी अपना काफिला रूकवाकर आवाम के बीच हाथ जोडते हुए पहुंच जाते हैं और वह सरकार का फीडबैक लेने के लिए जब उनसे उनकी राय पूछते हैं तो वह यही विश्वास दिलाते हैं कि वह भी सरकार का हिस्सा हैं और सबको मिलकर उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाना है। मुख्यमंत्री एक बार फिर एक आम इसंान की तरह घंटाघर के समीप स्थित एमडीडीए कॉम्पलैक्स में हाथ जोडते हुए दाखिल हुये जहां उन्होंने वहां बैठे उत्तराखण्ड के भविष्य से सरकार का फीडबैक लिया और युवा पीढी ने जिस तरह से उनके साथ खुलकर फोटो खिचवाई वह दृश्य देखते ही बनता था कि किस तरह से मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के भविष्य के दिलों में धडक रहे हैं। युवाओं से मिलने के बाद मुख्यमंत्री राजधानी में सबसे पुरानी और मशहूर कुमार स्वीट शॉप में पहुंचे जहां उन्होंने हाथ जोडकर सबका अभिवादन किया और वहां उन्होंने चाय की चुस्कियां भी ली। कॉम्पलैक्स में मुख्यमंत्री का साधारण रूप देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गये कि काश ऐसा मुख्यमंत्री उन्हें पहले क्यों नहीं मिल गया जिसके चलते अब तक उनका राज्य विकास के पथ पर खूब दौड चुका होता।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सादगी किसी से छिपी नहीं है और वह राज्य को आदर्श राज्य बनाने के लिए जिस तेजी के साथ आगे बढते जा रहे हैं उससे राज्य की जनता अपने आपको सुरक्षित हाथों में महसूस कर रही है। युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शपथ लेने के बाद से ही यह संकल्प ले लिया था कि वह राज्य के मुख्य सेवक हैं और आवाम की सेवा और उन्हें सुरक्षा प्रदान करना उनका पहला धर्म है। मुख्यमंत्रीे को जब विधानसभा चुनाव से मात्र छह माह पूर्व सत्ता की कमान सौंपी गई थी तो उनका राजनीतिक भविष्य दांव पर लगा हुआ था कि अल्प कार्यकाल में मुख्यमंत्री कैसे राज्य के अन्दर भाजपा को सत्ता में ला पायेंगे क्योंकि उनके हाथों में ऐसी कोई जादू की छडी नहीं है जिससे वह राज्य मेंं साढे चार साल के उस कार्यकाल को भूल जायें जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार और घोटालों का तांडव सहा है। आवाम की इस सोच को राज्य के मुख्यमंत्री ने अपनी सादगी से बदल दिया और वह जिस तरह से आवाम के बीच एक आम इसंान की तरह उनके बीच जाकर उनका दर्द और उनके समारोह में शामिल होते रहे उससे राज्य की जनता यह समझ गई थी कि राज्य के मुख्यमंत्री सादगी के साथ ही सत्ता चलायेंगे और उनके राज में उन्हें कहीं भी भ्रष्टाचार के काले साये से नहीं जूझना पडेेगा। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री की सादगी और हमेशा हर इंसान के सामने उनके द्वारा हाथ जोडकर उनसे मिलना राज्यवासियों को एक सुखद आभास कराता आ रहा है और यही कारण है कि पुष्कर सिंह धामी ने छह माह के अन्दर राज्य की जनता में ऐसा जादू किया कि भाजपा को फिर सत्ता का सुख दे दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने अब तक के कार्यकाल में एक इंसान के सामने भी अहंकारी रूप धारण किया हो ऐसा देखने को नहीं मिला और वह जिस तरह से कभी चाय की, पकौडी की, मुंगफली की दुकानों में जाकर वहां मौजूद लोगों के साथ सरकार का फीडबैक लेने के लिए उनसे संवाद करते हुए नजर आये तो उससे युवाओं के दिल में पुष्कर सिंह धामी एक धडकन बन गये क्योंकि उनकी सादगी देखकर हर कोई यह कहने से नहीं चूकता कि अगर राज्य में ऐसा मुख्यमंत्री होगा तो उस राज्य को आदर्श राज्य बनाने से कोई नहीं रोक पायेगा। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री इन दिनों जोशीमठ को बचाने के लिए रात-दिन अंगद की तरह जोशीमठवासियों के साथ खडे हुये हैं जिसके चलते जोशीमठवासियों के मन में अफवाहों को लेकर जो डर पैदा हुआ था वह हवा-हवाई हो चुका है। बीती रात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अचानक अपना काफिला घंटाघर में स्थित एमडीडीए कॉम्पलैक्स ले गये और उन्होंने वहां मौजूद युवाओं के बीच जाकर हाथ जोडकर जिस तरह से उनका अभिनंदन किया और सरकार के बारे में फीडबैक लिया तो उत्तराखण्ड के भविष्य ने मुख्यमंत्री की दिल खोलकर प्रशंसा की और कहा कि वह सरकार के कामकाज से बेहद प्रसन्न हैं। युवाओं ने मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिचवाने की जिस तरह से होड दिखाई उससे साफ नजर आ गया कि पुष्कर सिंह धामी युवा पीढी की धडकनों में किस तरह से धडक रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कॉम्पलैक्स में राजधानी की सबसे प्राचीन और मशहूर कुमार स्वीट शॉप की ओर रूख किया जहां शॉप के मालिक नितिन कुमार ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया और उन्हें चाय के आमंत्रित किया तो सादगी से सत्ता चलाने वाले मुख्यमंत्री ने शॉप मालिक की बात मानते हुए वहां चाय की चुस्कियों के साथ सबको उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए लोहडी की बधाई देकर वहां से प्रस्थान किया। मुख्यमंत्री के इस रूप को देखकर कॉम्पलैक्स में मौजूद युवा पीढी गद्गद् दिखाई दी और कहा कि ऐसी सादगी वाले मुख्यमंत्री ही इतिहास रचते हैं।