पटवारी भर्ती परीक्षा लीक में चार गिरफ्तार

0
131

तीन दिन पूर्व पटवारी भर्ती परीक्षा के पेपर लीक होने के मामले में एसटीएफ ने राज्य लोक सेवा आयोग के अति गोपन अनुभाग अधिकारी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है जिनके पास से बीस लाख रूपये भी बरामद किये गये हैं।
देहरादून(संवाददाता)। हैरानी वाली बात है कि उत्तराखण्ड में पिछले लम्बे समय से यूकेएसएसएससी में हुई कई भर्तियां फर्जीवाडे से हुई थी और सरकार के मुखिया ने इन फर्जी भर्तियों की जांच एसटीएफ के हवाले की थी और एसटीएफ ने कई भर्तियों का राज जब बेनकाब किया तो उसमें कई बडे-बडे लोग बेनकाब हुये और एसटीएफ ने उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया था जिसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री ने खुला ऐलान किया था कि राज्य में होने वाली हर भर्ती प्रक्रिया को इतना अभेद बनाया जायेगा कि कोई भी उसमें सेंध लगाने का साहस नहीं कर पायेगा। लोक सेवा आयोग जिस पर सरकार को पूर्ण विश्वास था कि उनके द्वारा कराये जाने वाली परीक्षा में कोई भी सेंध नहीं लगा पायेगा लेकिन चंद दिन पूर्व पटवारी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने से लोक सेवा आयोग की पारदर्शिता व शुचिता पर भी सवाल उठने लगे हैं और इस मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई है जिसने पटवारी भर्ती में पेपर लीक करने वाले गुनाहगारों का खोजने का ऑपरेशन शुरू किया और चर्चा है कि एसटीएफ ने पेपर लीक के गुनाहगारों के चेहरे पहचान लिये हैं और ऐसी भी आशंका है कि आयोग का ही एक कर्मचारी नकल माफियाओं के साथ मिला हो सकता है जिसके चलते एक कर्मचारी को सम्भवत: एसटीएफ ने अपनी रडार पर ले रखा है और ऐसी भी सम्भावना है कि एसटीएफ कभी भी पेपर लीक मामले में शामिल कुछ गुनाहगारों को दबोचकर इस मामले से पर्दा हटा सकती है?
उल्लेखनीय है कि लोक सेवा आयोग ने रविवार को पटवारी भर्ती परीक्षा करवाई थी लेकिन एकाएक यह खबरें उफान पर आई कि भर्ती प्रक्रिया का पेपर लीक किया गया है इस खबर से लोक सेवा आयोग व शासन में हडकम्प मच गया और आनन-फानन में इस मामले की जांच एसटीएफ के हवाले कर दी गई। लोक सेवा आयोग द्वारा कराई गई पटवारी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने से लोक सेवा आयोग भी कटघरे में खडा हुआ नजर आ रहा है और बहस चल रही है कि आखिरकार वो नकल माफिया कौन है जिन्होंने सरकार को एक बार फिर चुनौती देते हुए पटवारी भर्ती का पेपर लीक करा दिया था? पटवारी भर्ती का पेपर लीक होने से एक बार फिर उत्तराखण्ड के युवाओं को गहरा आघात लगा है और यह सवाल खडे हो गये हैं कि जब राज्य के मुख्यमंत्री ने आयोगों द्वारा कराये जाने वाली परीक्षाओं को अभेद बनाने का वचन राज्य के युवाओं को दिया है तो फिर वो कौन माफिया हैं जो सरकार से भी अपने आपको बडा समझकर पेपर लीक करने का खेल खेल गये? इस पेपर लीक का मुकदमा हरिद्वार जिले के कनखल थाने में दर्ज कराया गया है और उसके बाद एसटीएफ ने इस पेपर लीक में अपनी जांच को तेजी के साथ आगे बढाना शुरू कर रखा है। चर्चा है कि इस भर्ती प्रक्रिया में पेपर लीक कराने में आयोग का ही कोई कर्मचारी शामिल हो सकता है? इसी को ध्यान में रखते हुए एसटीएफ सम्भवत: अपनी जांच को आगे बढा रही है और उन्होंने अपनी रडार पर कुछ संदिग्धों को ले रखा है और यह भी सम्भावना है कि एसटीएफ के हाथ कभी भी उन पर पहुंच सकते हैं जिसके चलते इस भर्ती में पेपर लीक करने वाले गुनाहगारों के चेहरे बेनकाब हो जायेंगे?

LEAVE A REPLY