जोशीमठ के लिए अंगद बने पुष्कर

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के युवा मुख्यमंत्री राज्य मंे आये किसी भी संकट के समय राज्यवासियों को अकेला नहीं छोडते और उनके साथ वह कंधे से कंधा मिलाकर संकट से युद्ध लडते हुए दिखाई देते हैं। चमोली के जोशीमठ में जबसे वहां होटलों, मकानों और सडकों पर बडी-बडी दरारें पडनी शुरू हुई हैं और वहां के हजारों नागरिकों के सामने अपने आशियाने बचाने का बडा संकट आ खडा हुआ और चौबीस घंटे वह भय के साये में जीने के लिए मजबूर हुये तो राज्य के मुख्यमंत्री ने जोशीमठवासियों को वचन दिया कि वह उनके साथ खडे हैं और इस संकट की धडी मंे वह उन्हें छोडकर कहीं नहीं जायेंगे और उनके पुर्नवास के साथ उनके खाने-पीने और कुछ सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री ने अपने कदम आगे बढाये उससे जोशीमठवासियों के मन में एक आशा दिखाई दे रही है कि उनके आशियानें उजडेंगे तो सरकार उन्हें विस्थापित कर उनका दर्द जरूर दूर करेगी। वहीं जोशीमठ में भीषण संकट को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री जोशीमठ के लिए अंगद बनकर खडे हो गये हैं और उन्होंने अपने सारे तंत्र को जिस तरह से जोशीमठ को बचाने के लिए ऑपरेशन शुरू किया है उससे मुख्यमंत्री राज्यवासियों के बीच ऐसे नेता बन गये हैं जो अपने वचन से पीछे नहीं हटते?
उत्तराखण्ड में बाइस सालों मंे दर्जनों बार दैवीय आपदा आई और बडे-बडे संकट से राज्य के लोगों को गुजरना पडा लेकिन कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल मंे आई दैवीय आपदाओं के दौरान उस समय के राज्य मुखिया ने आवाम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खडा होने के बजाए अपने आपको राज्य का मुखिया मानकर उस आपदा से लडने के लिए सिर्फ अपनी टीम को मैदान में उतारा था जिसके चलते राज्य की जनता प्रदेश के चंद पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल को अहंकार के रूप में आज भी पहचानती है? उत्तराखण्ड में चंद पूर्व मुख्यमंत्री किसी भी आपदा के दौरान सिर्फ औपचारिकता भर आवाम के साथ खडे हुए दिखाई देते थे जिसका परिणाम यह रहा कि राज्य की जनता ऐसे राजनेताओं से अपने को दूर करती चली गई और उन्होंने राज्य को जिस तरह से युवा मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी के रूप में देकर राज्य के विकास को आगे बढाने की जो इच्छा शक्ति पाली उसी का परिणाम है कि राज्य के मुख्यमंत्री प्रदेश में आने वाली हर छोटी-बडी आपदा में राज्यवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खडे होते रहे हैं। कुछ समय पूर्व अचानक जिस तरह से चमोली के जोशीमठ में होटलों, मकानों और सडकों में बडी-बडी दरारें आनी शुरू हुई तो उससे समूचा जोशीमठ सहम गया और वहां रहने वाले हजारों परिवारों के सामने अपने आपको सुरक्षित रखने की एक बडी चुनौती आ खडी हुई क्योंकि जिस इलाके को सरकार ने आपदा क्षेत्र घोषित किया वहां रहने वाले लोगों की आंखों में आंसू हैं कि उनके सामने ही उनके द्वारा खडे किये गये उनके आशियाने टूट जायेंगे। जोशीमठ में आये इस बडे संकट पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गम्भीर नजर आ रहे हैं और यही कारण है कि चंद दिन पूर्व राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने जोशीमठ में डेरा डाला और उन्होंने जिस तरह से घर-घर जाकर आवाम को सीने से लगाकर यह संदेश दिया कि सरकार इस संकट के काल में उनके साथ खडी हुई है और सरकार उन्हें विस्थापित तो करेगी साथ में उनके खाने-पीने का भी इंतजाम करने में सरकार पीछे नहीं हटेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जोशीमठ में अंगद बनकर जिस तरह से सारे सिस्टम को वहां के निवासियों को बचाने और उन्हें अस्थाई रूप से पुर्नवास करने के लिए आगे आ गई है वह यह बताने के लिए काफी है कि सरकार के मुखिया पुष्कर ंिसह धामी ने जोशीमठ को बचाने के लिए किस तरह से अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पुष्कर सिंह धामी ऐसे युवा नेता हैं जो कभी भी अपने राज्यवासियों को संकट मंे खडा हुआ पाकर उनके साथ अंगद की तरह खडे हो जाते हैं और यही कारण है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया है कि जोशीमठवासियों के लिए जो भी संभव होगा केन्द्र सरकार उन्हें हर सहायता देगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए मौजूदा दौर में सर्वप्रथम जोशीमठ को बचाने का एक बडा जज्बा देखने को मिल रहा है और वह लगातार वहां का फीडबैक ले रहे हैं और उनका साफ मानना है कि जोशीमठ में जो संकट आया है उसको देखते हुए सरकार और सिस्टम के लिए एक-एक मिनट कीमती है क्योंकि जोशीमठ को बचाना सरकार का पहला मिशन है और यही कारण है कि जोशीमठ के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अब तक अंगद बनकर उनके साथ खडे हुये दिखाई दे रहे हैं।

सखा पुष्कर को मोदी देंगे आर्थिक पैकेज!
चमोली के जोशीमठ में भूधसाव को लेकर वहां के हजारों परिवारों के सामने जब अपने आशियाने बचाने का बडा संकट आकर खडा हुआ तो राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ में जाकर खुद मोर्चा संभाला और वह आपदाग्रस्त इलाकों में काफी परिवारों का दर्द दूर करने के लिए पहुंचे और उन्होंने वहां रह रहे लोगों को आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ खडी है और उनका पुर्नवास करना सरकार की जिम्मेदारी है जिसे वह पूरी करेंगे। वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जोशीमठ के लिए हर सहायता देने का वचन दिया है तो जोशीमठवासियांे को आशा है कि पुष्कर सिंह धामी और नरेन्द्र मोदी उनके पुर्नवास की ओर जहां बडा फैसला लेंगे वहीं उन्हें आर्थिक सहायता भी मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अब केन्द्र से जोशीमठ के लिए आर्थिक पैकेज की मांग की है तो यह उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने सखा पुष्कर सिंह धामी को इस संकट काल से निकालने के लिए जोशीमठ के लिए एक बडे पैकेज की कभी भी घोषणा कर सकते हैं।

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