मुख्यमंत्री ने नौ नगर निकायों को प्रदान किये अटल निर्मल पुरस्कार

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देहरादून(संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में स्वच्छ सर्वेक्षण-2०22 में बेहतर प्रदर्शन करने वाले निर्मल नगरों को अटल निर्मल नगर पुरस्कार 2०23 से सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रदेश के ०9 निकायों को अटल निर्मल पुरस्कार एवं राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत ०5 निकायों को स्वच्छ गौरव सम्मान प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दून कैंट स्वच्छता चौपाल का लोगो लाँच भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर चार घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि अटल निर्मल नगर पुरस्कार की धनराशि ०1 करोड़ रूपये से बढ़ाकर ०2 करोड़ रूपये की जायेगी, कैंट बोर्ड को भी इसमें सम्मिलित करने के लिए जो प्रावधान होंगे, उसके अनुसार किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लाभार्थियों को भी आवास बन जाने के बाद सामान के लिए ०5-०5 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। उन्होंने कहा कि केदारनाथ, बद्रीनाथ एवं गंगोत्री में यात्राकाल के दौरान कार्य करने वाले पर्यावरण मित्रों को भोजन एवं गरम वर्दी के लिए अतिरिक्त मानदेय दिया जायेगा। केन्द्रीयत सेवा के कर्मचारियों के पेंशन देयकों के भुगतान हेतु राज्य वित्त आयोग से एक प्रतिशत की धनराशि उपलब्ध कराई जायेगी। मुख्यमंत्री ने अटल निर्मल नगर पुरस्कार के लिए चयनित नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायत के प्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2०22 में बेहतर प्रदर्शन कर इन निकायों ने राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पाकर हमारे प्रदेश का नाम रोशन किया है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2०22 में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर वर्ष 2०22-23 के लिए 9 निकायों का चयन होना उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निकाय प्रदेश के दर्पण हैं। हम अपने निकायों में कैसे और बेहतर कार्य कर सकते हैं, इस दिशा में निरन्तर प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 2०25 तक उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाने में निकायों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उत्तराखण्ड का समग्र विकास सभी प्रदेशवासियों की सामुहिक जिम्मेदारी है, इसमें सबको अपना योगदान देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2०14 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में स्वच्छता का बीड़ा उठाते हुए जिस बड़े बदलाव की शुरुआत की थी, उसका परिणाम आज पूरे देश में दिख रहा है। उनके महान विजन का ही नतीजा है कि आज देश के करीब 25 राज्यों ने अपने आप को पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया है। प्रधानमंत्री जी ने विश्व को स्वच्छ बनाने के लिए फोर पीपॉलिटिकल लीडरशिप, पब्लिक फंडिंग, पार्टनरशिप एवं पीपल पार्टिसिपेशन को जरूरी बताया था। उन्होंने कहा कि यह फोर पी का सिद्धांत देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को स्वच्छ बनाने के लिए आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से जिस स्वच्छता अभियान की बात की थी, वह स्वच्छता अभियान आज दुनिया का सबसे बड़ा आंदोलन बन चुका है। इस अवसर पर नगर पंचायतों में नगर पंचायत नन्दप्रयाग को प्रथम, नगर पंचायत सुल्तानपुर को द्वितीय एवं नगर पंचायत गूलरभोज को तृतीय पुरस्कार मिला। इन नगर पंचायतों को क्रमश: 1० लाख, ०7 लाख एवं ०5 लाख रूपये की धनराशि प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वच्छ सर्वेक्षण -2०22 में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत ०5 निकायों को स्वच्छता गौरव सम्मान प्रदान किया। जिसमें नगर निगम हरिद्वार को राष्ट्रीय स्तर पर एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले गंगा शहरों में प्रथम स्थान, छावनी परिषद् लण्ढौर को छावनी परिषद् श्रेणी में अधिकतम सिटीजन फीडबैक हेतु प्रथम स्थान, नगर पालिका परिषद् रामनगर को नॉर्थ जोन के 5० हजार से ०1 लाख जनसंख्या वाले शहरों में फास्टेस्ट मूवर सिटी पुरस्कार, नगर पालिका परिषद् डोईवाला को नॉर्थ जोन के 15 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में फास्टेस्ट मूवर सिटी पुरस्कार एवं नगर पालिका परिषद् नरेन्द्र नगर को नॉर्थ जोन के 15 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में बेस्ट सस्टेनेबल सिटी पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, मेयर ऋषिकेश अनिता ममगाईं, मेयर हरिद्वार अनिता शर्मा, मेयर रूड़की गौरव गोयल, अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्धन, सचिव शहरी विकास दिपेन्द्र चौधरी, निदेशक शहरी विकास नवनीत पाण्डे, नगर आयुक्त मनुज गोयल एवं विभिन्न निकायों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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