अंकिता हत्याकांड में मंत्री प्रेमचंद की भूमिका की हो जांच

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखंड क्रांति दल ने अंकिता हत्याकांड मामले में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए सरकार से उनकी भूमिका की जांच कराने की मांग की है।
यहां दल के केन्द्रीय कार्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए दल के केन्द्रीय मीडिया प्रभारी शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि विधानसभा सत्र में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और अपराधियों को बचाने वाला है जिससे जाहिर होता है कि उनकी भी इस हत्याकांड में संलिप्तता है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने सदन के दौरान बयान दिया था कि इस मामले में कोई भी वीआईपी गेस्ट नहीं है और उन्होंने होटल के मैनेजर की बातों का हवाला देते हुए बयान दिया था कि वीआईपी कोई गेस्ट नहीं है बल्कि होटल के कमरों को ही वीआईपी नाम दिया गया था। यूकेडी नेता सेमवाल ने सवाल उठाया कि अगर वह वीआईपी शब्द गेस्ट के लिए नहीं बल्कि रूम के लिए प्रयोग होना बता रहे हैं तो उनको यह भी साफ करना चाहिए कि एक्स्ट्रा सर्विस की डिमांड किसके लिए हो रही थी।
यूकेडी नेता शिवप्रसाद सेमवाल ने सवाल उठाया कि प्रेमचंद अग्रवाल ने यह बयान किस हैसियत से दिया है क्या वह घटनास्थल वाले क्षेत्र के जन प्रतिनिधि हैं या वह गृह मंत्री है और उन्होंने यह बयान किसके निर्देश पर दिया है। यूकेडी नेता शिव प्रसाद सेमवाल ने इस बात को दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल अपराधियों की पैरोंकारी कर रहे हैं जबकि पीडि़त परिवार के प्रति उनके मुंह से कभी दो शब्द नहीं निकले है। इस अवसर पर यूकेडी के केंद्रीय महामंत्री सुनील ध्यानी ने कहा कि द्बह्न4द्घस्रह्म् स्रह्य द्घद्बह्म्द्म श ॥द्मद्मड्र्ढं भाजपा के राज्य मंत्री रहे है और सरकार दबाव में है और इसीलिए प्रेमचंद अग्रवाल अपराधियों को बचाने वाला बयान दे रहे हैं। यूकेडी ने सवाल उठाया कि क्या एसआईटी ने सरकार को रिपोर्ट सौप दी है और यदि जांच अभी गतिमान है तो तो मंत्री किस हैसियत से जांच को प्रभावित करने वाला बयान दे रहे हैं। यूकेडी ने मंत्री की संलिप्तता की जांच करने की मांग की है।

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