पूर्व विधायकों की पेंशन हो बंद

0
172

विकासनगर(संवाददाता)। एक ओर जहां उत्तराखण्ड के पूर्व विधायकों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए अपना संगठन बनाया है वहीं उन्होंने अपनी पेंशन बढाये जाने को लेकर भी ताल ठोकी है लेकिन वहीं जनसंघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि पूर्व विधायकों की पेंशन बढाने के बजाए उनकी पेंशन को बंद किया जाये। जनसंघर्ष मोर्चा ने पूर्व विधायकों की पेंशन बंद करने को लेकर जिस तरह से आवाज उठाई है उससे अब राज्य के अन्दर इस पर राजनीति गर्माने की सम्भावनायें तेज हो गई हैं। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि कल कुछ पूर्व विधायकों ने अपनी पेंशन दुगनी करने व अन्य सुविधाएं बढ़ाने को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण से मांग की है। उन्होंने कहा कि विधायकों की पेंशन बढ़ाये जाने के बजाय बंद की जाये।
यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेगी ने कहा कि इससे बेगैरत, बेशर्मी क्या हो सकती है कि इन विधायकों द्वारा देश की सीमाओं पर जान गवाने वाले जवानों अर्धसैनिक बलों एवं कार्मिकों की पुरानी पेंशन लागू करने के बजाए अपनी पेंशन दोगुनी करने की मांग कर रहे हैं।
इस अवसर पर नेगी ने कहा कि पूर्व विधायकों को वर्तमान में रूपये 4० हजार मासिक पेंशन व अन्य सुविधाएं सरकार मुहैया करा रही है, लेकिन इससे भी इनकी संतुष्टि नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि विधायक अपने कार्यकाल में रूपये तीन लाख प्रति माह से अधिक वेतन- भत्ते लेने व लगभग चार करोड़ की विधायक निधि से कमीशन खोरी करने के उपरांत भी इनके द्वारा पेंशन बढ़ोतरी की मांग शर्मसार करने वाली है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि समाज सेवक होते हैं न कि सरकारी कर्मचारी। इस अवसर पर नेगी ने कहा कि कुछ पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री 2०- 25 साल पहले दो वक्त की रोटी को मोहताज थे, लेकिन आज सैकड़ों करोड़ रुपए की अकूत संपत्ति के मालिक बन बैठे हैं । उन्होंने कहा कि मोर्चा सरकार से मांग करता है कि पूर्व विधायकों की पेंशन बंद करें, जिससे प्रदेश कंगाल होने से बच सके। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में ओम प्रकाश राणा व अमित जैन मौजूद थे।

LEAVE A REPLY