विकासनगर(संवाददाता)। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा दोहरी पेंशन (आंदोलनकारी पेंशन व अन्य स्रोतों से मिलने वाली पेंशन) ले रहे राज्य आंदोलनकारियों से सिर्फ एक पेंशन लेने हेतु फरमान जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि सांसद व विधायक कई कई पेंशने ले रहे है।
यहां पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा दोहरी पेंशन (आंदोलनकारी पेंशन व अन्य स्रोतों से मिलने वाली पेंशन) ले रहे राज्य आंदोलनकारियों से सिर्फ एक पेंशन लेने हेतु फरमान जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि जिसके तहत अन्य स्रोतों से मिलने वाली पेंशन या आंदोलनकारी पेंशन दोनों में से सिर्फ एक पेंशन को विकल्प के रूप में चुने जाने हेतु नोटिस जारी किए गए हैं एवं अन्यथा की स्थिति में कार्यवाही का जिक्र किया गया है ,जिसमें शासनादेश का उल्लेख किया गया है।
उन्होंने कहा कि काबिल-ए-गौर है कि जिन आंदोलनकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें अधिकांश पारिवारिक (आश्रित) पेंशन लेने वाली श्रेणी के लोग हैं। उन्होंने कहा कि यह अलग बात है कि शासनादेश में सिर्फ एक पेंशन लेने हेतु ही प्रावधानित है। नेगी ने कहा कि हैरानी की बात है कि विधायक व सांसद कई- कई पेंशन लेने ले रहे हैं, लेकिन इन पर कोई नियम लागू नहीं होता वहीं दूसरी ओर जिन आंदोलनकारियों ने राज्य गठन के लिए दिन-रात एक किया, उनको उनके अधिकारों से वंचित रखना बहुत ही दुखद है । उन्होंने कहा कि इस दोहरे मापदंड से आंदोलनकारियों में घोर निराशा है। इस अवसर पर नेगी ने कहा कि आंदोलनकारियों को मिलने वाली पेंशन कोई आर्थिक सहायता नहीं है बल्कि यह एक सम्मान स्वरूप मिलने वाली धनराशि है। उन्होंने कहा कि मोर्चा शीघ्र ही आंदोलनकारियों के पेंशन प्रकरण को सरकार के समक्ष रखेगा। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में मोर्चा महासचिव एवं राज्य आंदोलनकारी आकाश पंवार व विजय राम शर्मा मौजूद थे।