पुलिसकर्मी ने राष्ट्रपति से मांगी इच्छामृत्यु

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कोटद्वार(अवनीश अग्निहोत्री)। पौडी के कोटद्वार में एएचटीयू यूनिट में तैनात एक पुलिसकर्मी ने अपने महकमें को ही कटघरे में खडा कर राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग की तो उससे पुलिस महकमें के अन्दर हडकम्प मच गया क्योंकि पुलिसकर्मी का खुला आरोप है कि उसके खिलाफ एक महिला ने फर्जी मुकदमा दर्ज कराया लेकिन उनका विभाग उसकी एक भी बात सुनने को तैयार नहीं है जिससे उसे इच्छामृत्यु मांगनी पडी है। पुलिसकर्मी ने जिस तरह से अपने ही महकमें को कटघरे में खडाकर उस पर सवालों की बौछार की है उससे राज्य के अन्दर अब एक नई बहस शुरू हो रही है कि अगर पुलिसकर्मी को ही उसका विभाग एक कथित मुकदमें में उसकी बात सुनने को और उसे इंसाफ दिलाने के लिए आगे नहीं आ रहा है तो फिर अकसर कई फर्जी मुकदमों में फसे लोग किस तरह से ऐसे फर्जी मुकदमों का सामना और समाज के सामने अपमान का घुट पीते होंगे यह किसी से छुपा नहीं है? अब देखने वाली बात होगी कि पौडी की नई पुलिस कप्तान इच्छामृत्यु मांगने वाले पुलिसकर्मी का दर्द सुनने और उसे इंसाफ दिलाने के लिए आगे आयेंगी?
पौड़ी जनपद के कोटद्वार में पुलिस की एएचटीयू यूनिट में तैनात पुलिसकर्मी ने अपने लिए इच्छा मृत्यु मांगी है। शुक्रवार को पुलिसकर्मी ने तहसील प्रशासन के माध्यम से इस संबंध में राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किए हैं। इस ज्ञापन के बाद जनपद के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
पुलिसकर्मी ने एक महिला पर उसे ब्लैकमेल करने और उस पर झूठा मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया है। पुलिसकर्मी सज्जन सिंह पुत्र उदयराल सिंह ने ज्ञापन में कहा है कि उसकी पत्नी का देहांत वर्ष 2०13 में हो गया था। पत्नी की मौत के बाद नौकरी करने के साथ ही अपने बेटे और बेटी की परवरिश खुद ही की। बच्चों को बेहतर भविष्य देने के लिए उन्होंने दूसरी शादी भी नहीं की।
सज्जन सिंह ने ज्ञापन में बताया कि परिचित एक महिला उनके बच्चों की देखभाल कर रही थी। महिला ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई थी। ज्ञापन में बताया की महिला ने साजिश रचते हुए उसके खिलाफ पोक्सो समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। इसमें पीडि़ता उसकी खुद की बेटी को ही बना दिया। मामला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) में जाने पर उन्हें क्लीन चिट मिल गई लेकिन आरोपी महिला ने दोबारा मुकदमा दर्ज करा दिया। इतना ही नहीं सज्जन सिंह ने मामले में कोतवाली पुलिस के कुछ कर्मचारियों पर साजिश में शामिल होने के आरोप भी लगाए हैं। कहा कि उक्त साजिश के कारण उसका और उसके बच्चों का काफी उत्पीडऩ हो रहा है। ऐसे हालात में उसका जीवित रहना असंभव है। इस संबंध के अपर पुलिस अधीक्षक शेखर सुयाल ने बताया की पुलिसकर्मी के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। इसकी जांच चल रही है। संबंधित कर्मी की ओर से उठाए गए तथ्यों की भी जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने पर ही स्पष्ट हो पाएगा की क्या मामला है।

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