उत्तराखंड मे धर्मान्तरण कानून होगा यूपी से सख्त

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देहरादून(नगर संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में अहम निर्णय लिये गये और 29 प्रस्तावों पर मोहर लगा दी। कैबिनेट ने धर्मान्तरण कानून को यूपी से सख्त करने का निर्णय लिया है और इसे कैबिनेट ने मोहर लगा दी है। वहीं बैठक में हाईकोर्ट नैनीताल को हल्द्वानी शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया और कैबिनेट में इस अपनी मोहर लगा दी।
यहां सचिवालय में कैबिनेट की बैठक की मिली जानकारी के अनुसार नैनीताल से उत्तराखंड हाई कोर्ट शिफ्ट हल्द्वानी किया जायेगा और कैबिनेट ने प्रस्ताव पर मोहर लगा दी है और उत्तराखंड में धर्मांतरण कानून यूपी से सख्त होगा और संज्ञेय अपराध में शामिल किया गया है और अधिकतम 1० साल की सजा का प्रावधान किया गया है और विधानसभा में इसके लिए विधेयक लाया जायेगा।
बैठक में निर्णय लिया गया अपणी सरकार पोर्टल के लिए रिक्रूटमेंट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और वहीं जल विद्युत परियोजनाओं के लिए टीएचडीसी और यूजीवीएनएल के बीच उपकरण बनाए जाएंगें। बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य में 4 जी मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर के लिए 2००० वर्ग गज भूमि नि:शुल्क दी जाएगी। नजूल भूमि विधेयक 2०21 को वापस लिया गया, संशोधित विधेयक सदन में लाया जाएगा का निर्णय लिया गया। अग्निशमन नियमावली को कैबिनेट ने अनुमति दे दी है और उत्तराखंड दुकान और स्थापन विधेयक 2०22 को मंजूरी दी गई और कूड़ा फेंकना अधिनियम लागू किया गया है। आरडब्ल्यूडी की राशि को 15 करोड़ से बढ़कर असीमित किया गया। एडिशनल सब इंस्पेक्टर के पद को स्वीकृत किया गया है 42०० ग्रेड के साथ, 29 नवंबर से उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र होगा। केदारनाथ धाम में मूर्ति की स्थापना होगी। उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम में संशोधन करवा की सजा खत्म की गई अर्थदंड का प्रावधान किया गया। जमरानी बांध परियोजना में पुनर्वास प्रस्ताव मंजूर, 1323 परिवारों का पुनर्वास किया जायेगा ।
बैठक में निर्णय लिया गया कि श्रीनगर नगर निगम और नगर पालिका विवाद को लेकर सब कमेटी का गठन किया गया है और शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल कमेटी के अध्यक्ष होंगें और कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत और चंदन रामदास कमेटी में सदस्य के तौर पर शामिल किये गये है।

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