बच्चों को सुनाई अपने बचपने की यादें

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री जिस जिंदादिली से सत्ता चला रहे हैं उससे राज्य के अन्दर हर तरफ खुशहाली की बहार दिखाई दे रही है और मुख्यमंत्री जिस तरह से मासूम बच्चों, वृद्ध महिलाओं और चाय की दुकानों में जाकर वहां उनके बीच घुल मिलते हैं उसे देखकर गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री की याद उत्तराखण्ड में भी ताजा हो रही है कि वह भी इतने सौम्य और सादे थे कि कहीं पर भी वह चौपाल लगाकर आवाम से रूबरू हो जाते थे। पिथौरागढ में आज जब एक स्कूल के बच्चे बस में सवार होकर पिकनिक मनाने के लिए जा रहे थे तो मुख्यमंत्री की नजर बच्चों पर पडी और उन्होंने बस को रूकवाया और वह भी बस में बच्चों के साथ बच्चे बनकर उनके साथ काफी दूर तक अपना बचपना उन्हें सुनाकर अपने बचपने की यादें ताजा की। स्कूल बस में बैठे बच्चों ने मुख्यमंत्री के साथ फोटो भी खिचवाई और उन्हें जिस तरह से अपना दुलार दिया वह दृश्य शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने एक चाय की ठेली पर जाकर वहां गर्मागर्म चाय का आनंद लिया और चाय वाले से उन्होंने दिल खोलकर बात की तो चाय वाला भी गद्गद् हो गया कि उनके राज्य का मुख्यमंत्री कितना साधारण व्यक्ति है जो हर किसी को अपनी ओर खिचने का हुनर रखते हैं।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पिथौरागढ के दो दिवसीय दौर पर हैं और आज सुबह की सैर के लिए वह अकेले ही सडक पर निकल पडे और इसी बीच उनकी निगाह एक स्कूल की बस पर पडी जिसमें उन्हें बच्चे बैठे हुये दिखाई दिये तो उनसे मिलने का मन उत्सुक हो उठा और उन्होंने स्कूल की बस को रूकवाया तो पता चला कि जिस व्यक्ति ने बस को रूकवाया है वह उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हैं। स्कूल की बस रूकते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उसमें सवार हो गये और उन्होंने स्कूल की बस में बच्चों के साथ कुछ दूरी तक सफर तय करने के लिए अपना मन बनाया और वह एक बच्चे के साथ उसके साथ सीट पर बैठ गये और फिर उन्होंने बच्चों के साथ बच्चा बनकर उनसे बातें की और उन्हें अपने बचपने से भी रूबरू करवाया। बच्चों को यह विश्वास ही नहीं हो रहा था कि जो शख्स उनके साथ बस में सवार हैं वह उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री हैं और बच्चों ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपने दिल की बातें स्कूल को लेकर शेयर की और उसके बाद मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया। इसके बाद वह एक चाय की ठेली लगाने वाले के पास पहुंचे और उससे गर्मागर्म चाय बनवाकर वहां पर खडे होकर उसके साथ चाय का आनंद लिया और यह भी पूछा कि सरकार कैसी चल रही है। चाय वाला भी खुश हुआ और बोला आपके राज में हम भी सुखी और सुरक्षित हैं।

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