देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड का इतिहास रहा है कि राज्य के अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्री विकास के लिए केन्द्र सरकार की चौखट पर हमेशा दस्तक देते रहते थे और राज्य की माली हालत ऐसी रहती थी कि उन्हें बार-बार दिल्ली जाकर राज्य के लिए पैकेज और सहायता मांगने के लिए भटकना पडता था जिस कारण राज्य की जनता के मन में हमेशा एक चिंता का भाव रहता था कि वो समय कब आयेगा जब केन्द्र और राज्य में एक ही सरकार होगी और उसके बाद राज्य का विकास तेजी के साथ होता चला जायेगा। उत्तराखण्ड में 2०17 में भाजपा की सरकार बनी तो यह उम्मीद थी कि डबल इंजन सरकार के होने के चलते उत्तराखण्ड का चौमुखी विकास होगा लेकिन राज्य के अन्दर जिस तरह से भ्रष्टाचार व घोटालों का काला साया आवाम के बीच पडता रहा तो उसी के चलते दिल्ली में भाजपा सरकार ने उत्तराखण्ड के विकास के लिए कोई ऐसा रोड मेप तैयार नहीं किया जिससे राज्य को विकास की राह पर तेजी से आगे बढाया जा सके। हालांकि देश के प्रधानमंत्री ने ऑल वेदर रोड का तोहफा राज्य सरकार को दिया था लेकिन उस तोहफे को पूर्व सरकार उस भाव में प्रस्तुत नहीं कर पाई थी जैसा किया जाना चाहिए था? अब राज्य की कमान युवा नेता पुष्कर सिंह धामी के हाथों में है और उन्होंने एक साल के भीतर जिस तरह से स्वच्छता के साथ सरकार चलाने के लिए अपने कदम आगे बढाये उसके चलते देश के प्रधानमंत्री ने उन पर अटूट विश्वास दिखाया और उन्हें अपना सखा माना और अब उन्हें अपना छोटा भाई कहकर यह संदेश दे दिया है कि बडा भाई छोटे भाई के उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने में कोई कसर नहीं छोडेंगे और यही कारण है कि आज देश के प्रधानमंत्री उत्तराखण्ड की सूरत और सीरत दोनो बदलने में लगे हुये हैं इससे राज्य के मुख्यमंत्री को विश्वास है कि आने वाला दशक उत्तराखण्ड का ही होगा।
उत्तराखण्ड को सजाने संवारने के लिए राज्य के अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों ने कोई पहल नहीं की जिसके चलते राज्य का स्वरूप कभी बदला ही नहीं और उसी के चलते राज्यवासियों और राज्य का निर्माण करने वाले आंदोलनकारियों के मन में हमेशा एक बडी टीस दिखाई दी कि आखिर राज्य का निर्माण जिस उद्देश्य से किया गया था वह तो आज तक पूरा ही नहीं हुआ? उत्तराखण्ड के अन्दर सबसे बडा दर्द भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों ने राज्य की जनता को दिया और अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्री इन भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों के आगे क्यों अपने आपको डरा हुआ महसूस करते थे यह किसी की समझ में नहीं आता था और यही कारण था कि भ्रष्टाचारी और घोटालेबाज राज्य को दीमक की तरह धीरे-धीरे इस कदर चाटते चले गये कि पहाडों में रहने वाले युवाओं ने अपने घरों से पलायन करने में ही अपनी भलाई समझी। उत्तराखण्ड में जब 2०17 में भाजपा की सरकार बनी तो राज्यवासियों को यह उम्मीद थी कि डबल इंजन सरकार का राज्य को खूब फायदा होगा और राज्य विकास की राह पर तेजी के साथ आगे बढता चला जायेगा। आवाम के मन में एक सोच पैदा हुई थी कि राज्य उस दिशा में अब आगे बढ जायेगा जहां आज तक राज्य नहीं पहुंच पाया था लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत पूरा नहीं कर पाये और राज्य में जिस तरह से भ्रष्टाचार व घोटाले हुये उससे चार साल तक राज्य के अन्दर डबल इंजन का कोई मतलब दिखाई नहीं दिया था? हालांकि मात्र छह माह के लिए जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने युवा नेता पुष्कर सिंह धामी को प्रदेश की सत्ता सौंपकर उन्हें राज्यवासियों का दिल जीतने का पहला टास्क दिया था और इसी टास्क को सफलता के साथ पुष्कर सिंह धामी ने पूरा किया और उन्होंने उस समय भाजपा को एक बार फिर सत्ता दिला दी जब राज्यवासी पूर्व मुख्यमंत्री के चार साल के कार्यकाल से बेहद नाराज दिखाई दे रहे थे? देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुष्कर सिंह धामी की स्वच्छ राजनीति और पारदर्शी सरकार चलाने के अंदाज को जब परखा तो उन्होंने पुष्कर सिंह धामी को अपना सखा मानकर उन्हें राज्य को आदर्श राज्य बनाने का एक बडा मिशन सौंप दिया।
प्रधानमंत्री के मिशन को सफलता के साथ पूरा करने के लिए पुष्कर सिंह धामी ने अपने दूसरे मुख्यमंत्री कार्यकाल में रात-दिन एक कर दिया है और अब पुष्कर सिंह धामी ने पहाड की जनता को आश्वस्त किया है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन से ही पहाडों में रेल की आवाज सुनाई देगी और उनका वर्षों से पहाडों में रेल लाने का सपना भी पूरा हो जायेगा। प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट बाबा केदारनाथ व बद्रीनाथ धाम को जिस लगन से पुष्कर सिंह धामी पूरा करा रहे हैं वह देखकर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पुष्कर सिंह धामी को अपना छोटा भाई कहने से नहीं चूके और उनका यह स्नेह पाकर मुख्यमंत्री ने एक संकल्प फिर ले लिया है कि राज्य को आदर्श राज्य बनाने के लिए वह देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ मिलकर रात-दिन काम करेंगे और अगला दशक उत्तराखण्ड का ही होगा। अब राज्य की जनता भी मानने लगी है कि बडे भाई नरेन्द्र मोदी अपने छोटे भाई पुष्कर सिंह धामी के राज्य को बदलने के लिए अपनी समूची टीम को संदेश दे चुके हैं कि उत्तराखण्ड की झोली में सिर्फ विकास ही विकास की परियोजनायें परोसी जायें।