शेर की तरह सत्ता चला रहे पुष्कर

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धाकड फैसलों से घबराने लगे सफेदपोश
छह माह में संकल्प पत्र पर तेजी से बढ़ रहे आगे
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भले ही साजिशकर्ताओं का झुंड उन्हें अस्थिर करने का चक्रव्यूह रच रहा हो लेकिन मुख्यमंत्री शेर की तरह सत्ता चलाकर सबको अपना इकबाल दिखाने के मिशन में आगे बढ़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने छह माह के भीतर आवाम के सामने रखे गये संकल्प पत्र पर जिस तेजी के साथ आग बढना शुरू किया है उससे सफेदपोश घबराने लगे हैं और वह अफवाहों का जो शोर मचाने का तांडव कर रहे हैं उनका यह शोर हवा-हवाई से ज्यादा कुछ नजर नहीं आ रहा है?
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्ता को पारदर्शिता से चलाने का जो पैमाना तय किया हुआ है वह राज्य के दर्जनों सफेदपोशों को रास नहीं आ रहा है और यही कारण है कि वह किसी न किसी बहाने मुख्यमंत्री को राज्य मंे अस्थिर करने का चक्रव्यूह रचते आ रहे हैं लेकिन वे अपने चक्रव्यूह मंे खुद ही फसते हुए नजर आ रहे हैं? मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस बात का पहले दिन से ही इल्म है कि उन्हें मुख्यमंत्री पद पर होने के कारण काफी राजनेताओं को मानसिक पीडा जरूर होगी? मुख्यमंत्री ने एक ही संकल्प ले रखा है कि वह जब तक रहेंगे तब तक वह पारदर्शिता के साथ सत्ता चलायेंगे और उनके यहां किसी ने भी भ्रष्टाचार व घोटाले करने का दुसाहस किया तो उसे इसका परिणाम भुगतना पडेगा? सरकार के मुखिया शेर की तरह एक के बाद एक धाकड फैसले लेकर राज्य की जनता को सकून दे रहे हैं लेकिन उनकी पार्टी के ही कुछ राजनेता आवाम के निशाने पर हैं और सरकार में शामिल चंद मंत्रियों पर आवाम जिस तेजी के साथ उंगलियां उठा रहा है उससे यही सवाल खडे हो रहे हैं कि स्वच्छता के साथ सरकार चलाने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने ऐसी कौन सी मजबूरी आ रखी है जो चंद दागी मंत्रियों को अपने मंत्रिमण्डल से बाहर करने के लिए भाजपा हाईकमान की स्वीकृति नहीं ले पा रहे हैं? सबसे ज्यादा दाग शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल पर लग रहे हैं जहां उन पर विधानसभा में बैक डोर से हुई भर्तियों को लेकर निशाने पर लिया जा रहा है वहीं सरकार की एक जमीन कैसे मंत्री पुत्र के नाम हो गई यह आवाम को रास नहीं आ रहा है? आवाम चाहता है कि जब राज्य से भ्रष्टाचार को खत्म करने का संकल्प खुद मुख्यमंत्री ले चुके हैं तो उन्हें आगे आकर मंत्री पुत्र की जमीन की भी जांच के आदेश दे देने चाहिए जिससे सरकार पर कोई भी उंगली न उठा पाये? उत्तराखण्ड के अन्दर आवाम अब भ्रष्टाचार को जड से खत्म करने की चाहत रखने लगा है और इसी चाहत के चलते वह चाहते हैं कि जिन सफेदपोशों और राजनेताओं पर भ्रष्टाचार के दाग लग रहे हैं उनके खिलाफ भाजपा हाईकमान एक्शन जरूर ले।

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