उत्तराखण्ड को पुष्कर के रूप मंे मिला ‘अनोखा रत्न’

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में आज तक राज्य को पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में बडे-बडे चेहरे जरूर मिले लेकिन किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने शासनकाल में राज्यवासियों का दिल जीतने का जज्बा नहीं दिखाया और यही कारण है कि राज्य में हर पांच साल बाद सत्ता परिवर्तन होता रहा लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड के उभरते युवा चेहरे पुष्कर ंिसंह धामी पर जब अदम्य विश्वास करके उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन किया तो राज्य के बडे-बडे राजनेताओं के माथे पर बल पड गये थे कि एक युवा चेहरे को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन कर दिया गया लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी आवाम के सामने अपने आपको फ्लावर के रूप में प्रस्तुत किया और उनका दिल जीत लिया वहीं भ्रष्टाचारियों, घोटालेबाजों और माफियाओं के खिलाफ उन्होंने फायर का रूप धारण किया और उन्हें जिस तरह से नेस्तनाबूत करने का उन्होंने ऑपरेशन चलाया उससे राज्य के अन्दर यह आवाज उठनी शुरू हो गई कि प्रदेश को पुष्कर के रूप में एक अनोखा रत्न मिल गया है जो मोदी का सखा बनकर जहां राज्यवासियों का दिल जीत रहा है वहीं उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने के लिए वह रात-दिन आगे बढते जा रहे हैं उससे उत्तराखण्ड का भविष्य आने वाले समय में राज्यवासियों को उज्जवल ही उज्जवल नजर आ रहा है। मोदी के सखा ने राज्यवासियों को यह प्रमाणित करके दिखा दिया कि उन्होंने जो संकल्प राज्यवासियों के सामने लिया था उसे वह किस तरह से एक-एक कर पूरा करते जा रहे हैं। उत्तराखण्ड में होने वाली हर छोटी-बडी वारदात पर पुष्कर सिंह धामी का नजर रखना साफ दर्शा रहा है कि वह किस तरह से उत्तराखण्ड को चौबीस घंटे सुरक्षित रखने के लिए अलर्ट रहते हैं। सबसे अह्म बात यह है कि मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी की किचन टीम में एक-दो अफसर ऐसे हैं जो उनके सच्चे सारथी बनकर उन्हें सही दिशा में सत्ता चलाने के लिए आगे किये हुये हैं और यही कारण है कि राज्यहित में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बडे-बडे फैसले लेने से भी नहीं चूक रहे हैं। उत्तराखण्ड का इतिहास गवाह है कि आज तक किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री ने विधानसभा में हुई भर्तियों को लेकर उनकी जांच कराने का साहस नहीं दिखाया लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कक्षा में सबसे अव्वल बने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिस दिलेरी के साथ विधानसभा में आज तक हुई भर्तियों की जांच के लिए विधानसभा अध्यक्ष को चि_ी लिखी और उसके बाद 258 भर्तियां भ्रष्ट तंत्र से होना पाया गया जिन्हें निरस्त कर दिया गया। इस दिलेरी वाले फैसले से राज्य की जनता के मन में बस एक ही तमन्ना बनी हुई है कि पुष्कर ंिसह धामी एक लम्बे युग तक सत्ता पर बने रहे जिससे उत्तराखण्ड जो कि बाइस सालों से गर्त में जाता रहा है उसे एक आदर्श राज्य बनाने के लिए पुष्कर ंिसह धामी उत्तराखण्ड की कमान संभाले रहें।

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