ऋषिकेश(संवाददाता)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने पत्रकार वार्ता करते हुए बैकडोर भर्ती घोटाले पर कैबिनेट मंत्री व तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के विरुद्ध जमकर हल्ला बोला है।रमोला ने विधानसभा भर्ती घोटाले की जाँच रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही को अधूरा बताते हुए कहा कि नौकरी पाने वालों को सजा और नौकरी देने वाले मंत्री को मंत्रालय का मजा क्यों दिया जा रहा है ।
रेलवे रोड़ स्थित एक होटल में पत्रकारों से मुखातिब हुए कांग्रेस नेता रमोला ने कहा कि विधानसभा भर्ती घोटाले में आई जाँच समिति की रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2०16 तक 15०, वर्ष 2०2० में 6 व वर्ष 2०21 में 72 तदर्थ भर्तियाँ नियम के विरूद्ध की गई हैं। इन सभी भर्तियों को करवाने में विधानसभा एक्ट में अनुच्छेद 14-16 का उल्लंघन किया गया है साथ ही कहा कि ये भर्तियाँ नियमानुसार नहीं हुई वहीं दूसरी ओर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल पूर्व में कहते रहे कि ये भर्तियाँ नियमानुसार है तो कहीं ना कहीं या तो समिति की रिपोर्ट गलत है या प्रेमचन्द गलत हैं और जब नियुक्तियों को रद्द किया गया तो जिसने इन नियुक्तियों को संस्तुति दी उनपर सरकार क्या कार्यवाही करेगी ये सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।उन्होंने कहा कि वर्ष 2०21 में 72 लोगों को जिसमें मंत्री के भांजे, आरएसएस के नेताओं के रिश्तेदारों सहित प्रदेश के कई भाजपा नेताओं के करीबियों को दिसम्बर में ही नौकरी दे दी गई थी परन्तु इनको तनख़्वाह नहीं दी जा रही थी ।क्योंकि तत्कालीन वित्त सचिव ने इसकी संस्तुति नहीं की और जैसे ही 2०22 के विधानसभा चुनाव हुऐ तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष चुनाव जीत कर संसदीय कार्य मंत्री व वित्त मंत्री बने तो उन्होंने एक ही दिन में पहले संसदीय कार्य मंत्री के रूप में पदों का सृजन कर वित्त मंत्री के रूप में तनख़्वाह को वित्तीय स्वीकृति दे दी। इससे साफ स्पष्ट है कि एक ही व्यक्ति प्रेमचन्द अग्रवाल मामले में दोषी हैं उनपर भी सख़्त कार्रवाई होनी चाहिये ।रमोला ने कहा कि जैसा सुना जा रहा है कि विधानसभा बैक डोर भर्ती के लिये मोटी रक़म नौकरी पाने वालों ने दी है और अब उनकी भर्ती निरस्त हो गई है तो जिन भी लोगों ने भर्ती होने के लिये अगर पैसा दिया है तो वह हम कांग्रेस जनों से मिल सकता है हम उसकी सुनवाई के लिये भी संघर्ष करेंगे ।रमोला ने एलान करते हुऐ सरकार से माँग की कि अगर आने वाले दशहरे तक अवैध भर्ती के घोटाले के मुख्य सूत्रधार प्रेमचन्द अग्रवाल को मंत्री पद से बर्खास्त ना किया गया तो मैं दशहरे के बाद प्रेमचन्द अग्रवाल के ऋषिकेश निवास के बाहर आमरण अनशन करूँगा और साथ ही विधिक राय लेकर विधानसभा में नियमविरूद्ध भर्ती करने वाले मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल के विरूद्ध मुक़दमा दायर करने के लिये उच्च न्यायालय की शरण में भी जाऊँगा ।प्रेस वार्ता में प्रदेश सचिव मदन मोहन शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर रॉय, पार्षद राकेश सिंह, पार्षद शकुंतला शर्मा, पार्षद देवेन्द्र प्रजापति, पार्षद भगवान सिंह पंवार, युंका प्रदेश महासचिव गौरव राणा आदि मौजूद थे।