राजेश शर्मा
देहरादून। ष्जो मैं बोलता हूंए वो मैं करता हूं और जो मैं नहीं बोलताए वो तो मैं डेफिनेटली करता हूंण्ण्ण्ण्।ष् अभिनेता अक्षय कुमार पर फिल्माई गई फिल्म ष्राउडी राठौड़ष् का यह संवाद आज भी लोगों की जुबां पर बना हुआ है क्योंकि इस फिल्म में उनका जो अंदाज दिखाया गया था वह इस संवाद पर एकदम सटीक बैठा। कहते है कि फिल्में समाज का आईना और कल्पना का प्रतिबिंब होती है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति ऐसा काम कर दें जिसको देखकर यह आभास हो कि कल्पना तो वास्तव में प्रतिबिंब से बाहर आ गई है और धरातल पर भी वह साफ नजर आ रही है तो क्या होघ् वैसे तो कई विचित्र जानकारों ने ष्राउडीष् शब्द को अतरंगी संज्ञाएं दे रखी है जोकि किसी को अच्छी लगती है तो किसी के लिए बुरी प्रतीत होती हैं। राउडी शब्द का तार्किक अर्थ यह समझा जा सकता हैए राउडी वह शख्स है जो आपराधिक प्रवत्ति और असमाजिक तत्वों के खिलाफ एक्शन लेने के लिए आगे आता है और अचानक से वह कुछ ऐसा भी कर जाता हैए जिसको देखकर उसके विरोधी भी उसके मुरीद बन जाते है। इसे उत्तराखण्ड की खुशनसीबी ही कहेंगे कि उस पहाड़ी राज्य को भी अब ऐसा एक राउडी मिल चुका है। यह राउडी जो कहता है वह करके दिखाता है और जो वो नहीं कहता और जिस पर लोग और मीडिया सवाल उठाते हैए वह उसे भी डेफिनेटली कर ही देता हैंघ् उत्तराखण्ड का यह राउडी और कोई नहीं बल्कि प्रदेश की जनता के लखत.ए.जिगर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ही हैए जिनकी भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड की सोच के चलते ही विधानसभा में हुई अवैध नियुक्ति के खिलाफ चाबूक चलाए उत्तराखण्ड अधिनस्थ सेवा आयोग की परीक्षा में हुई धांधली में लिप्त दर्जानों लोगों की गिरफ्तारियां हुई। इतना सब चल ही रहा था कि इसी बीच पौड़ी में रहने वाली उत्तराखण्ड की एक बेटी के साथ अनहोनी घटित हो गई। इस अनहोनी की खबर जैसे ही सीएम धामी को मिली तो उन्होंने पुलिस से प्रशासन तक को साफ अल्टीमेटम दे दिया किया बेटी के गुनाहगार किसी भी कीमत पर बचने नहीं चाहिए। पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बेटी के गुनाहगारों को दबोचा लिया। वहीं इस बीच कुछ ऐसा घटित हुआ जिसकी संभवतः किसी ने कल्पना नहीं की होगी। बेटी के गुनाहगार के अवैध रिसार्ट पर कल रात ही बुलडोजर चढ़ा दिया गया। उत्तराखण्ड के इतिहास में ऐसी त्वरित कार्रवाई कभी भी देखने को नहीं मिली और यहीं कारण है कि उत्तराखण्ड की जनता अपनी प्रिय सीएम को ष्राउडी पुष्करष् कहकर संबोधित करना चाह रही हैण्ण्ण्
देहरादून। उत्तराखण्ड की बेटी अंकिता भंडारी के दोषियों को पुलिस प्रशासन ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। बता दें कि बीती 18 सितम्बर 2022 को पौड़ी गढ़वाल के गंगा भोगपुर स्थित वन्तरा रिसोर्ट में कार्य करने वाली युवती अंकिता भंडारी अचानक लापता हो गयी थी। युवती के लापता होने की घटना का संज्ञान लेते हुए डीजीपी ने पौड़ी पुलिस प्रशासन को त्वरित गति से युवती को तलाशने के निर्देश दिए थे। युवती के अपहरण की परतों को जैसे ही पुलिस ने खोलना शुरू किया तो कई हैरान करने वाली बातें सामने आई। अंकिता के अपहरण और हत्या के आरोप में पुलिस ने रिसार्ट के मालिक समेत तीन को गिरफ्तार किया था जिनके द्वारा द्वारा बताया गया कि उन्होंने अंकिता की हत्या कर शव को चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था। बताया जा रहा है कि एसडीआरएफ की टीम ने बेटी अंकिता का शव चिला नहर से बरामद कर लिया है। उत्तराखण्ड की बेटी के साथ घटी ऐसी हृदय विदारक घटना से समूचा उत्तराखण्ड शोक में है। सोशल मीडिया पर जस्टिस फॉर अंकिता ट्रेंड कर रहा है। गुनाहगारों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस व प्रशासन को साफ निर्देश दे रखे हैं। इसी का परिणम है कि प्रशासन की टीम ने कल रात आरोपी के रिसार्ट के अवैध हिस्से को धवस्त कर दिया। सीएम धामी की इस कार्रवाई से पूरे राज्य से लेकर सोशल मीडिया तक में उनको खूब सराहा जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी है। मुख्यमंत्री धामी का साफ कहना है कि जो रिसार्ट अवैध रूप से बने हुए है या अवैंधानिक रूप से चल रहे है उनपर तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई अम्ल में लाई जाए। राज्य के सभी होटलए रिसार्टए और इनसे संबंधित प्रतिष्ठानों में कार्य करने वाले कर्मचारियों पर भी नजर रखी जाए और यदि कोई शिकायत मिलते है तो उसपर गंभिरता के साथ कार्रवाई की जाए। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार देखने को मिल रहा है कि कोई मुख्यमंत्री इतनी संजीदगी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाह्न कर रहा हो।
ष्ऐसे कुकर्मी बेटे भगवान किसी को न देंण्ण्ण्ण्
रसूख सूतलियां किस तरह से किसी के आंख की ऐसे काल्पनिक पट्टी बना देती हैए जो होती तो नहीं है लेकिन उसका प्रभाव इतना खतरनाक होता है कि कोई भी इसके प्रभाव में आकर खौफनाक कृत्य को अंजाम दे सकता है। रसूख की यह नजर न आने वाली पट्टी अकसर उन रईसजादों की आंखों पर बंधी होती हैए जो यह समझ बैठते है कि उनके रसूख से बढ़कर न तो कोई इंसान है और न ही किसी इंसान का आत्मसम्मान। रसूख के अंधे ऐसे रईसजादे अपने प्रभुत्व को बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक गुजर जाने को तैयार हो जाते है और अंजाम की भी परवा नहीं करते। उत्तराखण्ड के कुछ रईसजादों ने रसूख की पट्टी को आंखों में बांधकर एक ऐसे कुकृत्य को अंजाम दिया है जिसको देखकर अब लोग यह कहने से भी नहीं चूक रहे कि ष्ऐसे कुकर्मी बेटे भगवान किसी को न देंण्ण्!ष् अपने घर को आर्थिक रूप से मजबूत करने का बीड़ा उठाने वाली उत्तराखण्ड की एक बहादुर बेटी जब एक रिसार्ट में नौकरी करने गई होगी तो उसने कभी भी यह नहीं सोचा होगा कि आने वाले समय में उसके साथ कुछ ऐसा हो जाएगा जिसकी वजह से न तो उसके सपने पूरे हो पाएंगे और न ही वह खूबसूरत दुनिया को देख पाएगी। रईसजादों की रईसी की भेंट चढ़ी उस बेटी की आत्मा रह रहकर यह सवाल जरूर पूछ रही होगी कि आखिर उसका कसूर बस इतना था कि वह उस रिसार्ट में नौकरी करने आईघ्