मुख्यमंत्री के सख्त एक्शन के बाद शराब कांड का गुनाहगार गिरफ्तार

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हरिद्वार(संवाददाता)। जनपद के गांव में कथित जहरीली शराब पीने से हुई कुछ मौतों के बाद जहां जनपद के डीएम ने इस मामले को शराब कांड से दूर रखा तो वहीं राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रूख अपनाते हुए जहां पथरी थानाप्रभारी पर डीजीपी के द्वारा गाज गिरवाई वहीं आबकारी विभाग के नौ छोटे अफसरों पर भी सीएम की सख्ती देखने को मिली और उन्हें निलम्बित कर दिया गया। सीएम ने साफ अल्टीमेटम दिया था कि जो भी गुनाहगार होंगे उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी उसके बाद समूचा प्रशासन हरकत में आया और उन्होंने प्रधान पद का चुनाव लडने वाली महिला के पति को दबोच लिया जबकि महिला और उसका देवर अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
हरिद्वार में सामने आए पथरी शराब कांड में पुलिस ने ग्रामीणों को कच्ची शराब पिलाने वाले एक डाक्टर विजेन्द्र को गिरफ्तार किया है। प्रधान पद का चुनाव लड़ रही उसकी पत्नी व भाई की तलाश की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने पथरी थाने में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना की छानबीन करते हुए आरोपित विजेंद्र को गिरफ्तार किया गया है। उसकी निशानदेही पर 35 लीटर कच्ची शराब और कोल्ड ड्रिंक्स की 4 खाली बोतलें बरामद की गई है। इन्हीं बोतलों में भरकर ग्रामीणों को शराब पिलाई गई थी। बिजेंद्र की पत्नी बबली त्रिस्घ्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान की उम्मीदवार हैं। पत्नी की तलाश की जा रही है। बिजेंद्र का भाई नरेश फरार है, उसकी भी तलाश की जा रही है। वहीं बताया जा रहा है कि डा० विजेन्द्र ने खेत में तीन चार माह पूर्व कच्ची शराब बनाई थी और उस शराब को दो कैनों में भरकर खेत में दबा दिया गया था। बताया जा रहा है कि जिस दिन बबली ने अपना नामांकन किया उस दिन डा० विजेन्द्र ने अपने घर में शराब की पार्टी की और इस पार्टी के लिए विजेन्द्र खेत में से एक शराब की कैन लेकर आया था और उस कैन से सबको शराब परोसी गई थी जिसमें कुछ ने ज्यादा शराब पी ली थी। आज इस कथित जहरीली शराब से एक और व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं इस पूरे मामले पर राज्य के मुख्यमंत्री अपनी पैनी निगाहें बनाये हुये हैं और यह सम्भावना व्यक्त की जा रही है कि इस कांड को लेकर कुछ और अफसरों पर मुख्यमंत्री की गाज गिर सकती है?

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