अल्मोडा(संवाददाता)। राजस्व क्षेत्र से अल्मोडा पुलिस को हत्याकांड की जांच जब रैफर की गई तो जनपद के पुलिस कप्तान ने हत्याकांड में शामिल सभी हत्यारों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए तेजी के साथ अपनी टीमो ंके साथ मंथन किया और घटना की बारीकी से जांच पडताल कर यह पता लगाया कि हत्याकांड के पीछे का रहस्य क्या है। रहस्य का सच सामने आने के बाद कप्तान के नेतृत्व में बनाई गई टीमों ने सर्विलांस का सहारा लेकर तीन हत्यारोपियों को पहले ही जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया और अब एक और गुनाहगार को कप्तान ने अपनी रणनीति के चलते गिरफ्तार करवाया और साफ कहा कि पुलिस इस हत्याकांड के साक्ष्य वैज्ञानिक तरीके से हासिल कर हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए अपनी जीडी तैयार करेगी जिससे कोई भी गुनाहगार गुनाह करने का अंजाम देख सके।
उल्लेखनीय है कि दिनाँक दो सितम्बर को राजस्व पुलिस से अल्मोड़ा पुलिस को जगदीश चंद्र हत्याकांड की जांच हस्तान्तरित की गई जिसके बाद पुलिस कप्तान प्रदीप कुमार राय ने विवेचना की जिम्मेदारी सीओ रानीखेत को दी और उन्हें गहनता से हर बिन्दु पर जांच को आगे बढाने का आदेश दिया था। साथ ही थानाध्यक्ष भतरोजखान निरीक्षक संजय पाठक/एसओजी प्रभारी सुनील धानिक व एएनटीएफ प्रभारी सौरभ भारती को निर्देशित किया कि सर्विलांस की मदद से सूचना संकलन कर आवश्यक कार्यवाही की जाय, जिनके द्वारा अपनी टीम के साथ सर्विलांस के माध्यम व गवाहों से पूछताछ कर घटना के अनावरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। विवेचनाधिकारी सीओ रानीखेत द्वारा फाँरेंसिक टीम के साथ सैलापानी घटनास्थल का निरीक्षण कर घटना के प्रत्येक बिन्दु को जाँचा परखा गया, घटना में आवश्यक साक्ष्य जुटाये गये। सात सिम्बर को विवेचनाधिकारी द्वारा न्यायालय की अनुमति से जिला कारागार अल्मोड़ा जाकर न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध जगदीश चंद्र के तीनों हत्यारोपियों से गहनता से पूछताछ करने पर उनके बयानों के आधार पर विवेचनाधिकारी द्वारा जगदीश चंद्र हत्याकांड में पकड़े गए तीनों अभियुक्त जिस वाहन से अपने गाँव बेल्टी से घटनास्थल सैलापानी गए थे उस वाहन बुलेरो की तस्दीक कर कब्जे में लिया गया तथा घटना से संबंधित दो चश्मदीदों के न्यायालय के समक्ष बयान दर्ज कराए गए। जगदीश चंद्र हत्याकांड में संलिप्त दो अन्य आरोपी प्रकाश में आये जिनमें नन्दन सिंह निवासी- नौगांव पो० कनोली त० रानीखेत अल्मोड़ा व नरेन्द्र सिंह नौगांव पो० कनोली त० रानीखेत अल्मोड़ा का होना पाया गया जिसमें आरोपी नन्दन सिंह की घटना के अगले दिन अज्ञात कारणों से मृत्यु होना प्रकाश में आया। वहीं इस हत्याकांड में नरेन्द्र सिंह को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया।
गौरतलब है कि जगदीश चन्द्र पुत्र केश राम निवासी पनुवादोखन तहसील सल्ट के द्वारा गीता उर्फ गुड्डी पुत्री जोगा सिंह निवासीदृ ग्राम बेल्टी तहसील भिक्यासैंण जिला अल्मोडा के साथ अंतरजातीय विवाह किया गया था, जिसके चलते गीता उपरोक्त के परिजनों में काफी रोष व्यापत था। गीता के परिजनों के द्वारा अपने साथी नन्दन सिंह पुत्र कुंवर सिंह व नरेन्द्र सिंह पुत्र हीरा सिंह निवासीगण नौगाँव भनोली तहसील रानीखेत जिला अल्मोडा (उक्त दोनों लोग नदी से रेत निकालकर घोड़ो से रेत ढोने का कार्य करते थे) के साथ मिलकर जगदीश चन्द्र की हत्या का षडयंत्र रचा गया। जिसमें नन्दन सिंह द्वारा जगदीश चन्द्र के कार्य हेतु ग्राम बोली चापड में आने व जगदीश के गाँव से निकलने की रैकी कर सूचना गोविन्द सिंह व उसके परिजनों को दी गयी जिसके पश्चात गोविन्द व जोगा सिंह द्वारा जगदीश चन्द्र को दिनांक ०1.०9.2०22 को अपह्रत किया गया। जगदीश के अपहरण के पश्चचात गीता की माँ भावना ,भाई गोविन्द सिंह व नन्दन सिंह ओमनी वैन संख्या यूके 19 टीए ०389 में गीता की तलाश हेतु धारानौला आये, इस दौरान जोगा सिंह व नरेन्द्र सिंह के द्वारा जगदीश को बन्धक बनाकर सैलापानी पुल के पास रखा गया।
गीता के न मिलने से रूष्ठ होकर गीता के परिजनों व नन्दन सिंह द्वारा जगदीश की हत्या कर दी गयी व गीता के परिजन गोविन्द , जोगा सिंह व भावना देवी द्वारा जब जगदीश के शव को ठिकाने लगाने हेतु ओमनी वैन संख्या यूके 19 टीए ०389 के माध्यम से ले जाया जा रहा था, पुलिस टीम द्वारा उन्हें रंगे हाथों पकडकर मृतक जगदीश का शव बरामद कर लिया गया था।
