पुष्कर का मास्टर स्ट्रोक

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विधानसभा मंे हुई आज तक की
सभी भर्तियों की होगी जांच
चंद विभीषण सरकार को हिलाने का रच रहे थे चक्रव्यूह?
विधानसभा अध्यक्ष जिस एजेंसी से जांच कराने को कहेंगी सरकार उसमें सहयोग देगी
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में चंद दिनों से राज्य के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के कार्यकाल में हुई भर्तियों को लेकर मीडिया मंे भूचाल मचा हुआ था और इस भर्ती घोटाले को जिस तरह से कुछ साजिशकर्ता पर्दे के पीछे रहकर हवा देने की साजिश कर रहे थे उन सभी को आईना दिखाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बडा मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए ऐलान कर दिया कि राज्य में आज तक विधानसभा में जितनी भी भर्तियां हुई है अगर कहीं पर भी गडबडी की शिकायत आई है चाहेे वह किसी के भी कालखंड में हुई हो तो सभी भर्तियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कहा कि जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष विदेश से उत्तराखण्ड लौटेंगी तो उनसे मंथन कर उन्हें अवगत कराया जायेगा कि वह किसी भी एजेंसी से इसकी जांच करायेंगी तो सरकार उसमें अपना पूरा सहयोग देगी। मुख्यमंत्री ने आज तक हुई सभी भर्तियांे की जांच कराने का विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध करने की बात कही है उससे उन साजिशकर्ताओं के पैरो तले जमीन खिसक गई जो हाल ही में विधानसभा में हुई भर्तियांे को लेकर एक बडा खेल खेलते हुए पुष्कर ंिसह धामी को दिल्ली से लेकर उत्तराखण्ड मंे कमजोर करने की चाल चल रहे थे? उत्तराखण्ड के विधानसभा मंे हुई आज तक की सभी भर्तियों का राज बेपर्दा होगा और वो लोग भी बेनकाब होंगे जिन्होंने हाल ही में विधानसभा के अन्दर हुई भर्तियों को लेकर एक बडी रणनीति के तहत मीडिया मंे आग उगल रखी थी?
उल्लेखनीय है कि विधानसभा एक संवैधानिक पीठ है और इस पीठ पर कोई उंगली नहीं उठा सकता यही कारण है कि राज्य मंे आज तक विधानसभा में हुई भर्तियों पर कभी भी मीडिया द्वारा कोई उंगली नहीं उठाई गई और न ही इन भर्तियों की गूंज मीडिया के किसी घराने में आज तक सुनने को मिली। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य में भ्रष्टाचार व घोटालों को लेकर जिस तरह से अपने सख्त तेवर अपना रखे हैं उसी का परिणाम है कि राज्य में भ्रष्टाचारियों व घोटालेबाजों में खलबली मची हुई है। पुष्कर सिंह धामी ने यूकेएसएसएससी आयोग द्वारा कराई गई कई भर्तियों की जांच के लिए आदेश दिये हुये हैं और आयोग द्वारा कराई गई भर्तियों मंे पेपर लीक की आंच नकल माफियाओं से लेकर सफेदपोश और पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गई है उससे बडे-बडे नकल माफियाआंे और सफेदपोशों की नींद हराम हो गई है। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ संदेश दे रखा है कि भ्रष्टाचारी चाहे कितना भी बडा क्यों न हो उन सबके खिलाफ कार्यवाही कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया जायेगा। मुख्यमंत्री के बढते कदमों से उनके कुछ अपनों की नींद उडी हुई है और उसी के चलते उत्तराखण्ड के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों पर जिस तरह से मीडिया के कई घरानों ने हंगामा मचा रखा है उससे यह सवाल खडे होने लगे कि आखिरकार इस बार हुई विधानसभा में नियुक्तियों को लेकर मीडिया आखिर किसके इशारे पर मीडिया ट्रायल करने के लिए आगे आ गई? मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जो कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भ्रष्टाचारमुक्त भारत को उत्तराखण्ड में धरातल पर उतारने के लिए आगे आ रखे हैं और यही कारण है कि राज्य में बडे-बडे माफियाओं और भ्रष्टाचारियों में खलबली मच गई है कि पुष्कर सिंह धामी ने जिस तरह से राज्य मंे हुई भर्तियों के खिलाफ जांच कराने का खुला आदेश दिया है उससे राज्य में बडे-बडे सफेदपोश नकल माफिया और कुछ अफसर बेनकाब हो सकते हैं? मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जो कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बिगुल बजा चुके हैं उन्होंने आज एएनआई न्यूज एजेंसी को दिये एक इंटरव्यू में साफ कर दिया कि राज्य में विधानसभा के अन्दर आज तक जितनी भी भर्तियां हुई है चाहे वह किसी भी कालखंड में हुई हो तो सभी भर्तियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूरी कनाडा से जब वापस लौटेंगी तो उनके साथ मंथन कर उन्हें सभी भर्तियों की जांच कराने का अनुरोध किया जायेगा और विधानसभा अध्यक्ष जिस भी एजेंसी से इन भर्तियों की जांच कराने का आदेश देंगी सरकार उनके साथ सम्पूर्ण सहयोग कर जांच में उनके साथ खडी रहेगी। अब यह सवाल भी तैरने लगे हैं कि आखिरकार वो कौन विभीषण हैं जो पर्दे के पीछे रहकर हाल में हुई विधानसभा की भर्तियों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार को हिलाने का चक्रव्यूह रचकर एक बडी साजिश का खेल खेल रहे थे?

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