ब्रह्मखाल (उत्तरकाशी)। धरासू यमनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग 134 पर विगत कई दिन से भारी भूस्खलन होने के कारण आवाजाही के लिए के लिये मार्ग कभी बंद हो रह है तो कभी खुल रहा है। बुधवार सुबह जब स्कूल खुले तो उत्तरकाशी से रोजाना अप डाउन करने वाले अध्यापकों का वाहन।धरासू के पास चट्टान टूटने से 1० बजे तक फंसा रहा । यहां से निकले तो पनोथ और तलोग मे भी राजमार्ग बंद था बमुश्किल हाजरी लगाने के लिए वाहनों से अपडाउन करने वाले गुरु जी दिन तक अपने विद्यालयों मे पंहुच ही गये। यही हालात जुणगा दसगी मोटर मार्ग के थे इस मार्ग पर भी कुछ जगहो पर मलवा आया हुआ था वहां भी शिक्षकों को सडक खुलने तक इंतजार करना पडा।
चारधाम यात्रा मार्ग चौडीकरण कार्य होने के कारण पहाडियां हिल गई और उनकी नीव कमजोर पड गई जिस कारण बीस किलोमीटर एरिया का यह मार्ग मलवे से कई जगहों पर छतिग्रस्त हो गया है। धरासू के पास मार्ग खोलना प्रशासन और रानी कन्ट्रक्सन कंपनी के लिए सरदर्द बना हुआ है कुछ यही हालत तलोग के पास भी बन रहे है यहां भी पहाडी से लगातार पत्थर मलवा बरस रहा है। ब्रह्मखाल मे कन्या जूनियर हाईस्कूल का भवन भुस्खलन होने के कारण कभी भी भरभरा कर ध्वसत हो सकता है। यहां सडक निर्माण की जद मे आने से स्कूल भवन की नीव तक दिखने लगी है। तलोग मे भी राजमार्ग पर भारी मलवा आ रहा जिस कारण ग्रामीणो की कई हैक्टेयर भूमि भूस्खलन की भेंट चढ गई है। यहां पर राजमार्ग बार बार बंद हो रहा है। कल्याणी बिटुला का प्राथमिक स्कूल पहले की सडक चौडीकरण की भेंट चढ चुका है। भारी बरसात से राजमार्ग पर आपदा जैसे हालात है। चार धाम यात्री और अन्य कई माल वाहन सडको पर खडे है हालांकि छोटे वाहनो के लिये प्रशासन ने कौडा फेडी होते हुये धरासू तक का मार्ग खुलवाया है था मगर उसके हालात भी अछे नही है यहां भी कई जगहो पर गाडिया फिसल रही है ।कुल मिलाकर इस बरसात से जन जीवन प्रभावित हुआ है और आवाजाही पर बडा असर पडा है। उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग के अध्यापक गांव का कमरे उत्तरकाशी जिला मुख्यालय में ले रखे हैं यहीं से 5०-6०किलोमीटर प्रति दिन अप डाउन करते हैं, लेकिन बरसात के सीजन में कई दिनों जो गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित और अन्य लिंक मार्ग बंद रहते हैं जिससे गुरुजी समय से स्कूल नहीं पहुंच पाते।
इधर मामले में जब मुख्य शिक्षा अधिकारी, उत्तरकाशी ए एन काला से पूछा तो उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत यदि आती है तो इन अध्यापकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। नियम अनुसार 7-8 किलोमीटर की परिधि से अधिक दूरी पर वाहन से अध्यापक नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि मेने खंड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे चुके हैं।
