देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड का इतिहास रहा है कि जहां से भी पूर्व मुख्यमंत्री ने उपचुनाव लडा तो उन्होंने चुनाव जीतने के बाद उस विधानसभा पर अपना फोकस नहीं रखा और वह दून में बैठकर राजनीति करते रहे जिस कारण उनकी विधानसभा में आवाम का दर्द सुनने के लिए कोई आगे नहीं आता था और यही कारण रहा कि जब पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत से उपचुनाव लडने के लिए अपने कदम आगे बढाये तो राज्य में बहस छिडी कि मुख्यमंत्री चुनाव जीतने के बाद क्या अपनी विधानसभा को उसी तरह से लावारिस रखेंगे जैसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल में देखने को मिला था? पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत का रण जीतने के लिए अपनी पत्नी के साथ चुनावी बिगुल बजाया था और महिलाशक्ति ने जिस तरह से गीता धामी का खुलकर साथ दिया उसी का परिणाम रहा कि चम्पावत का उपचुनाव मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक मतों से जीता और उसी के चलते देशभर में उनका राजनीतिक इकबाल देखने को मिला। पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत को आदर्श विधानसभा बनाने के लिए सबसे पहले वहां अपना कार्यालय खोला जिससे कि उनकी विधानसभा के किसी भी व्यक्ति को अपना काम कराने के लिए देहरादून का सफर तय न करना पडे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जिस तरह से 2०24 के मिशन में आगे आना पडा है उसके चलते उनकी जीवन संगनी गीता धामी ने चम्पावत का रण संभाल लिया है और वह चम्पावत में चप्पे चप्पे पर विकास का खाका खींचने के लिए खुद मोर्चा संभाले हुये हैं क्योंकि वहां की महिलाशक्ति ने जिस तरह से गीता धामी पर अपना अटूट विश्वास दिखाया था उस विश्वास पर खरा उतरने के लिए गीता धामी ने महिलाशक्ति को साफ संदेश दे रखा है कि वह चम्पावत को एक नया चम्पावत बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं और मुख्यमंत्री ने चम्पावत को एक नया रूप देने के लिए बडी पहल भी शुरू कर दी है।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चम्पावत से उपचुनाव लडे और वहां से उन्होंने एतिहासिक जीत दर्ज की तो आवाम के मन में यह शंका पैदा हुई कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तो दून में ही रहेंगे जिससे चम्पावत के विकास का कौन खाका खिंचेगा लेकिन पुष्कर सिंह धामी ने अपने संकल्प को दोहराते हुए चम्पावतवासियों को आश्वासन दे रखा है कि नया चम्पावत बनाने की दिशा में वह काम कर रहे हैं और चम्पावत की जनता ने उन पर जो विश्वास दिखाया है उस पर वह शत-प्रतिशत खरा उतरेंगे जिसके लिए उन्होंने चम्पावत में अपना कार्यालय भी स्थापित कर दिया है और वहां की जनता को अपनी किसी भी समस्या के लिए कहीं आना-जाना नहीं पडेगा। वहीं मुख्यमंत्री की पत्नी गीता धामी ने चम्पावत का रण खुद सम्भाल रखा है और उन्हें पता है कि महिलाशक्ति ने उन्हें जो आशीर्वाद दिया है उस पर वह खरा उतरेंगी इसलिए वह समूचे चम्पावत में हर परिवार के सम्पर्क में हैं और वह लगातार चम्पावत की जनता से रूबरू हो रही हैं और उन्होंने अब तक वहां काफी परिवारों का दुख हरने की दिशा में बडी पहल की है उससे वहां की जनता के मन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी पत्नी गीता धामी को लेकर एक बडा विश्वास जाग गया है और उनका कहना है कि गीता धामी जिस तरह से अकसर चम्पावत आकर विधानसभा में चप्पे-चप्पे पर आवाम से मिल रही हैं और हर व्यक्ति से उसकी समस्या पूछकर उसे तत्काल राहत देने की दिशा में आगे आ रही हैं वह इस बात का सबूत है कि पुष्कर सिंह धामी अपनी विधानसभा को किसी भी कीमत पर लावारिस छोडने के मूड में नहीं है और उन्होंने वहां की जनता के बीच जिस तरह से गीता धामी को आगे किया है उसी का परिणाम है कि चम्पावत की जनता अपने मुख्यमंत्री को लेकर आश्वस्त हैं कि वह जल्द एक नया चम्पावत बनायेंगे।
