देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में विकास का एक नया अध्याय लिखने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विधानसभा चुनाव में राज्यवासियों के साथ अपनी हर जनसभा में एक बडा वादा किया था और इस वायदे को धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को कमान सौंपने का ऐलान किया था। विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत ने यह साबित कर दिया कि उत्तराखण्डवासी देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर एक अटूट विश्वास रखते हैं और उनके विश्वास पर खरा उतरने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सौ दिन के भीतर विकास का जो खाका खींचा है उससे राज्य के अन्दर यह बात उठ रही है कि मोदी और पुष्कर सिंह धामी की जोडी उत्तराखण्ड के विकास के लिए एक बडे विजन के तहत धरातल पर काम करने के लिए आगे आ चुकी है। नरेन्द्र मोदी और पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड की रजत जयंती पर राज्यवासियों को एक नया उत्तराखण्ड तोहफे के रूप में देने का जो वचन दिया है उसी वचन को धरातल पर सच साबित करने के लिए पुष्कर सिंह धामी अपनी किचन टीम के साथ दिन-रात विकास के मिशन में आगे बढते जा रहे हैं और यही कारण है कि उत्तराखण्ड को नये रूप में बदलते देख आवाम के मन में एक बडा विश्वास पनपने लगा है कि अब राज्य में वह होगा जो इक्कीस सालों में कोई सी भी सरकार नहीं कर पाई थी।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बडा विश्वास दिखा रखा है और उसी के चलते नरेन्द्र मोदी ने पुष्कर सिंह धामी को अपने कुछ ड्रीम प्रोजेक्टों को उत्तराखण्ड की धरती पर उतारने का विजन सौंप रखा है। प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्टों को गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारने के लिए पुष्कर सिंह धामी और उनकी किचन टीम ने एक बडे विजन के तहत अपने कदम आगे बढा रखे हैं। उत्तराखण्ड में जहां गढवाल व कुमांऊ में रेल को दौडाने के लिए नरेन्द्र मोदी और पुष्कर सिंह धामी की जोडी ने जिस संकल्प के साथ इस काम को अमलीजामा पहनाने का मजबूत इरादा रखा हुआ है वहीं यह बताने के लिए काफी है कि राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहाडों में रेल को दौडाने के लिए कितने उत्साह के साथ इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए खुद भी पैनी नजर बनाये हुये हैं।
उत्तराखण्ड से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बेहद लगाव है और इसी के चलते वह एक संकल्प लिये हुये हैं कि उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में मात्र कुछ साल के भीतर लाकर खडा कर दें। पुष्कर सिंह धामी ने जहां विकास का पहिया देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आशीर्वाद लेकर तेजी के साथ आगे बढा रखा है वहीं पुष्कर सिंह धामी राज्य पर बढते कर्ज के बोझ को देखते हुए राज्य में जिस तरह से खर्चों के अन्दर कटौती करने की दिशा में आगे बढे हैं उससे राज्यवासियों के मन में एक नया विश्वास पैदा हुआ है कि इक्कीस सालों से जिस तरह सरकारी आयोजनों को महंगे होटलों में आयोजित किया जाता था उस पर आखिरकार युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिस तरह से ब्रेक लगया है वह राज्य के अन्दर अफसरशाही और राजनेताओं को एक नया संदेश दे चुका है अब उत्तराखण्ड में वह सबकुछ नहीं होगा जो इक्कीस सालों से राज्य के अन्दर होता आ रहा था? उत्तराखण्ड की कमान संभालने वाले पुष्कर सिंह धामी ने जिस तरह से एक साल से पारदर्शिता के साथ सरकार चलाने के लिए अपनी टीम के साथ बडे विजन के तहत अपने कदम आगे बढाये हैं उससे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुष्कर सिंह धामी पर एक अटूट विश्वास बन गया है और मात्र एक साल के भीतर पुष्कर सिंह धामी देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सखा बने हैं वह यह बताने के लिए काफी है कि पुष्कर सिंह धामी अपने शासनकाल में अपने आस-पास भी ऐसी ताकतों को फटकने नहीं दे रहे हैं जो अपने आपको पॉवरफुल मानकर अपना भौकाल दिखा रही थी? प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एकसाथ आकर जिस तरह से उत्तराखण्ड को विकास की राह पर तेजी से दौडाना शुरू किया है वह राज्यवासियों के लिए एक सुखद माना जा रहा है।
