देहरादून(नगर संवाददाता)। राजधानी व आसपास के क्षेत्रों में भी ईद-उल-अजहा की रौनक देखी गयी, और जिसमें मुस्लिमों ने आपस में गले लगाकर ईद-उल-अजहा ‘बकरीदÓ की बधाई देते हुए शहर की ईदगाहों में नमाज अदा की और विश्व में शांति बनाये रखने की भी दुआ की।
इस अवसर पर बकरीद के उपलक्ष में शहर की समस्त मस्जिदों व ईदगाहों में नमाज अता की गयी और सभी मुस्लिम भाईयों ने आपस में गले लगाकर बकर ईद की मुबारकबाद देते हुए दुम्बा प्रसाद स्वरूप बांटा गया। जिसे तीन हिस्सों में बांटा गया। बताया गया कि जिसमें पहला हिस्सा गरीबों में, दूसरा हिस्सा रिश्तेदारों में और तीसरा हिस्सा अपने परिवार के लिए रखा जाता हैं। इसी को प्रसाद स्वरूप आपस में बांटा जाता हैं। इसी के साथ शहर की विभिन्न मस्जिदों के साथ ईदगाह में नमाज अलग अलग समयानुसार अदा की गयी। इस अवसर पर शहर काजी मौलाना अहमद कासमी ने बताया कि आज के ही हजरत इब्राहिम अलेहित सलाम की धर्म सेवा से खुश होकर अल्लाह ताला ने उनसे उनकी प्रिय चीज की कुर्बानी मांगी जिसमें हजरत इब्राहिम ने अपने प्रिय पुत्रा की कुर्बानी देनी चाही और उसकी गर्दन पर जैसे ही तलवार चलानी चाही वैसे ही अल्लाह ताला ने अपने फरिश्ते को भेजकर उनके पुत्र के स्थान पर दुम्बा (बकरा) खड़ा कर दिया और उसकी कुर्बानी हो गयी। तब सभी से इस दिन को बकर ईद के रूप में मनाया जाता हैं।
इस अवसर पर उन्होंने बताया कि इसके साथ ही आज के दिन एक ही समय नमाज अता करने का नहीं मिलता हैं तो ईदगाह या मस्जिद में नमाज अता की गई। वहीं बच्चों में काफी उत्साह दिखाई दिया और वहीं पुलिस सुरक्षा की पैनी नजर रही और वहीं दूसरी ओर नमाज के समय रूट को डायवर्ट भी किया गया था।
