पुष्कर के बेदाग ‘365 डे’

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सत्ता चलाने के 365 डे का सफल दौर पूरा किया और इस दौर में वह बेदाग दिखाई दिये और इस कार्यकाल में न तो पुष्कर सिंह धामी पर सोशल मीडिया में कोई दाग लगा और न ही विपक्ष किसी भी मामले में पुष्कर सिंह धामी की घेराबंदी कर पाये जिससे राज्यवासियों को एक उम्मीद जगी है कि जो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी अब तक सत्ता चलाने में जिस तरह से बेदाग साबित हुये हैं उसी तरह वह अपना समूचा कार्यकाल बेदाग होकर ही पूरा करेंगे और राज्य को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में वह जिस तेजी के साथ आगे बढते जा रहे हैं वह राज्य के लिए एक शुभ संकेत माने जा रहे हैं और यही कारण है कि उत्तराखण्ड में विपक्ष मुख्यमंत्री की सफल सत्ता चलाने की रणनीति से घबराया हुआ दिखाई दे रहा है?
बीते वर्ष तीन जुलाई 2०21 को राजधानी में नये मुख्यमंत्री की ताजपोशी को लेकर उत्तराखण्ड के अन्दर एक बडा जश्न मन रहा था और यह बात उठ रही थी कि जिस पुष्कर सिंह धामी को भाजपा सरकार में कभी मंत्री बनाने के लिए किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कदम आगे नहीं बढाये उस पुष्कर सिंह धामी पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा हाईकमान जेपी नड्डा ने एक बडा विश्वास दिखाते हुए उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन किया था और उसी दिन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुष्कर सिंह धामी को एक छोटा सा पाठ पढाया था कि जिस कुर्सी पर उन्हें बिठाया गया है उस कुर्सी को पाने के लिए नेताओं का जीवन कम पड जाता है। प्रधानमंत्री के इस पाठ को उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मन में धारण किया और उसके बाद उन्होंने जब अपनी किचन टीम में अफसरों की तैनाती की तो उसी दिन से राज्यवासियों के सामने संदेश चला गया था कि राज्य के मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को किस दिशा में ले जाने का विजन अपने अन्दर धारण किये हुये हैं। सवाल यह भी उठे कि मुख्यमंत्री के साथ जब भी बेदाग अफसरों की तैनाती हुई तो सरकार शान से सत्ता चलाते हुए दिखाई दी और उस सरकार पर कोई आरोप का दाग भी नहीं लगा पाता उसी तर्ज पर पुष्कर सिंह धामी ने सत्ता चलाने का पैमाना तय किया। पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के कार्यकाल में सत्ता को काफी करीब से देखा था और सचिवालय में भी वह अफसरों की कार्यशैली को भलीभांति देख चुके थे इसलिए उन्हें इस बात का इल्म था कि अफसरशाही को किस राह पर और किस तरह से ले जाना है। मुख्यमंत्री को इस बात का ज्ञान था कि राज्य में कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों की कुर्सी जाने के पीछे सबसे बडी वजह क्या थी? कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों ने अहंकार से सत्ता चलाई तो वह राज्य के अन्दर आवाम की नजरों में एक हिटलर से ज्यादा कुछ नहीं दिखाई दिये इसी के चलते पुष्कर सिंह धामी ने आवाम का दिल जितने के लिए जिस तरह से उन्होंने उनके बीच जाकर उनके जैसा आनंद उठाया उसी का परिणाम था कि राज्य की जनता पुष्कर सिंह धामी के खुशमिजाज दिल और उनकी आम आदमी के प्रति सोच देखकर उन्हें एक बार फिर राज्य में सत्ता दिलाकर यह साबित कर दिया था कि मिथक कुछ नहीं होते और मिथक तो तोडने के लिए ही बनते हैं जो पुष्कर सिंह धामी ने इक्कीस साल बाद तोड दिये। मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ लेकर उन्होंने जिस तरह से राज्य को आगे बढाने की दिशा में काम करना शुरू किया और चारधाम यात्रा को अभूतपूूर्व बनाकर उन्होंने जिस तरह से अपने विजन को राज्यवासियों के सामने रखा है उससे आवाम भी यही दुआ मांग रही है कि पुष्कर सिंह धामी को सत्ता चलाने के लिए एक बडा युग मिलना चाहिए जिससे वह राज्य को आदर्श बना सके जो कोई भी पूर्व मुख्यमंत्री नहीं बना पाया था? उत्तराखण्ड में बीते वर्ष भाजपा हाईकमान ने उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को चार साल का जश्न मनाने का भी मौका नहीं दिया और उससे पहले ही उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाकर खटीमा से युवा चेहरे पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखण्ड का मुख्यमंत्री तीन जुलाई 2०21 को बनाया था। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने राज्यवासियों को आशा की किरण दिखाई थी कि अब राज्य के अन्दर चौमुखी विकास के पद पर उनकी सरकार चलेगी। मात्र छह माह के भीतर पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा को सत्ता में वापसी का सुख दिलाया और राज्य के अन्दर विपक्ष को एक भी ऐसा मौका नहीं दिया कि विपक्ष उनकी सरकार को सदन व सडक पर घेर सके। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुष्कर सिंह धामी की स्वच्छ सरकार चलाने की कार्यशैली को देखकर उनकी पीठ थपथपाई थी और उनकी किचन कैबिनेट में चंद दमदार अफसरों के चलते सरकार सही दिशा में आगे बढती जा रही है और आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्ता चलाने के अपने 365 डे जिस सफलता के साथ पूरे किये हैं उससे उत्तराखण्डवासियों को पुष्कर सिंह धामी से एक बडी उम्मीद बन चुकी है।

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