एफआईआर दर्ज कराने को नहंी काटने पडेंगे चक्कर

0
129

देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में इक्कीस सालों से राज्य के अन्दर एक ही सवाल तैरता रहा कि आखिरकार पुलिस एफआईआर लिखने के लिए क्यों आगे नहीं आती? कुछ वर्ष पूर्व दावा किया गया कि सीसीटीएनएस के चलते एफआईआर दर्ज होंगी लेकिन यह भी राज्य के अन्दर एक हवाबाजी से ज्यादा कुछ नहीं रहा? एफआईआर लिखाने के लिए लोगों को जिस तरह से पुलिस कप्तानों से लेकर छोटे अफसरों के कार्यालयों के चक्कर काटने पडते हैं वह किसी से छिपा नहीं है ऐसे में अब राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐलान किया है कि आम आदमी घर बैठे ही अपनी एफआईआर दर्ज करा पायेगा अगर राज्य के अन्दर ऐसा हुआ तो वाकई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड की जनता के हृदय सम्राट बन जायेंगे और उनके नाम का जो डंका बजेगा उससे उनके अपने भी चारो खाने चित हो जायेंगेे।
प्रदेशवासियों को जल्द ही ई-एफआईआर की सुविधा मिलेगी। इसमें घर बैठे ही एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी। प्रारम्भ में वाहन चोरी और गुमशुदा वस्तुओं के संबंध में ई-एफआईआर कराई जा सकेगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में गृह और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री के समक्ष सीसीटीएनएस के अंतर्गत बनाए जा रहे ई-एफआईआर पोर्टल का प्रस्तुतिकरण दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि सरकार का मूल मंत्र है। सिस्टम इस प्रकार का होना चाहिए जिससे जनता सरलतम तरीके से अपनी शिकायतों का समाधान करा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-एफआईआर से आम जन को बहुत सुविधा होगी। व्यक्ति को एफआईआर दर्ज कराने के लिये परेशान नहीं होना पड़ेगा। ई-एफआईआर में उच्चाधिकारियों द्वारा नियमित रूप से समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाये जाने की जरूरत है। ड्रोन टेक्नोलोजी का भी उपयोग किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशिक्षण, आधुनिकीकरण और पुलिस सुधार से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर बैठक आयोजित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि झूठी एफआईआर को रोकने के लिये जरूरी प्राविधान किये जाने की आवश्यकता है। इस संबंध में सुझाव देने के लिये एक समिति बनाई जाए।
बताया गया कि ई-एफआईआर के लिये अभी अधिसूचना जारी की जानी है। शुरुआत में इसमें वाहन चोरी व गुमशुदा मोबाईल व वस्तुओं के संबंध में एफआईआर को शामिल किया जाएगा। ई-एफआईआर में वर्चुअल थाना स्थापित किया जाएगा। जो भी ई-एफआईआर की जाएगी, वह इस वर्चुअल थाने में जाएगी। शिकायत करने वाले को इसकी पावती मिल जाएगी। यहां इसका परीक्षण कर संबंधित थाने में आवश्यक कार्यवाही के लिए अग्रसारित की जाएगी। ई-एफआईआर पोर्टल को देवभूमि मोबाईल एप से भी जोड़ा जाएगा।  बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, एडीजी वी मुरूगेशन, आईजी श्रीमती बिमला गुन्ज्याल, अपर सचिव श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, सहित गृह व पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY