देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में देखने में आता रहा है कि सरकारें भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच सीबीआई से न कराकर कुछ अफसरों की एसआईटी बनाकर उन्हें जांच का जिम्मा सौंप देती है लेकिन उसके बाद इन जांचों को लम्बा खिंचने का जो खेल चलता आ रहा है वह किसी से छिपा नहीं है। कांग्रेस शासनकाल में हुये सैकडों करोड के सिडकुल घोटाले की जांच के लिए पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एसआईटी का गठन किया था लेकिन यह जांच कई वर्षों बाद भी आज तक एक पहेली बनी हुई है और इस जांच को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया है इस पर भी हमेशा एक बहस छिडी रहती है। वहीं राज्य में हुये कर्मकार बोर्ड में घोटाले की जांच एसआईटी के हवाले की लेकिन यह जांच कितने वर्षों में पूरी होगी और उसमें शामिल भ्रष्ट लोग कभी बेनकाब हो पायेंगे यह आज भी राज्य के अन्दर एक बहस का विषय बना हुआ है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अपने कार्यकाल में ऐलान किया था कि सिडकुल घोटाले की जांच एसआईटी करेगी और इसके लिए एसआईटी का गठन भी कर दिया गया था। सैकडों करोड के इस घोटाले की जांच को अंजाम तक पहुंचाने के लिए पुलिस के एक अफसर ने जब तेजी दिखाई तो वह कुछ राजनेताओं और अफसरों की आंखों में चुभने लगे थे और उसके बाद यह जांच जब दूसरे अफसरों के पास आई तो उन्होंने कभी भी इस जांच को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जिससे सिडकुल के करोडो का यह घोटाला आज भी उत्तराखण्ड के अन्दर एक पहेली बनकर रह गया है? वहीं भाजपा शासनकाल के पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के कर्मकार बोर्ड में हुये बडे घोटाले की गूंज जब राज्य में गूंजी तो लैंसडॉन के भाजपा विधायक ने इस घोटाले की जांच सीबीआई से जांच कराने की मांग की और जब इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया तो उसके बाद यह बहस चली कि आखिरकार यह जांच कितने वर्षों बाद पूरी होगी? उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तो अपना विजन साफ कर दिया है लेकिन आज भी राज्य के कुछ अफसर उनके इस विजन को धरातल पर उतारने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं क्योंकि अगर उनके मन में मुख्यमंत्री के विजन को सफल बनाने का जज्बा दिखाई देता तो वर्षों से चली आ रही एसआईटी की चंद जाचों पर अब तक मोहर लग जाती और वो अफसर बेनकाब हो जाते जो भ्रष्टाचार का खेल खेलकर भी अपने आपको सुरक्षित जोन में रखे हुये हैं?
