पुष्कर एक सीट पर डटे मठाधीशांे पर चलायेंगे चाबुक

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देहरादून(संवाददाता)। त्रिवेन्द्र राज में भ्रष्टाचार करने वाले कुछ अफसर अभी भी पॉवरफुल बने हुये हैं और उसी के चलते राज्यवासियों की नजरें भ्रष्टाचार के खिलाफ लडाई लडने का ऐलान कर चुके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर जा टिकी हैं और यह सवाल भी खडा हो रहा है कि त्रिवेन्द्र और तीरथ राज में वर्षों से एक सीट पर जमें कुछ अफसरों को चिन्हित करने के लिए कौन आगे आयेगा जिससे राज्य में यह संदेश चला जाये कि वर्षों से जो अपने आपको ‘सरकारÓ से कम नहीं समझते थे वे अब पुष्कर सरकार की रडार पर आ गये हैं और त्रिवेन्द्र राज में भ्रष्टाचार करने वाले कुछ अफसर जो अभी भी अपने आपको पॉवरफुल समझने का भ्रम पाले हुये हैं उनके चक्रव्यूह को तोडने के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी अब जरूर आगे आयेंगे और राज्य के अन्दर संदेश देंगे कि एक ही सीट पर अपने आपको सरकार समझते आ रहे कुछ अफसरो ंको उन सीटों से जाना पडेगा जहां वह वर्षों से डटे रहकर अपना रहस्यमय खेल खेलते आ रहे हैं? मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का साफ विजन है कि राज्य के अन्दर चाहे कोई छोटा हो या बडा अगर किसी ने भी भ्रष्टाचार करने का साहस दिखाया तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन अमल में लाया जायेगा।
उत्तराखण्ड में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और तीरथ सिंह रावत के राज में कुछ अफसर ऐसे थे जो एक ही सीट पर वर्षों से डटे हुये हैं और उनकी सीट को कभी भी इधर से उधर करने का कोई साहस पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर शासन के किसी अधिकारी ने वर्षों तक नहीं दिखाया? उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य में स्वच्छ प्रशासन देने का पहले दिन से ही ऐलान कर चुके हैं और उनकी किचन टीम में चंद अफसर ऐसे हैं जो भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त करने के मूड में आज तक दिखाई नहीं दिये। यही कारण है कि अब राज्य के अन्दर अफसरशाही में आने वाले कुछ दिनों के भीतर एक बडा बदलाव भी देखने को मिल सकता है जिसकी सम्भवत: पूरी तैयारी मुख्यमंत्री की किचन टीम ने कर ली है? उत्तराखण्ड की पूर्व भाजपा सरकार के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में कुछ अफसर इतने पॉवरफुल थे कि उन पर कोई भी उंगली उठाने का साहस नहीं कर पाता था और अगर किसी ने कोई साहस किया भी तो कुछ अफसरों ने उन्हे ंअपनी ताकत का एहसास करा दिया था? अब उत्तराखण्ड में पुष्कर सरकार का उदय हो रखा है और राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भ्रष्टाचारमुक्त भारत के संकल्प को उत्तराखण्ड में धरातल पर उतारने के लिए अपनी किचन टीम के साथ एक बडा प्लान तैयार कर रखा है और इस प्लान के तहत इस बात पर भी पैनी नजर रखी जा रही है कि कौन-कौन अफसर ऐसे हैं जो लम्बे अर्से से एक ही सीट पर आसीन हो रखे हैं? उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री राज्य के अन्दर पारदर्शिता के साथ सरकार चलाने का संकल्प लिये हुये हैं और यही कारण है कि अब उन सबको सम्भवत: चिन्हित करने का काम किया जायेगा जो एक ही सीट पर लम्बे अर्से से तैनात होकर अपने आपको ‘सरकारÓ समझते आ रहे हैं। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राज्यवासियों को एक बडी उम्मीद जग गई है और उनकी यही चाहत है कि राज्य के अन्दर किसी भी विभाग में आवाम को अपने काम कराने के लिए भ्रष्टाचार का दंश न झेलना पडे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस बात पर भी पैनी नजर रखनी होगी कि आवाम की सेवा के लिए तैनात कुछ सरकारी अफसर कहीं ऐसे तो नहीं कि वह अपने कार्यालय में किसी छोटे इसंान को अन्दर आने से भी टोकते हों? उत्तराखण्ड को अब आदर्श राज्य बनाने की दिशा में राज्य के मुख्यमंत्री आगे बढ चुके हैं और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्टों को धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने खुद मोर्चा संभाल रखा है ऐसे में अब उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने के लिए सबसे पहले उन्हें काफी सरकारी महकमों में मठाधीश बन चुके कुछ अफसरों के चक्रव्यूह को भी भेदकर उन्हें उन महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से मुक्त करनाा पडेगा जिस पर वह लम्बे समय से कब्जा जमाये बैठे हैं? उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री युवा हैं और वह लम्बे अर्से से उत्तराखण्ड की अफसरशाही को नजदीक से देखते आ रहे हैं इसलिए उन्हें अब ऐसे अफसरों पर अपनी रडार फिट करनी पडेगी जो त्रिवेन्द्र और तीरथ राज में भ्रष्टाचार की मलाई चाट-चाट कर अपने चेहरों पर एक नई रंगत ले आये हैं?

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