मुख्य सेवक भव्य बनायेंगे कांवड यात्रा

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में दो साल से कांवड यात्रा पर भी ब्रेक लगा हुआ है जिस कारण शिव प्रेमियों में हर साल कांवड यात्रा को लेकर बडी उदासी देखने को मिली और काफी श्रद्धालु ऐसे थे जो प्रशासन की सख्ती के बावजूद भी कावंड यात्रा के लिए उत्तराखण्ड में निकल आये थे। उत्तराखण्ड में अब पुष्कर सिंह धामी की सरकार है और उन्होंने कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को भांपने के बावजूद भी जिस तरह से चारधाम यात्रा को एतिहासिक बनाने की दिशा में बडी पहल की उसी का परिणाम है कि देशभर से लाखों श्रद्धालुओं का हुजूम चारधाम यात्रा के लिए उमड आया और यात्रा करने वाले किसी भी श्रद्धालु के मन में यह नाराजगी नहीं दिखाई दी कि यात्रा मार्ग पर उन्हें किसी कठिनाई से गुजरना पडा है। अब राज्य के मुख्यमंत्री ने शपथ ली है कि दो साल बाद शुरू होने वाली कावंड यात्रा को भव्य और यादगार बनाया जायेगा जिसके लिए उन्होंने अभी से ही कावंड यात्रा को लेकर तैयारियों की समीक्षा करनी शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दो वर्षों से उत्तराखण्ड में कावंड यात्रा को कोरोना काल के चलते नहीं होने दिया गया जिसके चलते कांवडियों में कांवड यात्रा न होने को लेकर बडी मायूसी देखने को मिली थी हालांकि काफी कांवडिये एक जुनून के साथ उत्तराखण्ड के अन्दर अपनी कावंड को लेकर आ गये थे जिन्हें रोका गया और उन्हें गंगाजल भरकर जिला प्रशासन द्वारा दिया गया था और वहीं से उन्हें लौटा दिया गया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने यहां कांवड यात्रा को कोरोना काल से पहले हमेशा भव्य बनाया और जगह-जगह कांवड यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं पर जिला प्रशासन द्वारा हैलीकाप्टर से फूल बरसाये गये थे उस दृश्य को उत्तराखण्ड में भी चरितार्थ करने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बडा प्लान तैयार किया है और साफ कहा है कि अब कावंड यात्रा शुरू होगी जो दो साल से बंद थी और यह हम सब के लिए अवसर भी है और चुनौती भी। हम लोग कांवड यात्रा को भव्य यात्रा बनायेंगे। पुष्कर सिंह धामी ने जल्द शुरू होने वाली कावंड यात्रा को लेकर जिस तरह से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं उससे साफ नजर आ रहा है कि राज्य के अन्दर जब कांवड यात्रा शुरू होगी तो उसका नजारा अद्भुत ही होगा।

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