आरटीओ में सीएम का छापा

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देहरादून(संवाददाता)। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तराखण्ड में आयोजित एक चुनावी सभा में सूबे के मुख्यमंत्री को एक विशिष्ट संज्ञा देते हुए कहा था कि उत्तराखण्ड कीे सीएम पुष्कर कोई फ्लावर नहीं है, बल्कि वो तो फायर है। इस संज्ञा के वैसे तो कई मायने समझे जा सकते है लेकिन जिस संदर्भ में रक्षा मंत्री ने फायर शब्द का प्रयोग किया था उसका भावार्थ धीरे-धीरे धरातल पर नजर आ रहा है। उत्तराखण्ड में लगातार दूसरी बार सत्ता संभालने का कीर्तिमान रचने वाले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पारी की शुरूआत में ही शासन-प्रशासन के अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों को साफ संदेश दे दिया था कि यदि उनके द्वारा जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी होती है तो उनकी खैर नहीं होगी। इसका नतीजा यह देखने को मिला की अधिकांश विभागों में एक नया अनुशासन दिखा और वहां कार्यरत लोग जनसमस्याओं को संजीदगी के साथ सुनते व उनका निवारण करते हुए नजर आए। हालांकि कुछ विभाग आज भी पुराने ढर्रे पर ही काम कर रहे है, और ऐसे विभागों में हमेशा ही अनियमित्ताएं ही देखने को मिलती रहती है। अब सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ऐसे विभागों को रास्ते पर लाने के लिए कदम बढ़ा लिए है। अब वे ऐसे विभागों में डायरेक्ट एंट्री मारकर वहां काम कर रहे आराम तलब अधिकारियों व कर्मचारियों को सरप्राइज कर रहे है और अनियमित्ताएं बरतने पर उनको ऐसा सटीक सबक दे रहे है जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। यहां यह कहना गलत नहीं होगा कि सीएम धामी इस समय रौद्र-अवतार में है और वे जनता को कष्ट देने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को बिलकुल नहीं बख्शेंगे। इस बात का प्रमाण उस समय साफ देखने को मिल गया जब उन्होंने राजधानी दून स्थित आरटीओ में आकस्मिक छापा मारा और वहां बरती जा रही अनियमित्ताओं को खुद अपनी आंखों से देखा और जिसके बाद उनका पारा सातवें आसमान पर पंहुच गया और आरटीओ दिनेश चन्द्र पठोई को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने का हुकम दिया इसके साथ समय पर कार्यालय न पहुंचने वाले अधिकारी/कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही करने के भी आदेश देकर यह साफ कर दिया कि समय पर पहुंचने की परम्परा को जो भी नजर अंदाज करेगा वह पुष्कर सरकार में सजा का हकदार होगा।
आज सुबह लगभग पौने दस बजे राजधानी के आरटीओ कार्यालय अभी चहल पहल शुरू भी नहीं हुई थी कि राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का काफिला सीधे आरटीओ कार्यालय में दाखिल हो गया और जब एक गाडी से खुद राज्य के मुख्यमंत्री उतरे और उन्होंने आरटीओ कार्यालय का गेट बंद करा दिया और फिर वह आरटीओ कार्यालय में खुद वहां का जायजा लेने के लिए निकल पडे। पुष्कर सिंह धामी यह देखकर हैरान रह गये कि लगभग दस बजे तक काफी संख्या में अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय में पहुंचे ही नहीं थे। वहां का यह नजारा देखकर पुष्कर सिंह धामी रौद्र रूप में आ गये और उन्होंने जिस फायर अंदाज में वहां अधिकारी व कर्मचारियों से सवाल जवाब किये उससे सबके हाथ-पांव फूल गये। हैरानी वाली बात थी कि जिस समय मुख्यमंत्री आरटीओ कार्यालय पहुंचे थे उस समय जनपद के आरटीओ कार्यालय नहीं आये थे और लगभग अस्सी प्रतिशत कर्मचारी भी दफ्तर में उपस्थित नहीं थे। यह देखकर पुष्कर सिंह धामी ने वहां मौजूद अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि अब उनके राज में सभी अधिकारी व कर्मचारियों को दफ्तर में सही समय पर पहुंचने की परम्परा का पालन करना पडेगा नहीं तो ऐसे अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। सुबह-सुबह मुख्यमंत्री का आरटीओ कार्यालय में छापा यह संदेश दे गया कि अब राज्य के अन्दर आवाम के सभी कामों को सुगम और सरलता से करने के लिए सबको समय पर दफ्तर पर आना होगा। पुष्कर सिंह धामी ने आरटीओ विभाग के अन्दर सभी सैक्शन का खुद निरीक्षण किया और वहां का नजारा देखकर वह नाराज भी दिखे और उन्होंने जिस तरह से जनपद के आरटीओ को निलम्बित करने और समय पर कार्यालय न पहुंचने वाले अधिकारी/कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए परिवहन सचिव को आदेश दिये हैं उससे आरटीओ कार्यालय में हडकम्प मचा हुआ है। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह राज्य के सभी विभागों में अधिकारियों व कर्मचारियों की समय पर उपस्थिती को लेकर बायोमैट्रिक व्यवस्था को तेजी से लागू करने की दिशा में आगे बढ चुके हैं और सबको समय पर अपने कार्यालय आना पडेगा जिससे दूर दराज से आने वाली जनता को कोई दिक्कत व परेशानी का सामना न करना पड़े।

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