देहरादून(संवाददाता)। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बताये गुरू मंत्र पर उत्तराखण्ड की सत्ता चला रहे पुष्कर सिंह धामी भी राज्य के अन्दर उस समय धाकड धामी का खिताब अपने नाम करा गये जब उन्होंने बाइस साल से सत्ता वापसी को लेकर चले आ रहे एक बडे मिथक को तोडकर रख दिया था। उत्तराखण्ड में एक बार फिर भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार बनाने वाले पुष्कर सिंह धामी मात्र कुछ माह के अन्दर ही उत्तराखण्ड के महानायक बन गये और यही कारण है कि खटीमा में भीतरघात के चलते चुनाव हारने के बावजूद नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का बडा आशीर्वाद प्राप्त करने वाले पुष्कर ंिसह धामी को प्रधानमंत्री ने एक बार फिर उत्तराखण्ड की सत्ता सौंपी है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का अशीर्वाद भाजपा संगठन और सरकार के लिए एक बडा आलार्म बना और इसी के चलते चम्पावत में होने वाले उपचुनाव में धामी की विजय के लिए समूची भाजपा चम्पावत में जुटी और इस उपचुनाव में पुष्कर सिंह धामी को एतिहासिक जीत दिलाने के लिए सरकार व संगठन ने पूरी ताकत झोंक दी है और इस उपचुनाव पर भाजपा हाईकमान भी अपनी नजर बनाये हुये है।
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की खास पसंद बन चुके उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त करने का जो संकल्प लेकर अपनी सत्ता को आगे बढाया है उसी का परिणाम है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह का पुष्कर सिंह धामी को अभेद आशीर्वाद मिल गया है और पुष्कर सिंह धामी को फ्री-हैंड किया गया है कि वह सरकार चलाने के लिए जो भी महत्वपूर्ण फैसले लेना चाहते हैं वह खुद लें। प्रधानमंत्री के सखा माने जाने वाले पुष्कर सिंह धामी एक ऐसे राजनेता के रूप में उभरकर सामने आये जिन्हें मात्र छह माह के भीतर राज्यवासियों के दिलों में अपनी छाप छोड दी और उसी का परिणाम रहा कि राज्य की जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया और उत्तराखण्ड में चले आ रहे सत्ता वापसी के मिथक को भी चूर-चूरकर रख दिया था। पुष्कर ंिसह धामी राज्य के अन्दर कमल खिलाने में तो सफल हुये लेकिन कुछ अपनों ने ही उनके साथ भीतरघात का खेल खेला और उन्हे ंउत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री रहे भुवन चन्द्र खण्डूरी की तरह चुनाव में हरवा दिया था। पुष्कर सिंह धामी भले ही चुनाव हारे लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आशीर्वाद उन्हें मिलता रहा और उसी के चलते उन्हें एक बार फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी गई तथा उन राजनेताओं को आईना दिखाया गया जो खुद मुख्यमंत्री बनने की दौड में सबसे आगे अपने आपको मीडिया के आईने से अपना भौकाल बनाने में लगे हुये थे? उत्तराखण्ड में पुष्कर सिंह धामी जिस तरह से बडे-बडे फैसले लेकर राज्यवासियों को संदेश दे रहे हैं कि वह देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को आगे बढा रहे हैं उससे राज्यवासियों के मन में मुख्यमंत्री को लेकर एक बडा विश्वास बना है। उत्तराखण्ड के चम्पावत में पुष्कर सिंह धामी को उपचुनाव लडना है और सरकार व संगठन को इस बात का इल्म है कि मोदी और अमित शाह का आशीर्वाद जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी को मिल रहा है उससे सरकार व संगठन पुष्कर सिंह धामी के उपचुनाव में जीत के स्कोर को अभूतपूर्व करने की दिशा में काम कर रही है और पुष्कर सिंह धामी के चम्पावत में नामांकन के दौरान जिस तरह से भाजपा के दिग्गज नेताओं का वहां जमावडा लगा उससे साफ झलक गया कि पुष्कर सिंह धामी देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहली पसंद बन चुके हैं और भाजपा हाईकमान चम्पावत उपचुनाव पर अपनी पैनी नजर बनाये हुये है कि सरकार व संगठन एक होकर किस तरह से राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उपचुनाव में बडी जीत दिलाने के लिए चम्पावत में अपनी फिल्डिंग सजाने के मिशन में जुटा हुआ है?
