प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड से लगते उत्तर प्रदेश में वहां के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का खौफ अफसरशाही में इस कदर दिखाई दे रहा है कि वहां किसी भी शराब की दुकान पर कोई शराब कारोबारी ओवररेटिंग का खेल नहीं खेल पा रहा है लेकिन उत्तराखण्ड की राजधानी से लेकर कई जिलों में शराब की ओवररेटिंग के खुले खेल से देशभर में सरकार की छवि को धूमिल किया जा रहा है? ऐसे में राज्य के अन्दर एक ही बहस चल रही है कि अफसरों में योगी आदित्यनाथ की तरह उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी बेलगाम अफसरों में खौफ पैदा करना पडेगा कि उनके रहते हुए कोई भी शराब की दुकानवाला पर्यटकों व आम आदमी से ओवररेटिंग का खेल न खेल पाये?
उत्तर प्रदेश की जनता वहां के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपना भगवान मान रही है और उसका मानना है कि जिस तरह से अपराधियों, माफियाओं में योगी आदित्यनाथ का एक बडा डर बन चुका है उससे उत्तर प्रदेश में आवाम खुली हवा में सांस लेता हुआ दिखाई दे रहा है और उसे अब इस बात का इल्म हो चुका है कि योगी राज में वह सुरक्षित है। देश के सबसे बडे उत्तर प्रदेश राज्य में किसी भी शराब दुकानदार में इतना साहस नहीं कि वह शराब की बोतल पर किसी से अधिक पैसे ले सके लेकिन उत्तराखण्ड की राजधानी से लेकर कुछ जिलों में वर्षों से शराब पर ओवररेटिंग का खुला खेल चलता आ रहा है और आबकारी विभाग के चंद बडे अफसर भी घृतराष्ट्र बनकर बैठे हुए हैं जिनकी वजह से देशभर में उत्तराखण्ड की छवि धूमिल हो रही है? देशभर से आने वाले पर्यटकों को जब शराब की बोतल पर लिखे दाम से अधिक पैसे देने के लिए मजबूर होना पडता है तो उसके मन में शराब दुकानदार को लेकर गुस्सा नहीं पनपता बल्कि उसके मन में सरकार को लेकर एक नाराजगी दिखती है कि क्या सरकार इतनी कमजोर है कि वह उन शराब दुकानदारों पर शिकंजा नहीं कस पा रही जो अपनी दुकानों पर खुलेआम ओवररेटिंग का खेल खेलते हैं? अब राज्य के मुखिया को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की तरह अपना सख्त रूख दिखाना होगा जिसके चलते अगर कोई भी दुकानदार अपनी शराब की दुकान पर ओवररेटिंग करता हुआ पाया जाये तो उसकी दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाये।
