बडे भ्रष्ट मगरमच्छों पर कब कसेगा शिंकजा?

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग का ऐलान करते हुए जिस तरह से भ्रष्ट आईएफएस किशन चंद के खिलाफ विजिलेंस को मुकदमा चलाने की अनुमति दी है उसके बाद राज्य के अन्दर यह आवाज उठनी शुरू हो गई है कि सीएम साहब किशन चंद जैसे भ्रष्टों की फौज दर्जनों सरकारी विभागों में जमी हुई है? भ्रष्टाचार के दलदल में गोते लगाने वाले बडे-बडे भ्रष्ट मगरमच्छों को पिंजरे में कैद करने के लिए मुख्यमंत्री क्या एक्शन प्लान तैयार करेंगे इस पर अब समूचे राज्य की नजर लगी हुई है? बहस यह भी चल रही है कि अगर विजिलेंस अकूत सम्पत्ति बनाने वाले अफसरों की खोज के लिए अगर बडा ऑपरेशन चलाने का साहस दिखाये तो उन्हें खाकी में भी कुछ ऐसे चेहरे मिल जायेंगे जिन्होंने अपने कुछ अर्से में दौलत का बडा साम्राज्य खडा कर दिया है?
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री अगर भ्रष्टाचार पर एक रणनीति के तहत अकूत सम्पत्ति अर्जित करने वाले अफसरों की कुंडली खंगालने के लिए बडा ऑपरेशन चलाने का साहस दिखाये तो यह तय है कि राज्य में भ्रष्टाचार से अकूत सम्पत्ति कमाने वाले बडे-बडे भ्रष्ट मगरमच्छ सलाखों के पीछे पहुंच जायेंगे। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिला जब सरकार के मुखिया ने किसी भ्रष्ट अफसर के खिलाफ विजिलेंस को मुकदमा चलाने की अनुमति दी हो? धामी सरकार ने आईएफएस किशन चंद के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामले में जिस तरह से विजिलेंस को चार्जशीट दाखिल कर न्यायालय में मुकदमा चलाने की अनुमति दी है उससे राज्य में भ्रष्ट अफसरों की नींद उड गई है।
मुख्यमंत्री के विजन को देखते हुए अब राज्य के अन्दर यह बहस भी शुरू हो गई है कि उत्तराखण्ड के अन्दर एक मात्र किशन चंद ही भ्रष्ट अफसर नहीं है जिसने आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित कर रखी हो बल्कि दर्जनों विभागों में कुछ बडे अफसर ऐसे हैं जिन्होंने भ्रष्टाचार से अकूत सम्पत्ति का साम्राज्य खडा कर रखा है। उत्तराखण्ड के अन्दर अगर लोकायुक्त होता तो उसे किसी से भ्रष्ट अफसरों पर कार्यवाही करने के लिए अनुमति लेने की आवश्यकता न पडती लेकिन उत्तराखण्ड में विजिलेंस भ्रष्ट अफसरों पर कार्यवाही करने के लिए बना है लेकिन उसका ढांचा भी लोकायुक्त की तरह नहीं है जिससे कि वह उन भ्रष्ट अफसरों की सम्पत्तियों को खंगालकर उन पर खुद कार्यवाही करने के लिए आगे बढ जाती? उत्तराखण्ड के अन्दर दर्जनों अफसर ऐसे हैं जिनके पास बेनामी सम्पत्तियों का बडा साम्राज्य है और उस साम्राज्य का पता लगाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी को एक बडे प्लान के तहत आगे आकर उन भ्रष्ट चेहरों को बेनकाब करना चाहिए जिन्होंने राज्यवासियों को लूटकर बेनामी सम्पत्तियों का ताजमहल खडा कर रखा है?

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