देहरादून(सागर शर्मा)। भारी संख्या आउटसोर्स कर्मचारी आज सचिवालय के बाहर धरना देने पहुंच गए और जमकर नारेबाजी करने लगे कर्मचारियों का कहना है कि 26 दिन हो गए हैं और उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है दरअसल स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों को कोरोना के दौरान भर्ती किया गया था कर्मचारियों की मांग है कि जो संविदा पद है उनमें कर्मचारियों की भर्ती की जाए ,,,,कोरोना काल में जिस तरह से पूरे देश में डॉक्टर्स की कमी साफ तौर पर देखने को मिली तो वही स्वास्थ्य विभाग में आउट सोर्स पर लगे कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अपना फर्ज निभाते हुए मरीजो की जान बचाई है।
प्रदेश से भारी संख्या में कर्मचारी आज देहरादून पहुंचे और आंदोलन किया ,,, सचिवालय के बाहर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गुहार लगाई कि उनके साथ इंसाफ हो कर्मचारियों का कहना है कि कोविड में सेवा देने के बावजूद बिना नोटिस दिए उन्हें नौकरी से बाहर कर दिया गया और 26 दिन से ज्यादा का वक्त हो चुका है लेकिन उनकी सुध अभी तक किसी ने नहीं ली है वही नाराज कर्मचारियों ने सरकार से आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है और मुख्यमंत्री आवास के घेराव की चेतावनी भी दी है कर्मचारियों का कहना है कि जल्दी अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो भारी संख्या में कर्मचारी देहरादून की सड़कों पर उतरेंगे और मुख्यमंत्री आवास पहुंचेंगे। कर्मचारी ने बताते हुए कहा कि 26 मार्च से उनका धरना जारी है और लगातार सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि उनके साथ इंसाफ हो लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नही है ऐसे में कर्मचारियों के पास सरकार को चेताने के लिए प्रदर्शन करना ही एक विकल्प है कर्मचारियों की माने तो जल्द ही धरना उग्र रूप लेगा और भारी संख्या में कर्मचारी सड़को पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। बीजेपी ०2 सरकार में मुख्यमंत्री बने पुष्कर सिंह धामी से अब कर्मचारियों की उम्मीदें टिकी हैं,,, कर्मचारियों की मांग है कि मुख्यमंत्री खुद कर्मचारियों की समस्या का संज्ञान ले,,, कर्मचारियों ने अपनी जान को जोखिम में डालते हुए वैश्विक महामारी कोरोना के बीच नौकरी की और अचानक से जिस तरह से उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया गया ऐसे में कर्मचारियों में आक्रोश है और मुख्यमंत्री से उम्मीद भी है कि मुख्यमंत्री जल्द ही उनकी समस्या का निस्तारण करेंगे लेकिन ऐसा न होने पर कर्मचारियों ने सीएम आवास का घेराव करने की चेतावनी भी दी है ऐसे में सरकार पर कहीं ना कहीं दबाव पडऩा लाजमी है अब ऐसे में किस तरह से सरकार जल्द कर्मचारियों की समस्याओं को दूर करती है यह देखना होगा।
