मलिन बस्तियांे पर धामी की बनेगी कृपा

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में कांग्रेस मलिन बस्तियों की राजनीति लम्बे अर्से से करती आ रही है और उसने अपने शासनकाल में दावा किया था कि वह मलिन बस्तिवासियों को मालिकाना हक देगी लेकिन वोट बैंक की राजनीति में उलझी कांग्रेस ने अपने शासनकाल में लाखों मलिन बस्तिवासियों को मालिकाना हक देने के बजाए उन्हें सिर्फ उम्मीद का लॉलीपॉप थमा कर रखा जिससे मलिन बस्तिवासियों के मन में कांग्रेस के कुछ राजनेताओं को लेकर बडी नाराजगी पनपती रही और उन्हें इस बात का इल्म हो चुका था कि कांग्रेस के कुछ राजनेता सिर्फ वोट बैंक के लिए मलिन बस्तिवासियों को मालिकाना हक दिलाने का भोपू बजाते हैं? उत्तराखण्ड में अब पुष्कर युग शुरू हुआ तो उन्होंने राज्य को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में तेजी से अपने कदम आगे बढाये और उन्होंने मलिन बस्तियों को लेकर जिस तरह से अपना विजन साफ किया है उससे उत्तराखण्ड में सैकडों मलिन बस्तिवासियों को अब पुष्कर सिंह धामी में एक मसीहा नजर आने लगा है जो सबका साथ सबका विकास की राह पर आगे बढने में ही विश्वास रखकर उत्तराखण्ड के हर इंसान को अपनी पारदर्शी सरकार से उन्हें सकून देने के मिशन में आगे बढे हुए हैं। सत्ता संभालने के चंद दिन बाद ही सीएम पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर जिस तरह से आवास एवं शहरी विकास सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को मलिन बस्तियों को लेकर अपना एजेंडा साफ किया है उससे लाखों मलिन बस्तिवासियों में पुष्कर सिंह धामी को लेकर एक बडा विश्वास जागा है कि अगर राज्य में ऐसे मुख्यमंत्री को पन्द्रह साल सत्ता चलाने का मौका मिला तो हर घर में खुशहाली ही खुशहाली नजर आयेगी।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सत्ता चलाने का जो बडा गुरूमंत्र लिया है उसकी छाया अब राज्यवासियों को चंद दिनों में देखने को मिलने लगी है। हर छोटे-बडे इंसान से एक आम आदमी की तरह मिलना पुष्कर सिंह धामी की आदत में शुमार है और उनमें सत्ता चलाने का तिनकाभर भी अहंकार न होना ही उन्हें देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बेहद करीब ले आया है। उत्तराखण्ड के इतिहास में आज तक भी किसी पूर्व मुख्यमंत्री ने आवाम का दिल जीतने के मिशन में कभी अपने कदम आगे नहीं बढाये और उन्हें सत्ता का गुमान इस तरह रहा कि जब वह सत्ता से बाहर आये तो उन्हें आवाम ने कभी उत्तराखण्ड का भाग्यविधाता नहीं माना? उत्तराखण्ड की जनता ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस युवा विधायक पुष्कर सिंह धामी को भाजपा हाईकमान ने छह माह के लिए सत्ता सौंपी है वह आवाम के दिलों में एक धाकड नायक के रूप में राज करने लगेगा। पुष्कर सिंह धामी को देश के प्रधानमंत्री ने उनकी ताजपोशी के बाद सिर्फ एक बात कही थी कि जिस कुर्सी पर उन्हें आसीन किया गया वहां पहुंचने में राजनेताओं का जीवन बीत जाता है। प्रधानमंत्री के यह शब्द उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए एक आशीर्वाद के रूप में साबित हुये और पुष्कर सिंह धामी ने आवाम के दिलों को जीतकर जिस तरह से 2०22 का विधानसभा चुनाव फतेह किया उससे वह देश के प्रधानमंत्री से लेकर केन्द्र के बडे-बडे नेताओं की आंखों के तारे बन गये। पुष्कर सिंह धामी को राज्य की जनता ने 2०22 के विधानसभा चुनाव में जिस तरह से बडा आशीर्वाद दिया उसका ऋण चुकाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्यवासियों से किये गये हर संकल्प को पूरा करने के मिशन में हर दिन लगे हुये हैं। गजब की बात तो यह है कि उत्तराखण्ड में बाइस सालों से लाखों मलिन बस्तिवासियों को कांग्रेस के कुछ नेता वोट बैंक मानकर अपनी राजनीति रोटियां सेकते आये और जब राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी तो मलिन बस्तिवासियों को खुली आंख से सपने दिखाये गये कि उन्हें मालिकाना हक देने के लिए कमेटी का गठन किया गया है और कमेटी की रिपोर्ट के बाद मालिकाना हक दे दिया जायेेगा। लम्बे समय तक यह कमेटी सिर्फ राज्य की मलिन बस्तियों का लेखा जोखा बनाकर उनके सपनों से खेलती रही और उसके बाद उनकी सरकार सत्ता से बाहर हो गई। अब राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी जिन्होंने संकल्प लिया है कि सबका साथ सबका विकास उस तर्ज पर वह राज्यहित में तेजी के साथ काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं और इसी कडी में उत्तराखण्ड की मलिन बस्तियों में रहने वालों को जल्द से जल्द सरकार मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू करने का रोड मैप तैयार कर चुकी है और इसके लिए आवास एवं शहरी विकास सचिव शैलेश भगोली ने जिलाधिकारियों और नगर इकायों के अधिकारियों को इस दिशा में तेजी के साथ काम करने का हुक्म दिया है। पुष्कर सरकार ने जिस तरह से लाखों मलिन बस्तिवासियों को जल्द से जल्द एक बडा गिफ्ट देने के मिशन में अपना संकल्प दोहराया है उससे उत्तराखण्ड के लाखों मलिन बस्तिवासियों की नजर में पुष्कर ंिसह धामी मसीहा बन गये हैं।

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