प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में आज तक किसी भी सरकार ने चारधाम यात्रा के दौरान जगह-जगह हो रही मिलावटखोरी पर कभी कोई बडा कदम उठाने का साहस ही नहीं दिखाया जिसके चलते मिलावटखोरो के हौसले इतने बुलंद होते जा रहे हैं कि वह खाद्यय पदार्थों में बडी मिलावट कर राज्यवासियों से लेकर देश से आने वाले श्रद्धालुओं के जीवन से बडा खिलवाड करते आ रहे हैं और हर बार इस बात का खुलासा होता है कि खाद्यय पदार्थों में किस तरह से मिलावटखोरो ने श्रद्धालुओं के जीवन के साथ खिलवाड़ किया है। अब उत्तराखण्ड में पुष्कर राज है और पुष्कर सिंह धामी के राज में कोई भी मिलावटखोर अपने मनसूबों में कामयाब नहीं हो पायेगा क्योंकि पुष्कर ंिसह धामी ने सख्त लहजे में चारधाम यात्रा के प्रशासनिक व खाद्यय अफसरों को आदेश दे दिये हैं कि कोई भी अगर खाद्यय पदार्थों में मिलावट करता हुआ पाया जाये तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाये और ऐसी भी सम्भावना है कि सरकार के हाकिम मिलावटखोरो पर राष्ट्रीय कानून के तहत कार्यवाही कराने का भी आदेश दे सकते हैं क्योंकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया है कि राज्य में चारधाम यात्रा सुगम रहेगी और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई कठिनाई नहीं होने दी जायेगी वहीं हरिद्वार में बाहर की दुकानों से भोजन करने वाले लगभग 72 लोगों की तबियत बिगडने पर जिला प्रशासन सख्त रूख अपनाता हुआ दिखाई दे रहा है और उनका कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाये जाने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्यवाही की जायेगी।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए पहले से ही शासन-प्रशासन को एलर्ट कर चुके हैं और उनकी सबसे बडी निगाह इस बात पर लगी है कि कोई भी मिलावटखोर चारधाम यात्रा के दौरान अगर खाद्यय पद्धार्थों में मिलावट करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। यही कारण है कि चारधाम यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जिला व पुलिस प्रशासन ने चप्पे-चप्पे पर अपनी पैनी निगाह बनाई हुई है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नजर चारधाम यात्रा को भव्य बनाने पर है इसलिए पुष्कर राज में अगर किसी ने भी मिलावटखोरी का षडयंत्र रचा तो उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्यवाही होना तय माना जा रहा है। वहीं हरिद्वार में नवरात्रे के मौके पर गंगा स्नान करने आये लोगों ने बाहर की दुकानों से भोजन किया जिनमें से 72 लोग बीमार पड गये जिस पर मुख्यमंत्री ने जब सख्त रूख अपनाया तो डीएम ने कहा कि सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और मामले की जांच चल रही है और जो भी इस मामले में दोषी पाया गया उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्यवाही की जायेगी। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि मिलावटखोरो को लेकर सरकार किस तरह से अल्र्ट मूड में है।
