चैम्पियन और सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

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संवाददाता
उत्तराखंड। वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी उमेश कुमार की याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार और खानपुर के निवर्तमान भाजपा विधायक कुँवर प्रणव से जवाब मांगा गया है।
आपको बता दें कि खानपुर से भाजपा के निवर्तमान विधायक कुँवर प्रणव की गाडिय़ों पर हूटर के इस्तेमाल को लेकर पत्रकार उमेश कुमार ने एक जनहित याचिका दायर की थी जिस पर सुप्रीम कोर्ट में देश के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तराखंड सरकार और कुँवर प्रणव को नोटिस जारी किया गया है। आपको बता दें कि कुँवर प्रणव व उनके परिजनों द्वारा अवैध रूप से प्रतिबंधित हूटर का इस्तेमाल किया जा रहा था। उनके द्वारा अनावश्यक रूप से हूटर बजाकर जनता को परेशान किया जाता था। जिस पर वरिष्ठ पत्रकार उमेश कुमार ने संज्ञान लिया और इस मामले को लेकर हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में गए जिस पर अब बड़ी कार्यवाही करते हुए नोटिस जारी हुआ है। वरिष्ठ पत्रकार उमेश कुमार ने बताया कि हूटर बजाकर जनता पर रौब गालिब करने वालों के खिलाफ ये कार्यवाही हुई है। उन्होंने कहा कि जब जब कोई जनता के साथ अन्याय करेगा वो तब तब जनता की लड़ाई लडऩे के लिए तैयार रहेंगे।

बच्चे-बूढे हूटर के सायरन से डर में जी रहे थे
देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के वरिष्ठ पत्रकार ने खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैम्पियन द्वारा अपनी गाडियों में लाल बत्ती व हूटर लगाये जाने के खिलाफ आवाज बुलंद की थी और इलाकेवासियों को संदेश दिया था कि जब तक चैम्पियन की गाडियों से लालबत्ती व हूटर नहीं हटवा देंगे तब तक वह चैन से नहीं बैठेंगे और उन्होंने पहले अपनी याचिका उच्च न्यायालय नैनीताल में लगाई थी जहां उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी जिसके बाद उन्होंने देश की सर्वोच्च न्यायालय में याचिका लगाई और उनकी तरफ से देश के सबसे बडे वकील कपिल सिब्बल ने पैरवी की तो उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सरकार व कुंवर प्रणव चैम्पिनयन को नोटिस जारी किया है। सरकार व कुंवर प्रणव चैम्पियन को नोटिस होने के बाद उमेश कुमार ने साफ कहा है कि इंसाफ की लडाई लडने के लिए वह हर दरवाजा खटखटायेंगे और उनके मन में किसी भी बाहुबली का कोई डर नहीं है।
वरिष्ठ पत्रकार उमेश कुमार ने जब खानपुर से विधानसभा चुनाव लडने के लिए अपने कदम आगे बढाये तो उन्हें इस बात का इल्म हुआ कि किस तरह से कुंवर प्रणव चैम्पियन अपनी गाडियों में लालबत्ती लगाकर इलाके में धूमता है और जिस तरह से वह सडकों पर हूटर बजाकर गाडियां दौडाता है उससे मासूम बच्चे से लेकर बूढी औरते डर जाती थी और मकानों में बंधे पशु भी इस सायरन की आवाज से भयभीत होते थे। चैम्पियन के इस भौकाल ने उमेश कुमार को सख्ते में डाल दिया था और यही कारण था कि उमेश कुमार ने खानपुरवासियों को विश्वास दिलाया था कि वह चैम्पियन की इस दबंगई से उन्हें आजाद करेंगे। उमेश कुमार का साफ कहना था कि गाडियों में हूटर के सायरन से मासूम बच्चे और वृद्धों के मन में एक डर की भावना बनती है और इस कल्चर को वह समाप्त करने के लिए देश की बडी अदालत में भी अपनी याचिका दायर करेंगे और उन्होंने हाईकोर्ट से अपनी याचिका निरस्त होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और आज इस मामले में सुनवाई के बाद जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट ने सरकार व चैम्पियन को नोटिस जारी किया है उससे साफ संकेत मिल रहा है कि अब चैम्पियन का खानपुरवासियों को हूटर बजाकर अपना भौकाल दिखाना महंगा पड़ सकता है।

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