त्रिवेंद्र ने मदन को सीएम बनाने का दिया ज्ञान

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देहरादून(मुख्य संवाददाता)। उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ंिसह रावत ने धर्मनगरी में एक नया शिगुफा छोडकर उत्तराखण्ड भाजपा में एक बडी हलचल पैदा कर दी और यह हलचल उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के समर्थन में एक सभा के दौरान उस समय पैदा की जब उन्होंने धामी के बजाए मदन कौशिक को मुख्यमंत्री बनाने पर हामी भर दी। त्रिवेन्द्र रावत के इस बयान के बाद राज्य में यह बहस भी छिड रही है कि क्या त्रिवेन्द्र की आंखों में पुष्कर सिंह धामी इतने चुभने लगे हैं कि उन्होंने भाजपा की जीत के बाद मदन कौशिक को मुख्यमंत्री बनाये जाने पर अपना डंका बजा दिया? सवाल खडे हो रहे हैं कि क्या त्रिवेन्द्र ंिसह रावत भाजपा हाईकमान से बडे हो चुके हैं जिसके चलते वह खुद दावा कर रहे हैं कि भाजपा की जीत के बाद किसे मुख्यमंत्री बनाया जाये?
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कल भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने हरिद्वार पहुंचे। मदन कौशिक के लिए वोट की अपील करते हुए त्रिवेंद्र सिंह रावत इतने आत्ममुग्ध हो गए कि पुष्कर सिंह धामी के बजाय मदन कौशिक को मुख्यमंत्री बनने का फार्मूला कार्यकर्ताओं के सामने रख डाला। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि मदन जी सीएम तभी बन सकते है जब भाजपा 6० पार होगी। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए त्रिवेंद्र ने कहा कि मदन कौशिक के ऊपर प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी है। इसलिए इस बार कोई गड़बड़ हुई तो मदन जी बाल काले हो जाएंगे और लोग कहेंगे कि हरिद्वार वाले को प्रदेश अध्यक्ष नही बनाना। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करते हुए कहा कि आप लोग बार बार एक ही चेहरा देख कर बोर तो नही हुए। उनके इस बयान के भी कई मायने निकल कर सामने आ रहे हैं। दरअसल पार्टी ने 5 साल का कार्यकाल पूरा करने से पहले ही त्रिवेंद्र रावत को हटाकर तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बना दिया। तीरथ सिंह रावत 3 महीने भी नहीं चल पाए और पार्टी ने पुष्कर सिंह धामी को सीएम बनाया। बार-बार मुख्यमंत्री बदलने को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मुद्दा बना रही है। वहीं, त्रिवेंद्र सिंह रावत के मन में भी कहीं ना कहीं इसको लेकर टीस बनी हुई है? उल्लेखनीय है कि भाजपा ने इस बार विधानसभा चुनाव में साठ पार का नारा दिया है साथ ही यह भी साफ किया था कि भाजपा सीएम धामी के चेहरे पर चुनाव लड रही है यही कारण है कि राज्य में जहां भी चुनाव प्रचार हो रहा है वहां त्रिवेन्द्र सरकार के चार सालों के काम का जिक्र नहीं हो रहा है और भाजपा मोदी के नाम पर ही वोट मांग रही है और यह भी किसी से छुपा नहीं है कि सीएम धामी नरेन्द्र मोदी के सखा बने हुये हैं। इन हालात में त्रिवेन्द्र ंिसह रावत का मदन कौशिक को सीएम बनाने का बयान भाजपा हाईकमान तक को संकट में खडा कर रहा है? सियासी गलियारों में त्रिवेन्द्र के इस बयान को सीएम धामी और मदन कौशिक पर त्रिवेन्द्र का हमला ही बताया जा रहा है? हरिद्वार में मदन कौशिक के पक्ष में त्रिवेन्द्र ंिसह रावत में एक सभा की तो इसमें त्रिवेन्द्र पहले तो जनता से यह पूछते हैं कि बीस साल से एक ही चेहरे मदन कौशिक को देखते-देखते आप लोग बोर तो नहीं हो गये हैं ऐसा कहकर त्रिवेन्द्र ने एक तरह से मदन की एंटी इंकमबेंसी की और इशारा किया जनता ने मदन कौशिक जिंदाबाद के नारे लगाये तो त्रिवेन्द्र और आगे बढ गये बोले अगर भाजपा पीछे रह गई तो मदन के बाल काले हो जायेंगे। त्रिवेंद्र यही नहीं रूके और बोले कि इस बार साठ पार हो गया तो मदन कौशिक ही उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री होंगे। चुनाव से पूर्व त्रिवेन्द्र सिंह रावत के इस बयान को लेकर यह सवाल खडे हो रहे हैं कि एक और तो भाजपा सीएम धामी के चेहरे पर साठ पार का नारा देकर चुनावी रणभूमि में उतरी हुई है तो वहीं दूसरी ओर त्रिवेन्द्र साठ पार होने पर मदन को सीएम बना रहे हैं जिससे सवाल तैर रहे हैं कि क्या यह बयान भाजपा को चुनावी रणभूमि में कमजोर नहीं करेगा?

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