देहरादून(संवाददाता)। 1० प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण एक्ट लागू किये जाने एवं राज्य में सशक्त भू-कानून लागू किये जाने की सहित अनेकों मांगों को लेकार आंदोलनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास कूच किया, हाथीबड़कला पुलिस चौकी के पास पुलिस ने सभी को बैरीकैडिंग लगाकर रोक लिया और इस बीच आंदोलनकारियों व पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक हुई तथा बाद में सभी वहीं धरने पर बैठ गये। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अपना समर्थन दिया।
यहां उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त संगठन के बैनर तले दिलाराम बाजार से पहले राजपुर रोड पर इकटठा हुए और वहां से 1० प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण एक्ट लागू किये जाने एवं राज्य में सशक्त भू-कानून लागू किये जाने की सहित अनेकों मांगों को लेकार आंदोलनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास कूच किया, हाथीबड़कला पुलिस चौकी के पास पुलिस ने सभी को बैरीकैडिंग लगाकर रोक लिया और इस बीच आंदोलनकारियों व पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक हुई तथा बाद में सभी वहीं धरने पर बैठ गये। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में आंदोलनकारियों के हितों के लिए सरकार ने काम किये और आंदोलनकारियों की मांगें जायज है और कांग्रेस की सरकार बनने पर सभी मांगों को पूर्ण किया जायेगा। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि आंदोलनकारियों की मांगों को विधानसभा सत्र में प्रमुखता से साथ उठाया जायेगा।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि उनकी मांगों के प्रति सरकार गंभीर है और कल एक पांच सदस्यीय शिष्टमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराई जायेगी और आंदोलनकारियों की समस्याओं का समाधान किया जायेगा।
इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने कहा है कि लगातार आंदोलनकारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है और पूर्ववर्ती सरकार ने आंदोलनकारियों को 1० प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किये जाने का एक्ट राजभवन भेजा था लेकिन आज तक उस पर हस्ताक्षर नहीं हो पाये है और आंदोलनकारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस एक्ट को तत्काल प्रभाव से लागू किये जाने की आवश्यकता है और इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की जरूरत है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने कहा कि शासन के पास आज 21 वर्षो बाद भी राज्य आन्दोलनकारियो का पूरा आकड़ा उपलब्ध नही है इससे सरकार व शासन की राज्य आन्दोलनकारियो के प्रति संवेदना का पता चलता है। इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारियों को 1० प्रतिशत शिथिलता क्षैतिज आरक्षण एक्ट लागू किये जाने, चार वर्षो से चिन्हीकरण के लम्बित पमामलो का निस्तारण के साथ हीं एक समान पेंशन लागू किये जाने, राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद का शीघ्र गठन किया जाय। रामपुर तिराहा कांड के दोषियों को सजा दिलाये जाने की मांग पुरजोर तरीके से की गई। इस अवसर पर शहीद परिवार व राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों की पैशन का शासनादेश पुन: लागू किये जाने, स्थाई राजधानी गैरसैण शीघ्र घोषित किये जाने, समूह ग की भर्ती व उपनल हेतु रोजगार कार्यालय पंजीकरण मे स्थाई स्थाई निवास प्रमाण पत्र की अनिवार्यता लागू किये जाने, राज्य मे सशक्त लोकायुक्त लागू करने, राज्य का जन विरोधी भू-कानून वापस लिये जाने एवं उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के शहीद स्मारकों का संरक्षण व निर्माण व्यवस्था शीघ्र लागू करने की मांग की गई। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवास कूच मैं पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, जगमोहन सिंह नेगी, प्रदीप कुकरेती, धीरेन्द्र प्रताप, मनीष कुमार नागपाल, वीरेन्द्र पोखरियाल, रामलाल खंडूड़ी, हर्षपति काला, महेंद्र रावत, सुरेश नेगी, हरी सिंह, बालक राम जोशी,सरोज रावत जसोदा रावत, नागेंद्र ममगई आदि अनेक आंदोलनकारी मौजूद रहे।