पार्षद को धोखा दे गया नौकर

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गजबः थाने में नेपाल के नौकर का नहीं कराया सत्यापन
दिल्ली की एक एजेंसी से मंगाया गया था नौकर
स्टाफ रिपोर्टर
देहरादून। बसंत विहार में एक दशक से भाजपा पार्षद अमित सिंह के घर पर पिछले बीस दिन से दिल्ली से मंगाये गये नौकर ने वहां का सारा भेद जानकर एक बडी साजिश को अंजाम देने का तानाबाना अपने दो साथियों के साथ बुना। देर रात नेपाल मूल के नौकर ने अपने साथियों के साथ मिलकर पार्षद उसके पति और बेटे को खाने में नशीला पदार्थ दिया और उस खाने को खाने के बाद तीनों बेहोश हो गये और उसके बाद नौकर ने अपने साथियों के साथ मिलकर वहां रखी अलमारी से जेवरात और नगदी उडा ली। पार्षद के यहां वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों बदमाश वहां से फरार हो गये और तबियत खराब होने पर पार्षद को अस्पताल में भर्ती कराया गया तो वहीं उसके पति व घर पर बेहोश हुये बेटे से जब पुलिस ने नौकर के बारे में छानबीन की तो राज बेनकाब हुआ कि अमिता सिंह की बेटी ने दिल्ली में एक एजेंसी के जरिए नेपाली मूल का नौकर भेजा था और इस बात का भी खुलासा हुआ कि महिला पार्षद ने घरेलू नौकर का सत्यापन तक नहीं कराया था जिसके चलते उसे खोज पाना पुलिस के लिए एक बडी चुनौती है। हालांकि पुलिस ने नेपाल जाने वाले सभी बोर्डर के थाने व चौकियों को नौकर का हुलिया भेजा है और पुलिस की टीमें सीसीटीवी खंगालने के मिशन में जुटी हुई है। पुलिस कप्तान ने इस वारदात को अंजाम देने वाले नौकर और उसके साथियों को पकडने के लिए बसंत विहार थाना प्रभारी अमित शर्मा को मैदान में उतार रखा था।
घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग घर के अंदर आते जाते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि फुटेज में संदिग्ध नौकर भी घर के अंदर घूमता नजर आ रहा है… पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज को जांच का अहम आधार बनाकर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वारदात को घर में मौजूद नौकर ने अंजाम दिया, बताया जा रहा है कि नेपाल निवासी इस नौकर को पार्षद की बेटी मेघा ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए करीब 25 दिन पहले ही घरेलू कामकाज के लिए रखा था। मेघा दिल्ली में रहती हैं। परिवार के मुताबिक ऑनलाइन माध्यम से नौकर की जानकारी जुटाने और संपर्क के बाद उसे घर में काम पर रखा गया था। महज 25 दिनों के भीतर नौकर ने परिवार का भरोसा हासिल कर लिया और इसके बाद कथित तौर पर इसी भरोसे का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया गया..। आरोप है कि वारदात को अंजाम देने से पहले घर में मौजूद परिवार के सदस्यों को नशीला पदार्थ पिलाया गया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार के सदस्य जब अस्वस्थ हुए तो इसी दौरान घर से नगदी और सोने के जेवरात समेत कीमती सामान लेकर आरोपी फरार हो गए।
घटना के बाद जब परिवार के सदस्यों की हालत बिगड़ी तो मामले की जानकारी पुलिस को दी गई… सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया… पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज समेत दूसरे संभावित सुराग जुटाने शुरू कर दिए हैं..। लूट की इस वारदात में सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकता है…फुटेज में कुछ संदिग्ध घर में दाखिल होते और बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के समय घर में कौन कौन मौजूद था। पुलिस की जांच इस बात पर भी है कि संदिग्ध नौकर ने अकेले वारदात को अंजाम दिया या उसके साथ पहले से जुड़े अन्य लोग भी इस पूरी साजिश में शामिल थे… सीसीटीवी में नजर आ रहे अन्य संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के बाद से संदिग्ध नौकर फरार बताया जा रहा है। ऐसे में उसकी तलाश पुलिस के लिए सबसे अहम कड़ी बन गई है। पुलिस उसके मोबाइल नंबर, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हुए संपर्क, संभावित ठिकानों और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है…। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नौकर ने वारदात से पहले घर की रेकी की थी या नहीं और क्या उसे घर में मौजूद नगदी और जेवरात की पहले से जानकारी थी।
घटना के खुलासे के लिए देहरादून पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया है। पुलिस टीमें संदिग्ध नौकर के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है दिल्ली से भी पुलिस पड़ताल कर रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि नौकर को ऑनलाइन हायर करने की प्रक्रिया में उपलब्ध कराई गई उसकी पहचान और दस्तावेज कितने सही थे और उसने परिवार को अपनी पहचान से जुड़ी क्या जानकारी दी थी। इस वारदात ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। आखिर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए घर में काम करने पहुंचा नौकर महज 25 दिनों में परिवार का भरोसा हासिल करने के बाद इतनी बड़ी वारदात को कैसे अंजाम देने में कामयाब हुआ? क्या उसने पहले से पूरी वारदात की योजना बनाई थी? क्या उसके साथ दूसरे लोग भी शामिल थे? परिवार को नशीला पदार्थ किस तरह दिया गया और लूट के बाद आरोपी किस रास्ते से फरार हुए?इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएंगे। एसपी सिटी शेखर चंद सुयाल के मुताबिक पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपियों की तलाश के लिए तीन पुलिस टीमें लगाई गई हैं और सीसीटीवी समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती फरार संदिग्ध नौकर को पकड़ना है। उसके पकड़े जाने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि लूट की इस वारदात की पूरी साजिश क्या थी और इसमें कितने लोग शामिल थे।

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