सीएम की रडार से नहीं बच पा रहे अपराधी
धर्मनगरी से बच्चा चोरी करने वाला गैंग सलाखों के पीछे
कप्तान नवनीत ने 72 घंटे में बच्चे के परिवार को दी खुशियां
हरिद्वार। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड को अपराधमुक्त करने के लिए खुद मोर्चा संभाल रखा है और वह छोटे से छोटे अपराध पर अपनी पैनी नजर बनाये हुये हैं। उत्तराखण्ड के अन्दर अपराधियों का काल बन चुके हैं धुरंधर और उन्होंने अपनी रडार में हर उस अपराधी और माफिया को ले लिया है जो उत्तराखण्ड को अपनी अपराध स्थली मानने का भ्रम पाले हुये थे। धर्मनगरी से एक बच्चा चोरी हुआ तो उसकी गूंज मुख्यमंत्री के कानो में गूंजी तो उन्होंने पुलिस कप्तान को बच्चे के अपहरणकर्ताओं को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाने का अल्टीमेटम दिया तो पुलिस कप्तान ने रात-दिन बच्चे को तलाशने के लिए खुद ऑपरेशन चलाया और 72 घंटे के भीतर बच्चे को उठाकर ले जाने वाले गैंग को उन्होंने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
पुलिस कप्तान नवनीत सिंह भुल्लर ने मीडिया से रूबरू होते हुए इस मामले का खुलासा करते हुए बताया की एक संगठित गिरोह जो बच्चा चोरी में सक्रिय था और बच्चा चोरी करने जैसा संगीन अपराध अलग-अलग शहरों में जाकर कर रहा था उसको पकड़ने में हरिद्वार पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। इस ग्रुप में कुल छह सदस्यों गिरफ्तार किया गया जिसमें दो महिलाएं हैं और सभी आरोपी अमरोहा, मुरादाबाद और लक्सर के निवासी हैं। इस गिरोह ने कुछ दिन पहले दिल्ली से भी एक बच्चा चोरी किया था। उस बच्चे को इस गिरोह ने बदायूं में बेच दिया था। अब यह गिरोह हरिद्वार आया और हरिद्वार पहुंचकर इन्होंने इस बच्ची को चोरी किया और अब इस बच्ची की बेचने की बातचीत राजस्थान में चल रही थी। पुलिस कप्तान ने बताया कि जैसे ही बच्चा चोरी की सूचना आई थी तभी से तमाम सीसीटीवी फुटेज तमाम इंटेलिजेंस यूनिट्स और क्राइम इंटेलीजेंस टीमों में गठित कर इस केस पर प्राथमिकता से काम किया रहा था। परिणाम स्वरूप बच्चों को बरामद कर लिया गया और उसको उसके मां-बाप को सौंप दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि हरिद्वार में छह जून को झूगी झोपड़ी बैरागी कैंप से पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन वर्ष के नाबालिक बच्ची राधिका को अज्ञात व्यक्ति उठाकर ले गया है। सूचना मिलते ही पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस कप्तान नवनीत सिंह भुल्लर ने तमाम टीमों को गठित कर जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए। नाबालिक बच्ची से जुड़े इस मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस कप्तान नवनीत सिंह भुल्लर पिछले 72 घंटे से लगातार इस मामले की मॉनीटरिंग कर रहे थे और टीमों से पल-पल के अपडेट ले रहे थे। पुलिस टीम,सी आई यू टीम और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट टीम सभी टीमें लगातार आरोपियों की धर पकड़ के लिए जगह-जगह दबिश दे रही थी।



