सुपारी लेकर उतारा था मौत के घाट
राजपुर थाना प्रभारी ने कुख्यात को दिखाई सलाखें
एक साल से पुलिस की आंखों में झांेकता रहा धूल
देहरादून(संवाददाता)। पुलिस कप्तान ने अपराधियों की नाक में नकेल डालने के लिए ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है कि उसे भेद पाना अब अपराधियों के लिए मुश्किल हो गया है। राजपुर में सम्पत्ति विवाद में सुपारी लेकर हत्या करने वाले उत्तर प्रदेश के एक शार्प शूटर को एक साल से राजपुर पुलिस नहीं खोज पाई लेकिन पुलिस कप्तान ने राजपुर थाना प्रभारी को अल्टीमेटम दिया था कि शार्प शूटर को पाताल से भी खोजकर सलाखों के पीछे पहुंचाया जाये। राजपुर थाना प्रभारी ने इस शार्प शूटर को मुज्जफरनगर से खालापार से दबोचने के लिए बडा ऑपरेशन किया और हत्याकांड को अंजाम देने वाले शार्प शूटर को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया। पकडे गये शार्प शूटर के खिलाफ दो दर्जन के करीब संगीन अपराध दर्ज हैं और वह सहारनपुर का हिस्ट्रीशीटर है।
पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि 26 मई 2025 को जीएमएस रोड देहरादून निवासी जतीन कुमार ने राजपुर थाने में मुकदमा कायम कराया था कि उसके ममेरे भाई अजय बटेजा के निवास स्थान कृष्णा विहार जाखन में उसकी हत्या कर दी गई थी। एक साल से शूटर का कुछ पता न चलने पर पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने राजपुर थाना प्रभारी पीडी भट्ट को आदेश दिया कि हत्याकांड में शामिल शार्प शूटर को सलाखों के पीछे पहुंचायें। थाना प्रभारी ने अपनी टीम के साथ खालापार मुज्जफरनगर से राजन उर्फ जैकी को गिरफ्तार किया जिसने स्वीकारा कि अजय बटेजा की उसने हत्या की थी।
पुलिस कप्तान ने बताया कि पूछताछ में शार्प शूटर द्वारा बताया गया कि वह मृतक अजय बटेजा व उसके सौतेले भाई अमित बटेजा को पिछले कई वर्षों से जानता था। मृतक अजय भटेजा शराब पीने का आदी था, जिसके पास देहरादून व मसूरी मे कई सम्पतियाँ थी। 23 मई 2025 को अमित बटेजा शार्प शूटर को अपने सौतेले भाई अजय बटेजा व अन्य दो महिलाओं के साथ अजय बटेजा का मसूरी स्थित कार्टेज दिखाने ले गया, इस दौरान अमित बटेजा द्वारा हत्यारे को बताया गया कि अजय बटेजा के पास जो सम्पति है उसमे उसके पिता का पैसा भी लगा हुआ है। उसके द्वारा कई बार अजय बटेजा को अपनी प्रोपर्टी, सम्पति मे से कुछ हिस्सा उसे देने को कहा गया लेकिन वहा उसे सम्पत्ति में कोई हिस्सा न देकर सारा पैसा अय्याशी मे लूटा रहा है।
इस दौरान अमित बटेजा ने राजन को अजय बटेजा को रास्ते से हटाने तथा उसके एवज में जाखन स्थित प्रोपर्टी में से उसे आधा हिस्सा देने तथा नकुड सहारनपुर में हुये गोली काण्ड, जिसमे राजन शामिल था में अभियुक्त का नाम न आने देने का ऑफर दिया गया, जिस पर अभियुक्त अजय बटेजा की हत्या करने के लिये तैयार हो गया था।
पुलिस कप्तान ने बताया कि घटना को अंजाम देने के लिये 25 मई 2025 को राजन अपनी प्रेमिका हुमेरा उर्फ जोया के साथ अमित बटेजा से सहारनपुर मे मिला, जहां उनके द्वारा अजय बटेजा की हत्या की योजना बनायी। उसके पश्चात अभियुक्त, अपनी प्रेमिका, अमित बटेजा व अभियुक्त के एक अन्य साथी नीरज, जिसे उक्त प्लॉन की कोई जानकारी नहीं थी, को साथ लेकर अपने एक अन्य दोस्त अक्षय, जिसको सहारनपुर मे गोली लगी थी तथा उसका इलाज मैक्स अस्पताल में चल रहा था, को देखने के बहाने देहरादून आये तथा रात्रि में चारों अजय बटेजा के जाखन स्थित घर में रूके, योजना के मुताबिक अभियुक्त द्वारा अपनी प्रेमिका जोया उर्फ उमेरा को अजय बटेजा के पास छोड दिया तथा खुद अपने अन्य साथियों के साथ मसूरी रोड स्थित शराब के ठेके में शराब लेने चला गया, जहां उनके द्वारा गाडी मे बैठकर शराब पी गयी तथा रात्रि करीब एक बजे योजना के मुताबिक राजन अकेले अजय बटेजा के घर पहुंचा तथा अमित बटेजा अभियुक्त के साथी नीरज को बहाने से घर के बाहर से ही गाडी में बैठाकर अपने साथ ले गया था।
पुलिस कप्तान ने बताया कि घर के अन्दर जाने के बाद राजन द्वारा जोया का सहारा लेते हुये जानबूझकर अजय बटेजा को काफी शराब पिलायी तथा मौका देखकर तकिये से उसका का मुंह दबा दिया। नशा होने के कारण मृतक अजय बटेजा छटपटा नही पाया और मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गयी। घटना के बाद राजन द्वारा अजय बटेजा को पंखे पर लटकाने का प्रयास किया गया, जिससे हत्या की घटना को वह आत्महत्या का रूप दे सके, परन्तु जल्दबाजी में वह उसे पंखे से नही लटका पाया। इस दौरान उसकी नजर कमरे के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे पर पड़ी, पकड़े जान के डर से राजन सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर निकाल कर अपने साथ ले गया। घटना के बाद राजन ओटो के माध्यम से अपनी प्रेमिका के साथ आईएसबीटी पहुँचा तथा वहां से बस में बैठकर सहारनपुर चला गया था।
