राजधानी में उठी आवाज मासूमों को बचाने वालों को कप्तान करें सम्मानित

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जनता बोली, ऐसे जांबाजों का बढ़े हौसला कप्तान डोबाल दें इनाम और सराहनीय पत्र
विकासनगर (मनोज सैनी)। पछुवादून विकासनगर में एक दिल दहला देने वाली घटना उस समय सबके रौंगटे खडी कर गई थी जब एक महिला अपनी दो मासूम बच्चियों के साथ शक्ति नहर में कूद गई थी। महिला और बच्चों को नहर में बहता देख ट्रैक्टर लेकर जा रहे दो युवाओं ने पानी के तेज बहाव में मौत से भिडकर दोनो मासूम बच्चियों को बचाकर उन्हें एक नया जीवनदान दिया जबकि पानी में कूदी महिला को खोजने के लिए एसडीआरएफ की टीम सर्च ऑपरेशन चला रही है। दो युवकों ने अपनी जान की परवाह किये बगैर जिस तरह से दो मासूम बच्चियों को बचाने का साहस दिखाया उसकी राजधानी में जमकर प्रशंसा हो रही है और हर तरफ आवाज उठ रही है कि शक्ति नहर में दो मासूम बच्चियों का जीवन बचाने वाले जाबांज युवकों को जनपद के पुलिस कप्तान सम्मानित करें और उन्हें प्रशस्ति पत्र भी दें जिससे कि जनता के बीच संदेश जाये कि अगर कोई अपनी जान जोखिम में डालकर किसी की रक्षा करता है तो उसे पुलिस कप्तान सम्मान देने के लिए खुद आगे बढ़ जाते हैं।
उल्लेखनीय है कि बीते रोज विकासनगर की शक्ति नहर में एक महिला अपनी दो छोटी बच्चियों को लेकर कूद गई थी और वहां आसपास कोई नहीं था लेकिन इसी बीच ट्रैक्टर पर जा रहे दो युवकों ने अपने प्राण को संकट में डालते हुए नहर में छलांग लगाई और उन्होंने उन बच्चियों को बचाकर उन्हें नया जीवनदान दे दिया। दो मासूम बच्चियों की जान बचाने वाले जांबाज युवक मोहम्मद मुकर्रम और मोहम्मद शोएब आज पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बने हुए हैं। जिस बहादुरी और सूझबूझ के साथ दोनों युवकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना उफनती नहर में छलांग लगाकर बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाला, उसने इंसानियत की मिसाल पेश कर दी है। अब इस घटना के बाद सिर्फ विकासनगर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों और पूरे उत्तराखंड में एक ही मांग जोर पकड़ रही है इन जांबाज युवकों को सम्मानित किया जाए। आमजन खुले तौर पर देहरादून के पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोभाल से अपील कर रहे हैं कि इन युवकों को सराहनीय पत्र देकर सम्मानित किया जाए और उनका हौसला बढ़ाया जाए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
लोगों का कहना है कि जब ऐसे बहादुर लोगों को पहचान और सम्मान मिलता है, तो समाज में दूसरों की मदद के लिए आगे आने का जज्बा और मजबूत होता है। यह सिर्फ एक सम्मान नहीं होगा, बल्कि एक संदेश होगाकृकि इंसानियत आज भी जिंदा है और उसे आगे बढ़ाने वालों को समाज सलाम करता है।

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