लव जिहाद के खिलाफ उबाल

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देहरादून(नगर संवाददाता)। प्रदेश की अस्थाई की राजधानी देहरादून में एक बार फिर कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई जब बजरंग दल सहित विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में कथित रूप से बढ़ रहे देवभूमि की बदलती डेमोग्राफी, लव जिहाद, लैंड जिहाद एवं धर्मांतरण के खिलाफ सड़कों पर उतरकर पैदल मार्च निकालकर दर्शनलाल चौक व घंटाघर पर जाम लगाया जिससे चारों तरफ वाहनों की कतारें लग गई और लोगों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पडा। वहीं कार्यकर्ताओं ने मानव श्रंखला बनाकर वाहन चालकों को रोका। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने जमीन में बैठकर जाम लगा रहे कार्यकर्ताओं को समझाया और इसके बाद प्रदर्शनकारी माने और उन्होंने घंटों बाद जाम को खोला गया, पुलिस ने राहत की सांस ली।
यहां बजरंग दल सहित विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता रेंजर्स ग्राउंड में इकटठा हुए और वहां से पैदल मार्च निकाला जिसने देखते ही देखते उग्र रूप धारण कर लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने दून के सबसे व्यस्तम मार्ग घंटाघर और एस्ले हॉल क्षेत्र को पूरी तरह ठप कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों के बीचों-बीच अपने वाहन खड़े कर जाम कर दिया और धरने पर बैठ गए जिसके कारण वहां से गुजरने वाले किसी भी वाहन को आगे नहीं बढऩे दिया गया। इस दौरान अचानक हुए बड़े प्रदर्शन और जाम से राजधानी की पुलिस व्यवस्था के हाथ-पांव फूल गए। स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन ने आनन-फानन में मोर्चा संभाला और सुरक्षा के लिहाज से एस्ले हॉल से घंटाघर जाने वाले मुख्य मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया। ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को पूरे शहर का रूट डायवर्ट करना पड़ा। गांधी रोड, दर्शनलाल चौक, और चकराता रोड जैसे बेहद व्यस्त इलाकों से आने वाले वाहनों को दूसरे रास्तों पर भेजा गया, जिससे मौहल्लों व गलियों में भी लोग काफी देर तक फंसे रहे। वहीं दूसरी ओर पुलिस की यह कवायद नाकाफी साबित हुई और रूट डायवर्ट के कारण पूरे शहर में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। उग्र विरोध प्रदर्शन और अचानक लगे जाम की सबसे भारी कीमत दून के आम नागरिकों और राहगीरों को चुकानी पड़ी। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच लोग घंटों ट्रैफिक जाम में फंसे रहे।
दूसरी ओर, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बजरंग दल के पदाधिकारियों का कहना था कि उत्तराखंड की देवभूमि का डेमोग्राफी बिगाडऩे की गहरी साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लव जिहाद, लैंड जिहाद व धर्मांतरण को किसी भी दशा में सहन नहीं किया जाएगा। वहीं कहा कि भूमाफिया लैंड जिहाद के नाम पर पछवादून में बंग्लादेशियों को बसाने का काम कर रहे है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ऐसे दोषियों पर ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है। संगठनों के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार, प्रशासन व पुलिस ने इन गतिविधियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर 15 जून जिलाधिकारी कार्यालय पर अनशन किया जाएगा। इस अवसर पर विकास वर्मा, अनुज वालिया, सुभाष जोशी, डा. माधव मैठाणी, श्याम शर्मा, विशाल चौधरी, शेखर बंसल, कमल बिजलवाण, आशीष सेठी, हरीश बलूनी सहित विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।

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