आंदोलन के तीसरे दिन झुका शासन

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नगर संवाददाता
देहरादून। प्रदेश की अस्थाई राजधानी के परेड ग्राउंड इस वक्त एक भीषण मानवीय और राजनीतिक संघर्ष का अखाड़ा बना हुआ है। अपनी वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर नर्सिंग बेरोजगार अभ्यर्थियों और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला का आंदोलन अब एक आत्मघाती मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 6० घंटों से अधिक समय तक पानी की टंकी पर डटे सभी आंदोलनकारी न केवल प्रकृति की मार झेल रहे हैं, बल्कि सरकारी बेरुखी के खिलाफ आर पार की जंग का ऐलान कर चुके थे और दोपहर बाद शासन स्तर से सचिव स्वास्थ्य ने स्वास्थ्य महानिदेशक को संबोघित निर्देश में एक माह का समय सभी प्रक्रिया हल करने को कहा गया है जिसके बाद सभी पानी की टंकी से नीचे उतर आए है और उनका फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया।
इससे पूर्व वहीं ज्योति रौतेला ने सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि वह आत्मघाती कदम उठाएंगी। पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी, महेश जोशी सहित अनेक कांग्रेस नेताओं के साथ ही स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार आदि ने भी अपना समर्थन दिया था। हालांकि कैबिनेट की बैठक में नर्सिंग बेरोजगार अभ्यर्थियों का प्रस्ताव का दावा किया गया था। वहीं तीन दिन बाद आंदोलन के आगे शासन को झुकना पड़ा। इस दौरान इससे पूर्व परेड ग्राउंड में नर्सिंग बेरोजगार अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट ने कहा है कि लंबे समय से टंकी पर चढ़े नर्सिंग अभ्यर्थी एवं प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला की सरकार कोई सुध नहीं ले रही है और नर्सिंग अभ्यर्थियों की मांगों पर ठोस निर्णय लेने से कतरा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन हो गई है और लगातार तानाशाही रवैया अपना रही है जिसे किसी भी कीमत में सहन नहीं किया जाएगा। प्रतापनगर विधानसभा के विधायक विक्रम सिंह नेगी ने कहा कि सभी भूखे प्यासे टंकी पर चढ़े है लेकिन सरकार कोई सुध नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि महिला सम्मान की बात करने वाली सरकार को महिलाओं की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल आगे आकर सभी मांगों को पूरा करना चाहिए लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है जिसके लिए अब आंदोलनात्मक कदम कांग्रेस उठाएगी।
इस अवसर पर उत्तराखंड आंदोलनकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता भावना पांडे भी परेड ग्राउंड पहुंचीं, जहां उन्होंने आंदोलनरत बेरोजगार नर्सिंग कर्मियों से मुलाकात की। उन्होंने आंदोलनकारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। भावना पांडे ने कहा कि पिछले लंबे समय से नर्सिंग कर्मी अपने अधिकारों और वर्षवार चयन जैसी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाल पाई है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग कर्मियों का संघर्ष केवल रोजगार का नहीं, बल्कि सम्मान और न्याय का भी है। आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं और छोटे बच्चे भी मौजूद हैं, जो इस लड़ाई की गंभीरता को दर्शाता है। भावना पांडे ने सरकार से जल्द वार्ता कर सकारात्मक समाधान निकालने की अपील की और कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ लगातार अन्याय नहीं होना चाहिए। वहीं दूसरी ओर ज्योति रौतेला ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़कने के बाद परेड ग्राउंड में प्रशासनिक अधिकारी के साथ ही साथ विभागीय अधिकारी पहुंचे और उन्होंने टंकी पर चढ़े लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं मानें।
वहीं दूसरी ओर फेसबुक लाइव आकर ज्योति रौतेला ने कहा कि पेट्रोल से उनके शरीर में जलन और संक्रमण की शिकायतें बढ़ रही हैं। कड़ाके की धूप और बिना अन्न-जल के 6० घंटों से अधिक के संघर्ष ने सभी प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य को जर्जर कर दिया है। उन्होंने बताया कि सभी के स्वास्थ्य में भारी गिरावट आ गई है, लेकिन आंदोलनकारियों का हौसला टूटने के बजाय और उग्र हो गया है। इस दौरान ज्योति रौतेला ने शासन-प्रशासन को आज अंतिम अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय तक सरकार ने वर्षवार भर्ती प्रक्रिया पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेश में कुछ ऐसा होगा जो आज तक नहीं हुआ। उन्होंने एक बड़े आत्मघाती कदम की ओर इशारा करते हुए सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया था।
उन्होंने कहा कि सरकार व जिला प्रशासन पूरी तरह से जिम्मेदार होगा। इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सभी के संघर्ष को सराहा और कहा कि निश्चित रूप से लड़ाई जीत ली है। इस अवसर पर पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, ललित भद्री, अनुराधा सिंह, दीप वोहरा, विनित प्रसाद भट्ट, रॉबिन त्यागी, नवल पुंडीर, बॉबी पंवार, देवचंद उत्तराखंडी, राजेंद्र कुकरेती, प्रवेश रावत, अनिल, शिरा बंधानी, प्रीति धीमान, भास्कर रावत, सुभाष कुमार, पपेंद्र, हेमंत, प्रिया, सुनीता, पूजा, ऊषा, स्तुति सती, प्रकाश सिंह, मोहन सिंह सहित अनेक नर्सिंग अभ्यर्थी मौजूद रहे।

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