मोदी के सखा राजनीति के बने सिंघम

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चार साल में अपने ऊपर नहीं लगने दिया एक भी दाग
आवाम की चाहतः उत्तराखण्ड को अभी धुरंधर की बहुत जरूरत
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। देश के अन्दर प्रधानमंत्री का सबसे ज्यादा असीम लगाव उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री से हमेशा देखने को मिलता आ रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के बताये रास्ते पर चलने के लिए जो एक लम्बी लकीर खींच रखी है उसी का परिणाम है कि आज उत्तराखण्ड हर मोर्चे पर जगमग नजर आ रहा है और उत्तराखण्डवासियों को यह इल्म हो चुका है कि जो मुख्यमंत्री देश के प्रधानमंत्री का लाडला और सखा है वहीं इस उत्तराखण्ड को एक नई पहचान दिला सकता है और उसके लिए वह चार साल से रात-दिन काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के विकास के लिए जिस रास्ते को चुना हुआ है उसे देखकर उत्तराखण्ड की जनता की एक बडी चाहत है कि धाकड़ से धुरंधर बने मुख्यमंत्री की अभी राज्य को बहुत बडी जरूरत है जिससे उत्तराखण्ड आने वाले कुछ वर्षों में देश का नम्बर वन राज्य बनने की कतार में आकर खडा हो जाये। सबसे अहम बात यह है कि चार साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री ने अपने ऊपर एक भी दाग नहीं लगने दिया जिसके चलते राज्य की जनता उन्हें स्वच्छ छवि का राजनेता मानकर उन्हें सत्ता में बने रहने का अभेद आशीर्वाद दे रही है।
उत्तराखण्ड के अन्दर चार साल से सरकार चला रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड के एक-एक जिले को गुलजार करने के लिए जिस विजन के साथ अपने कदम आगे बढा रखे हैं उसे देखकर राज्य की जनता और भाजपा की दिल्ली में मौजूद बडी लीडरशिप उन्हें राजनीति का धुरंधर मान चुकी हैं। चार साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री ने कभी द्वेष भावना से राजनीति नहीं की और सबका साथ सबका विकास की तर्ज पर वह सबको साथ लेकर चलने में ही विश्वास दिखाते आ रहे हैं। चार साल के लम्बे कार्यकाल में उन्हें सियासत का एक धुरंधर मान लिया गया है और धुरंधर की पदवी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को संदेश दिया है कि अब धाकड होने का उन्हें जो ईनाम रूपी ताज मिला है उसके चलते वह उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में एक नई उडान पर ले जाने के लिए हमेशा अगली पक्ति में खडे दिखाई देंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जब भाजपा हाईकमान ने पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को हटाकर उन्हें मुख्यमंत्री की कमान सौंपी थी तो उन्हें छह माह के भीतर एक बार फिर राज्य के अन्दर सरकार लाने का बडा मिशन सौंपा गया था। मात्र छह माह के भीतर सरकार की वापसी का बडा टास्क पुष्कर सिंह धामी के लिए एक बडी चुनौती था लेकिन उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया तो उस समय उनके मन मे एक ख्याल था कि अगर वह सरकार लाने मे असफल हुये तो उनका राजनीतिक भविष्य खत्म हो जायेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड का जन्म होने के बाद से ही राज्य की राजनीति को करीब से पहचाना और उन्हें इस बात का इल्म था कि सरकार चलाने के लिए एक कुशल राजनेता को किस दिशा मे आगे बढ़ना है।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छ सरकार चलाने के लिए अपनी किचन टीम मे एक से एक धाकड़ अफसरांे को साथ रखा तो वह सभी उत्तराखण्ड को एक नया उत्तराखण्ड बनाने की दौड़ में बडे विजन के साथ काम करने लगे। उत्तराखण्ड मे सबसे बडी चुनौती राज्य को अपराध और माफियामुक्त करने की हमेशा से ही रही और अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्री इन दोनो चुनौतियों पर कभी खरे नहीं उतर पाये और उसी के चलते आवाम के मन मे यह नाराजगी पनपती थी कि आखिरकार सरकार इतनी कमजोर कैसे हो सकती है कि वह माफियाराज को खत्म करने की दिशा मे आगे बढ़ ही नहीं पाई। मुख्यमंत्री ने धाकड़ अंदाज मे सरकार चलाने का जो दौर शुरू कर रखा है उससे राज्य की जनता युवा मुख्यमंत्री की स्वच्छ कार्यशैली से खूब गदगद है और उन्हें यह विश्वास हो गया है कि जो उत्तराखण्ड तेइस सालों से विकास की राह पर आगे नहीं बढ़ पाया था वह उत्तराखण्ड अब हर तरफ विकास की नई दास्तां लिख रहा है।
उत्तराखण्ड का इतिहास गवाह है कि राज्य की सत्ता चलाने वाले अधिकांश एक्स मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल पर हमेशा उंगलियां उठती रही और आवाम इस बात को लेकर काफी नाराज दिखता रहा कि जिस उद्देश्य को लेकर उत्तराखण्ड का गठन किया गया था वह कभी पूरा ही नहीं हो पाया? उत्तराखण्ड मे भ्रष्टाचार, घोटाले, अपराधी और माफियाराज के काले साये से राज्य की जनता हमेशा डरती रही और अधिकांश सरकारों ने इस काले साये से आवाम को आजादी दिलाने के लिए कभी कोई कोई पहल नहीं की इसी के चलते उत्तराखण्ड मे अकसर भाजपा व कांग्रेस के हाईकमान अपने पूर्व मुख्यमंत्रियों को गद्दी से हटाने के लिए आगे आते रहे। वहीं उत्तराखण्ड की कमान जबसे युवा मुख्यमंत्री ने संभाली है तबसे उन्होंने हर दिन उत्तराखण्ड के विकास का खाका खींचने मे ही अपनी सारी ताकत झोंक रखी है और उनके विजन को देखते हुए देश के प्रधानमंत्री से लेकर उनकी कैबिनेट के मंत्री उत्तराखण्ड के विकास के लिए बडी-बडी योजनायें मुख्यमंत्री की झोली मे डाल रहे हैं। चार साल से देश के प्रधानमंत्री के लाडला और सखा पुष्कर ंिसह धामी राजनीति के सिंघम बनकर आवाम के सपनों को पंख लगा रखे हैं।

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