आवाम का शोर आखिर सच हुआ

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‘लायन’ बनकर सरकार चलाते सीएम
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड बनने के बाद से ही राज्यवासियों को हमेशा अपने मुख्यमंत्रियों से एक उम्मीद रहती थी कि वह इस छोटे से राज्य को अपराधियों, माफियाओं, भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों से आजाद करने के लिए आक्रामक अंदाज में सरकार चलायेंगे। हालांकि आवाम का यह सोचना हर सरकार में हवा-हवाई होता चला गया और राज्य विकास के पथ पर तो पिछडता ही गया, साथ में राज्य के अन्दर अपराधियों, माफियाओं, भ्रष्टाचारियों, घोटालेबाजों और लव जिहाद का खतरनाक खेल खेलने वालों के हौसले इतने बुलंद होते चले गये कि वह अपनी दबंगई से आवाम की आवाज को कुचलने से भी बाज नहीं आते थे। उत्तराखण्ड में भले ही सरकार चाहे कांग्रेस की रही या भाजपा की लेकिन पूर्व सरकारों के मुख्यमंत्रियों में वो जज्बा कभी देखने को मिला ही नहीं था कि वह राज्य को गुलजार करने और उसे शैतानों से आजादी दिलाने के लिए कोई धाकड़ एक्शन ले पाते?
उत्तराखण्ड की कमान जब युवा मुख्यमंत्री को मिली तो राज्यवासियों को तिनकाभर भी इल्म नहीं था कि युवा मुख्यमंत्री उनकी उम्मीदों में एक बडा पंख लगा देगा। मुख्यमंत्री ने सरकार चलाने के लिए फायर और फलावर अंदाज अपनाया और उनके इस फायर रूप से जहां उत्तराखण्ड को अशांत करने वाले शैतानों पर मुख्यमंत्री ने जमकर प्रहार किया तो वहीं उन्होंने अपने फलावर रूप से राज्य की जनता का दिल जीतकर अपने आपको उत्तराखण्ड का ब्यूटीफूल मुख्यमंत्री बना दिया। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जहां विपक्ष बडे-बडे दावे कर रहा है वहीं मुख्यमंत्री को आम जनमानस यह संदेश दे रहा है कि उनके विकास पर ही वह अपनी मोहर लगायेंगे। चार साल से धाकड़ अंदाज में सरकार चला रहे मुख्यमंत्री ने अपराधजगत को जब मसलना शुरू किया तो उनमें एक बडा डर देखने को मिलता आ रहा है। मुख्यमंत्री ने हर उस अपराधी की नाक में नकेल डाली जिसने राज्य के अन्दर कोई अपराध करने का दुसाहस किया। मुख्यमंत्री के कार्यकाल में जहां पुलिस शेर की तरह दहाडते हुए अपराधियों पर झपटने के लिए आगे बढ़ी तो वहीं कुछ बडे अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारे गये और सैकडों गौ तस्कर, अपराधी पुलिस की आमने सामने की मुठभेड में गोलियां लगने से अस्पतालों में पहुंचे। पुलिस के हाथों गोलियां खाने वाले अपराधियों ने अस्पतालों में पुलिस अफसरों के सामने खुली भीख मांगी कि वह उत्तराखण्ड के अन्दर कभी अपराध करने के लिए प्रवेश नहीं करेंगे।
उत्तराखण्ड मे सियासत मे नये सितारे बन चुके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में होने वाले हर छोटे-बडे चुनाव के प्रचार की कमान खुद संभाली और उन्होंने आवाम के बीच जो संदेश दिया वह संदेश आवाम को मुख्यमंत्री की गारंटी नजर आई और इसी के चलते मुख्यमंत्री पर राज्य की जनता ने विश्वास करते हुए सभी चुनाव में कमल खिलाकर भाजपा में अपनी आस्था दिखाई और दो टूक संदेश दिया कि उन्हें ’लायन’ जैसा मुख्यमंत्री मिला है जो लायन की तरह ही सरकार चला रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने आपको आवाम के सामने दो रूप मे रखा हुआ है जहां वह एक रूप मे आवाम के सामने फलावर हैं तो अपराधियों व माफियाओं के लिए वह हमेशा फायर दिखाई दिये। आवाम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इसलिए भी राजनीति का शेर मान रहा है क्योंकि उन्होंने जिस तरह से उत्तराखण्ड में वर्षों से चल रहे लैड और लव जिहाद पर बडा प्रहार किया था उससे आवाम को यह विश्वास हो गया था कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड की जनता के रक्षक भी हैं और यही कारण है कि राजनीति के धाकड़ बने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अब अपनी चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद राज्य की जनता के लिए धुरंधर बन गये हैं जो राज्य के विकास के लिए धुंआधार बैटिंग कर रहे हैं।

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