चार साल से बेदाग सरकार चलाते धामी
मोदी और अमित शाह की आंखों के तारे हैं पुष्कर
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री शानदार चार साल का कार्यकाल पूरा करने जा रहे हैं और उन्होंने देशभर के अन्दर बडा संदेश दे रखा है कि उन्हें भ्रष्टाचार से सख्त खुन्नस है और इसी के चलते वह भ्रष्टाचारियों की नाक में नकेल डालने से पीछे नहीं हट रहे हैं। उत्तराखण्ड की वादियों में जो चंद सरकारों के अन्दर दलालों का बोलबाला रहा करता था उन दलालों को मुख्यमंत्री ने नेस्तनाबूत करके रख दिया है जिसके चलते आज धामी के आसपास भी कोई दलाल प्रवेश करने की हिम्मत नहीं कर सकता और यही कारण है कि देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री मुख्यमंत्री की स्वच्छ कार्यशैली के कायल हैं। उत्तराखण्ड में हमेशा प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री की यह कहकर पीठ थपथपाई है कि वह विकास पुरूष हैं और विकास के जिस पथ पर वह आगे बढ़ रहे हैं उससे साफ हो गया है कि वह उत्तराखण्ड को देश के अन्दर अग्रणीय राज्यों में लाने के लिए तेजी के साथ आगे बढे़़ हुये हैं। सीएम अपने चार साल का शानदार कार्यकाल पूरा करने जा रहे हैं और उनके इस कार्यकाल से भाजपा के दिल्ली में मौजूद दिग्गज राजनेताओं को अभिमान है कि उत्तराखण्ड को एक स्वच्छ छवि का मुख्यमंत्री मिला हुआ है जो रात-दिन सिर्फ और सिर्फ विकास की उडान भर रहा है।
उत्तराखण्ड में जब युवा राजनेता को भाजपा हाईकमान ने मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन किया तो उन्हें राज्य में एक नई इबारत लिखने का संदेश दिया और उन्हें राज्य को भ्रष्टाचार और घोटालों से मुक्त करने का पाठ पढाया था जिसके चलते राज्य के मुख्यमंत्री ने अधिकांश पूर्व सरकारों में चले आ रहे भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों के खिलाफ जब अपना हंटर उठाया तो उससे भ्रष्ट सफेदपोश और अफसरों में हडकम्प मच गया और उन्हें इस बात का इल्म हो गया कि पुष्कर राज में अब वह खेल नहीं चलेंगे जो वह बाइस सालों से खेलते आ रहे थे? धामी सरकार में कुछ ईमानदार अफसरों की महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती राज्यवासियों को एक सुखद अनुभव दे रही है और उन्हें इस बात का इल्म है कि पुष्कर की टीम में कुछ ईमानदार अफसर ऐसे हैं जिन्हें भ्रष्टाचार के नाम से ही एक बडी ‘खुन्नस’ है और वह भ्रष्टाचार के नाम से ही आग बबूला हो जाते हैं इसी का परिणाम है कि मुख्यमंत्री की दूसरी पारी स्वच्छता के साथ आगे बढती हुई दिखाई दे रही है और उनकी टीम के कुछ ईमानदार अफसर हर उस भ्रष्टाचार पर अपनी नजरें लगाये रहते हैं जिनसे सरकार को आवाम के सामने कटघरे में खडा होना पड सकता है? भ्रष्टाचार करने वाले काफी चेहरों को इस बात का इल्म है कि भले ही राज्य के मुख्यमंत्री समूचा राज्य देखने के कारण हर चीज पर अपनी नजर न लगा सकते हों लेकिन उनकी टीम के कुछ ईमानदार अफसर सरकार को पारदर्शिता के साथ चलाये रखने के लिए हर तरफ अपनी पैनी निगाहे बनाकर रखते हैं जिससे कोई भी अफसर भ्रष्टाचार का खेल खेलने में कामयाब न हो पायें?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने के लिए सबसे पहले भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों को अपनी रडार पर लेकर उनके खिलाफ बडा ऑपरेशन शुरू किया हुआ है उससे भ्रष्ट सफेदपोश और राज्य में भ्रष्टाचार से अकूत दौलत कमाने वाले काफी अफसरों की नींद उड गई थी और उन्हें इस बात का इल्म हो गया था कि पुष्कर राज में भ्रष्टाचार का वह खेल नहीं खेल पायेंगे? मुख्यमंत्री की अभेद किचन टीम के अफसर सरकार को सही दिशा में ले जाने के लिए आगे बढते गये और उसी का परिणाम रहा कि राज्य के अन्दर सत्ता संभालने वाले पुष्कर सिंह धामी ने अपने अब तक के कार्यकाल में राज्यवासियों का दिल जीतकर एक बार फिर भाजपा की सरकार को सत्ता का सुख दिला दिया था। अपनी दूसरी राजनीतिक पारी खेलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचारियों व घोटालेबाजों के खिलाफ जिस तरह से एक बाद एक बडे ऑपरेशन शुरू किये उससे राज्य के अन्दर एक बडा संदेश चला गया कि अब राज्य में कोई भी भ्रष्टाचार और घोटाले का तांडव नहीं कर पायेगा? मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार के नाम से ही एक बडी ‘खुन्नस’ है और वह विभागों में पनपते रहे भ्रष्टाचार को जड से उखाडने के लिए जब आगे बढने लगे तो उससे कुछ बडे व छोटे भ्रष्ट अफसरों की नींद उडने लगी और उन्हें हमेशा इस बात का भय सताता रहता था कि कहीं उनके अफसर उन पुरानी फाइलों को भी न खुलवा दें जिनमें उन्होंने भ्रष्टाचार का खेल खेलकर खूब दौलत कमाई थी? मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के अन्दर पारदर्शिता व स्वच्छता के साथ अगर सरकार चला रहे हैं तो इसके पीछे उनके चंद ईमानदार अफसरों का बडा योगदान है जो राज्य में हर तरफ यही निगाहें लगाये रहते हैं कि किसी विभाग मंे भ्रष्टाचार का खेल तो नहीं चल रहा? मुख्यमंत्री का चार साल का कार्यकाल बेदाग होने से देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री हमेशा मुख्यमंत्री को एक बडे विजन वाला राजनेता मान चुके हैं।
