सीएम बदलने का शोर मचाने वालों के मुंह पर लगेगा ‘तमाचा’
मोदी और शाह की पहली पसंद हैं धाकड़ धामी
नवरात्रों में विधायकों को मंत्री पद का तोहफा देंगे पुष्कर
आवाम बोलाः धामी जैसा राजनेता हजारों में होता है एक
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के धाकड़़ मुख्यमंत्री के खिलाफ भले ही कितनी साजिशें रची जा रही हों और चाहे उनको बदलने का कितना शोर मचता आ रहा हो लेकिन हकीकत यह है कि मोदी और शाह की पहली पसंद हैं धाकड़ धामी। एक दशक से मुख्यमंत्री को बदलने का शोर मचाने वालों के मुंह पर दो-तीन दिन में तमाचा लगने वाला है क्योंकि मुख्यमंत्री ने जब भाजपा हाईकमान को राज्य में पांच मंत्री बनाये जाने का प्रस्ताव दिया तो उनके प्रस्ताव पर हाईकमान ने अपनी मोहर लगा दी है। उत्तराखण्ड के अन्दर धामी सरकार में पांच मंत्री बनने के बाद उन साजिशों का अंत हो जायेगा जो एक लम्बे दशक से की जा रही थी। मोदी-शाह ने साजिशकर्ताओं को एक ही पाठ पढा दिया है कि धामी सरकार, थी… है…रहेगी…। मुख्यमंत्री पर देश के दो दिग्गज राजनेताओं ने जिस तरह से अभेद भरोसा दिखाया है उससे साफ संदेश चला गया है कि 2027 का विधानसभा चुनाव धाकड़ धामी की अगुवाई में लड़ा जायेगा और उस चुनाव में फतह करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक लम्बी लकीर खींच दी है जिससे कहीं न कहीं कांग्रेस के अन्दर भी एक बडी बेचैनी पैदा हो गई है कि अब वह धामी के हाथों से कैसे सरकार अपने पाले में खींच पायेंगे?
उत्तराखण्ड में चार साल से धाकड़ अंदाज में सरकार चला रहे मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी की राह में कांटे बिछाने के लिए हमेशा पार्टी के कुछ नेता पर्दे के पीछे रहकर एक बडा खेल खेलते रहे हैं। मुख्यमंत्री के खिलाफ साजिशों का जो खेल एक दशक से चलता आ रहा है उसकी गूंज हमेशा भाजपा हाईकमान से लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के सामने गूंजती रही है। नरेन्द्र मोदी और अमित शाह ने चार साल से सरकार चला रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर अपना अभेद भरोसा कर रखा है और उन्हें उत्तराखण्ड का विकास पुरूष मानकर राज्य को वह विकास की नई उडान पर ले जाने के लिए बडी-बडी योजनायें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की झोली में डालते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड की जनता के दिलों में जो जगह अपने लिए बनाई है उसका इल्म भाजपा हाईकमान को भी है। मुख्यमंत्री का एक ही विजन है कि सबका साथ सबका विकास।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक लम्बे समय से 2027 का चुनावी रण जीतने के लिए पार्टी नेताओं और संगठन के साथ मिलकर बडी योजना के तहत काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में विकास की जो नई बयार बहाई है उसका आईना राज्य की जनता देखती आ रही है और उन्होंने मान लिया है कि उत्तराखण्ड को एक नया उत्तराखण्ड बनाने के लिए पुष्कर सिंह धामी जैसा राजनेता आज तक न उत्तराखण्ड को मिला है और न ही मिलेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का विश्वास जीत रखा है और उन्हें यह आईना दिखा रखा है कि वह चार साल से बेदाग सरकार चला रहे हैं। उत्तराखण्ड में मंत्री मंडल का विस्तार करने को लेकर पुष्कर सिंह धामी ने देश की लीडरशिप को जब अपना प्रस्ताव दिया तो उस प्रस्ताव पर एक बार मे ही मोहर लगा दी गई। सम्भावना व्यक्त की जा रही है कि दो तीन दिन में ही धामी कैबिनेट में पांच और नये मंत्री शामिल होंगे और नवरात्र में भाजपा के पांच विधायकों को मुख्यमंत्री मंत्री पद का जब गिफ्ट देंगे तो उन साजिशकर्ताओं के मुंह पर भी करारा तमाचा लगेगा जो एक साजिश के तहत मुख्यमंत्री को बार-बार बदले जाने का भोपू बजाते आ रहे थे।
