डबल इंजन सरकार में मजबूत है स्वास्थ्य सेवायें

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सीएम का संकल्पः इलाज के अभाव में किसी पर नहीं आयेगा संकट
संसद में भी गूंजा उत्तराखण्ड में है बेहतर स्वास्थ्य सिस्टम
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। देश के संसद में भी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री ने खुलासा किया कि देशभर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से राज्यों को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। राज्यों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों के आधार पर स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने, स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा सेवाओं के विस्तार के लिए अनुमोदन दिया जाता है। डबल इंजन सरकार में उत्तराखण्ड के अन्दर स्वास्थ्य सेवायें मजबूत हैं। वहीं चार साल से राज्य के मुख्यमंत्री ने संकल्प लिया हुआ है कि इलाज के अभाव में किसी व्यक्ति पर भी कोई संकट नहीं आयेगा। धामी राज में उत्तराखण्ड के अन्दर बेहतर स्वास्थ्य सिस्टम है इस पर संसद में भी मोहर लग गई है जिससे साफ नजर आ रहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सीएम ने कितनी बडी उडान भरी हुई है।
उत्तराखण्ड के युवा मुख्यमंत्री ने शपथ लेते ही उत्तराखण्ड की स्वास्थ्य सेवाओं को प्राईवेट अस्पतालों की तर्ज पर बेहतर करने के एजेंडे के तहत मिशन शुरू किया और इस मिशन को धरातल पर उतारने के लिए राज्य के स्वास्थ्य सचिव ने समूचे राज्य के अन्दर स्वास्थ्य सेवाओं को हाई क्लास का बनाने के लिए समूची शक्ति लगा दी है और पहाडों में अस्पतालों के लिए बनाई गई खाली पडी इमारतों में डाक्टरों की तैनाती और वहां सभी सुख सुविधायें देने का जो काम शुरू कर रखा है उससे राज्य के पहाडी जनपदों में रहने वाले लाखों ग्रामीणों के मन मंे एक आस जाग गई है कि अब इलाज के अभाव मंे उन्हें मौत के आगोश में नहीं जाना पडेगा। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री का राज्य को आदर्श राज्य बनाने का सपना स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने से भी आगे खडा हुआ नजर आ रहा है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बडी सोच वाले राजनेता हैं और उन्हें उत्तराखण्ड का हर दर्द मालूम है कि कहां-कहां आवाम को दर्द झेलना पड़ता है। मुख्यमंत्री के सामने सबसे बडी चुनौती उत्तराखण्ड के स्वास्थ्य महकमें को मजबूत करने की बनी हुई थी और पहाडों में जिस तरह से सरकारी अस्पतालों की दशा देखने को मिलती रही उसका आभास युवा मुख्यमंत्री को भलीभांति था इसलिए उन्होंने पहाडी जनपदों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के मिशन में अपने कदम तेजी से आगे बढ़ा रखे हैंे। मुख्यमंत्री के आदेश पर स्वास्थ्य महकमा मैदान से लेकर पहाडी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को प्राईवेट अस्पतालांे की भांति मजबूत करने के लिए एक बडी पहल शुरू कर रखी है। उन्होंने अपने मन में एक ही धारणा बनाई कि हर इंसान का जीवन बचाना सरकार की जिम्मेदारी है इसलिए किसी भी व्यक्ति को इस बात का पछतावा न रहे कि उसका कोई अपना इलाज न मिलने के कारण उनसे जुदा हो गया? मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जो कि खुद पहाडी जनपद खटीमा से आते हैं और वह जानते हैं कि गरीब से गरीब इंसान के लिए आज के युग में प्राईवेट अस्पताल मंे इलाज कराना कितनी बडी चुनौती हो चुका है इसलिए हर इंसान को सरकार उनका इलाज सरकारी अस्पतालों मंे बेहतर से बेहतर कराने के लिए अब संकल्पबद्ध दिखाई दे रही है।
वहीं संसद में भी उत्तराखण्ड की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल पूछा गया तो केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने साफ कहा कि डबल इंजन सरकार में उत्तराखण्ड के अन्दर स्वास्थ्य सेवायें मजबूत हैं। संसद में भी उत्तराखण्ड की स्वास्थ्य सेवायेें मजबूत होने पर जिस तरह से मोहर लगी है उससे साफ नजर आ गया है कि धामी राज में स्वास्थ्य सेवायें बेहतर हैं।

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