मां की सामुहिक आरती में उमडे़ अपार भक्त

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देहरादून(संवाददाता)। आज प्रथम नवरात्र नव सवस्तर 2083 के दिन 73 वां वार्षिक ध्वजारोहण महोत्सव की प्रथम बेला में आज मां कालिका का अभिषेक प्रातः पांच बजे प्रारंभ हुआ जिसमें दूध, दही, घी, शक्कर, इत्यादि जल से मां को पंचामृत बनाकर स्नान कराया गया व हरे रंग के नवीन वस्त्र धारण कराए गए। मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य चन्दर प्रकाश ममगाई द्वारा मंदिर में घट स्थापना किया गया व सभी देवी देवताओं को आमंत्रित कर उनका पूजन किया गया जिसमें घंटी पूजन, शंख पूजन, सूर्य पूजन, गणेश पूजन लक्ष्मी पूजन, व नवग्रह पूजन अनादि देवताओं का पूजन पुजारी द्वारा किया गया।
मां दुर्गा की ढोल बाजे के साथ अपार भक्तों द्वारा मां की सामूहिक आरती हुई। मंदिर समिति द्वारा आमंत्रित किए गए उत्तराखंड से विद्वान 108 ब्राह्मणों को तिलक किया गया तत्पश्चात सभी ब्राह्मणों ने स्वस्तिवाचन व संकल्प लेकर मां दुर्गा सप्तशती का पाठ व माँ दुर्गा का जाप प्रारंभ किया। 108 ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तशती का पाठ व जाप प्रातः एवं सायकल दोनों समय चलता रहेगा। मंदिर के पुजारी चंद्र प्रकाश ममगई द्वारा आज रोद्र नाम का नव संवत्सर सुनाया गया सनातनी हिंदू नव वर्ष ‘रौद्र’ नामक संवत्सर आज चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि वसंत नवरात्र से प्रारंभ हो गया है। संवत्सर का वहां चटक होने से पेयजल की कमी अनावृष्टि सामान्य लोक परेशान व्याकुल रहेंगे और तिल तेल धन्य गाना फल फूल सब्जियां अत्यधिक महंगी होगी। रोहिणी का वास समुद्र में होने से कहीं पर अधिक वर्षा लेकिन बिहार मध्य प्रदेश उड़ीसा उत्तर प्रदेश आदि कुछ स्थानों पर वार्ड प्रकोप के कारण जनधन कृषि की हानि होगी। संवत का वास माली के घर में होने से विपुल मात्रा में वर्षा होगी पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि फूल का उत्पादन अच्छा होगा दैनिक उपभोग की वस्तुएं दूध दालें आदि महंगी होगी। इस वर्ष के राजा बृहस्पति तथा मंत्री मंगल होने से राजनीतिक सत्ता पक्ष में उथल-पुथल, उतार चढ़ाव अग्निकांड, दुर्भिक्ष, कहीं पर अत्यधिक वर्षा कहीं पर सूखाग्रस्त, स्वर्ण आभूषण रत्न, अत्यधिक महंगे स्तर पर रहेंगे, लाल वस्तुएं अत्यधिक महंगी रहेगी, अर्थ लोलुपता ही श्रेष्ठ साधन होगा। इन सभी से बचाव हेतु ईस्ट आराध्य सतगुरु, शक्ति की उपासना ही लाभदायक होगी। मन्दिर के पुजारी कविन्दर सेमवाल ने मां कालिका यज्ञशाला में दैनिक यज्ञ के साथ आज दुर्गा सप्तशती गायत्री मृत्युंजय, विष्णु सहस्रनाम, नवग्रह अनादि मंत्र के माध्यम से समस्त विश्व कल्याण हेतु उपद्रव शांति हेतु आहुतियां प्रदान की गयी जो कि दैनिक हवन के साथ के राम नवमी तक जारी रहेगी।
सिंदुरिया हनुमान मंदिर में मंदिर के ही मुख्य पुजारी के नितृत्व मे राम चरित्र मानस का नवहन पाठ प्रारंभ हुआ जिसमें भी घट स्थापन, गणेश पूजन, लक्ष्मी पूजन,भगवान शंकर पूजन, सूर्य पूजन, नवग्रह पूजन अनादि देव का पूजन मंदिर के पुजारी द्वारा किया गया। प्रातः साढे नौ बजे से मां अन्नपूर्णा में सर्वप्रथम पधारे हुए 108 ब्राह्मणों व संत समाज ने जलपान प्रसाद ग्रहण किया तत्पश्चात अपार भक्तो दुवारा जलपान किया गया। दोपहर साढे बारह बजे मंदिर प्रांगण में विशेष भंडारे का आयोजन किया गया। सायकल पांच बजे मंदिर खुलने के पश्चात 108 ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तशती का पाठ प्रारंभ हुआ जो कि सात बजे तक चला तत्पश्चात मां जगदंबा की सामूहिक आरती 108 ब्राह्मण व अपार भक्तों द्वारा की गई। आरती से पूर्व सर्वप्रथम दुर्गा चालीसा दुर्गा कवच का पाठ हुआ तत्पश्चात मां की आरती हुई आरती के पश्चात प्रसाद वितरण हुआ। प्रचार मन्त्री ने बताया कि 108 ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तशती का पाठ प्रातः एवं सायकल दोनों ही समय चलेगा तथा सिंदुरिया हनुमान मंदिर मे रामचरित मानस का पाठ चलेगा। इस अवसर पर समिति के ट्रस्टी गगन सेठी, रमेश सहानी, नरेश मैनी, उमेश अशोक लाम्बा, भारत भूषण शर्मा, संजय आनंद, विजय अरोड़ा, सतीश मेहता, अमित भाटिया जय किशन कक्कड, मोहित बंगा, नीरज जिंदल, शैंकी डोरा, महेश डोरा, श्याम अरोरा, संजीव शर्मा, साहिल आहूजा, अभिषेक वादवा व अपार भक्त समाज उपस्थित थे।

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