धामी की नजर ‘विकसित उत्तराखंड’ पर
मिशन-2027 के लिए भी कस ली है कमर
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने अभी तक के कार्यकाल में ऐसे कई कार्य किए हैं, जिनकी वजह से उनकी वाहवाही पूरे देश में होती आई है। सीएम धामी द्वारा उठाए गए हर एक कदम के पीछे उनकी यहीं मंशा होती हैै कि वह उत्तराखण्ड को विकास की दीशा में आगे बढ़ा सकें। हाल ही में भराड़ीसैंण विधानसभा में संपन्न हुए सत्र में उनके द्वारा पेश किया गया बजट कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। उत्तराखण्ड के विकास के लिए इस बजट में जो मुख्यमंत्री जो धनराशि स्वीकृत की हैं उसको देखकर विपक्षियों की आंखे भी फटी फटी की रह गई थी। उत्तराखण्ड के लिए धनराशि स्वीकृत करने के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास के लक्ष्य को साधने का काम किया है। यह तो सर्वविदित है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकासित उत्तराखण्ड का सपना देखा हुआ है और दोनों ही मित्र अपने-अपने स्तर पर इस सपने को पूरा करने में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘विकल्प रहित संकल्प’ का नारा दिया है और इस नारे को धरातल पर उतारने के लिए वे वचनबद्ध हैं। राज्य में डबल इंजन की सरकार जनहित में लगातार काम कर रही है और इसमें निरंतरता बनाए रखने के लिए सीएम धामी ने 2027 के विधानसभा चुनाव का भी रोड मैप तैयार कर लिया है और इसकी झलकी उनके बजट में भी साफ देखने को मिली है। अपने बजट में उन्होंने युवाओं, महिलाओं से लेकर समाज के हर तबके लिए बहुत कुछ किया है। सबका साथ, सबका विकास, इस वाक्य को सीएम धामी केवल नारा नहीं मानते हैं बल्कि इस वाक्य को सार्थक करने के लिए भी वह हरेक प्रयास करते हैं और इसका प्रमाण तब भी देखने को मिला जब उन्होंने बजट का पिटारा खोला है। उनका लक्ष्य है कि उत्तराखंड को विकास की बुलंदियों पर पंहुचाना और इसलिए वह अपने लक्ष्य पर निगाहें गढ़ाए हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों संपन्न हुए बजट सत्र के दौरान विपक्षी दल कांग्रेस, सरकार पर काफी हमलावर दिखाई दे रही थी। कांग्रेस के आरोपों से ऐसा लग रहा था मानो बीते चार साल में धामी सरकार ने राज्यहित में कोई भी अच्छा कार्य किया ही न हो। सत्र के दौरान जब कांग्रेस के आरोपों का सिलसिलेवार जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री आगे आए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया और विपक्षी दल कांग्रेस के पास मुख्यमंत्री के तथ्यों का कोई भी सटीक जवाब देखने को नहीं मिला। अपनी सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए सीएम धामी ने कहा था कि उनकी सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा भी करती है। बात आंकड़ों की हुई तो सीएम धामी ने बताया कि अभी तक 3885 घोषणाओं में से 2408 घोषणाओं को जमीन पर उतारा जा चुका है और बाकी की घोषणाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। उनका कहना था कि योजनाओं को परिणाम में बदलना ही उनकी सरकार की खासियत है और इसका लाभ उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को प्राप्त होता है। प्रदेश के युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उनकी सरकार ने रोजगार और स्वरोजगार के लिए हजारों उद्योग और स्टार्टअप स्थापित किए हैं। उत्तराखण्ड के विकास के लिए इस बजट में जो मुख्यमंत्री जो धनराशि स्वीकृत की हैं उसको देखकर विपक्षियों की आंखे भी फटी फटी की रह गई थी। उत्तराखण्ड के लिए धनराशि स्वीकृत करने के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास के लक्ष्य को साधने का काम किया है। यह देखकर काफी हर्ष होता है कि पहली बार उत्तराखण्ड में सत्ता की कमान ऐसे हाथों में है जिनका लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ विकास है और वे अपने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दिन रात एक किए हुए हैं। ‘विकासित उत्तराखण्ड’ के सपने को साकार करने के लिए उनकी कर्तव्यनिष्ठा देखते हुए ही बनती है। एक प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ पुष्कर ंिसह धामी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी कहे जाने वाली भाजपा के सिपाही भी हैं। अगले वर्ष उत्तराखण्ड में विधानसभा चुनाव भी है और उसको लेकर भी पुष्कर सिंह धामी ने एक सिपाही की तरह मिशन-2027 की तैयारियांेें में तेजी ला दी हैं और इसका अक्स कहीं न कहीं उनके द्वारा प्रस्तुत किए बजट में भी साफ नजर आ रहा है। विकास के लक्ष्य को साधना और मिशन-2027 के लिए कमर कसना, ऐसा तो कोई दिव्य पुरूष ही कर सकता है।
अभी लंबा चलेगा ‘धामी का शासन’
एक मुख्यमंत्री के तौर पर शासन करते हुए पुष्कर सिंह धामी को भले ही लगभग चार-साढ़े चार साल का ही समय हुआ हो लेकिन उनकी कार्यशैली यह बताती है कि मानो वह इस जिम्मेदारी को कितने लंबे समय से निभा रहे हों। जिस प्रकार गुजरात, बिहार, मध्य प्रदेश जैसे जिलों में एक ही मुख्यमंत्री ने लंबे समय तक शासन किया, लोग मानने लगे हैं कि ठीक उसी प्रकार पुष्कर सिंह धामी भी उत्तराखण्ड में शासन करेंगे क्योंकि जिस विकासपरक सोच के साथ गुजरात, बिहार, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने कार्य करते हुए अपने-अपने राज्यों को विकास की दिशा में आगे बढ़ाया, ठीक उसी सोच के साथ मौजूदा समय में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कार्य कर रहे हैं और इसी वजह से यह कहना गलत नहीं होगा कि अभी धामी का शासन लंबा चलेगा।
